खाली पेट गर्म पानी पीने का ट्रेंड क्यों हो रहा है वायरल… क्या सच में निकलते हैं टॉक्सिन? जानिए वायरल ट्रेंड की सच्चाई

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक साधारण सी आदत अचानक चर्चा में आ गई है-सुबह खाली पेट गर्म पानी पीना। पश्चिमी देशों में कई इन्फ्लुएंसर इसे नई हेल्थ ट्रिक बताकर प्रचार कर रहे हैं।


एक वायरल वीडियो में कंटेंट क्रिएटर क्रिस्टल ने मजाकिया अंदाज में अपने फॉलोअर्स से कहा कि “खाली पेट गर्म पानी मत पीना… जब तक कि आप शरीर से टॉक्सिन बाहर नहीं निकालना चाहते।”


इसके बाद उन्होंने बताया कि जब उन्होंने यह आदत अपनाई तो उन्हें कई बदलाव महसूस हुए। उनके मुताबिक सुबह गर्म पानी पीने से शरीर हल्का महसूस होता है, चेहरे की सूजन कम होती है और त्वचा भी बेहतर लगती है।


वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने कमेंट में लिखा कि वे भी इस आदत को अपनाने वाले हैं।


पश्चिम में नया, एशिया में पुरानी परंपरा
हालांकि इंटरनेट इसे नया ट्रेंड बताकर पेश कर रहा है, लेकिन एशिया के कई देशों में यह आदत सदियों से चली आ रही है।


पारंपरिक चीनी चिकित्सा और आयुर्वेद दोनों ही सुबह गर्म पानी पीने की सलाह देते हैं। माना जाता है कि इससे पाचन तंत्र सक्रिय होता है और शरीर की कई प्रक्रियाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं।

trend of drink hot water

आयुर्वेद में क्यों दी जाती है सलाह?

फंक्शनल न्यूट्रिशनिस्ट और ‘वेलनेस फॉर ऑल’ की संस्थापक देबजानी गुप्ता बताती हैं कि आयुर्वेद में गर्म पानी को पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है।

 

उनके अनुसार पानी शरीर से कई अनावश्यक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन को बेहतर बनाता है।

 

आयुर्वेद में इसे “डाइजेस्टिव फायर” यानी पाचन शक्ति को सक्रिय करने वाला माना जाता है। यही कारण है कि सुबह उठते ही या भोजन से पहले गुनगुना पानी पीने की सलाह दी जाती है।

 

पानी का तापमान क्यों है जरूरी?

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि पानी का तापमान सही होना चाहिए।

बहुत ज्यादा गर्म पानी शरीर के अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हमेशा गुनगुना या हल्का गर्म पानी ही पीना चाहिए।

 

देबजानी गुप्ता के अनुसार उबलता हुआ पानी पीना बिल्कुल सही नहीं है, क्योंकि इससे मुंह, गले और भोजन नली को नुकसान पहुंच सकता है।

 

भारतीय घरों में और भी तरीके

भारत में सुबह गर्म पानी पीने की परंपरा अक्सर कुछ मसालों के साथ भी जुड़ी होती है।

 

कई लोग गर्म पानी में जीरा, अजवाइन, मेथी या धनिया के बीज डालकर पीते हैं। माना जाता है कि ये सभी मसाले पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

 

उदाहरण के तौर पर कुछ लोग रात में जीरा पानी में भिगो देते हैं और सुबह उसे हल्का गर्म करके पीते हैं। वहीं कुछ लोग मसालों को उबालकर पानी तैयार करते हैं।

 

सुबह पानी पीना क्यों जरूरी माना जाता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह उठते ही पानी पीना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।

दरअसल पूरी रात सोने के दौरान शरीर को पानी नहीं मिलता, जिससे हल्का डिहाइड्रेशन हो सकता है।

 

सुबह पानी पीने से शरीर में तरल की कमी पूरी होती है और पाचन तंत्र फिर से सक्रिय हो जाता है।

 

पाचन तंत्र कैसे होता है सक्रिय?

डॉक्टरों के अनुसार जब हम सुबह कुछ पीते या खाते हैं तो पेट और आंतों की मांसपेशियां सक्रिय होने लगती हैं।

 

इससे पेट में मौजूद गैस और भोजन आगे बढ़ने लगता है। यही कारण है कि कई लोगों को सुबह पानी पीने के बाद हल्का और आरामदायक महसूस होता है।

 

पेट की समस्या में भी मिल सकता है आराम

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म पानी पेट से जुड़ी कुछ परेशानियों में भी राहत दे सकता है।

 

अगर किसी व्यक्ति को खाना खाने के बाद भारीपन या गैस महसूस होती है, तो हल्का गर्म पानी पीने से आराम मिल सकता है।

 

कई लोग अजवाइन के साथ गर्म पानी पीने को भी पाचन के लिए फायदेमंद मानते हैं।

 

इंटरनेट पर किए जा रहे बड़े दावे

सोशल मीडिया पर गर्म पानी को लेकर कई बड़े दावे भी किए जा रहे हैं।

 

कुछ लोग इसे वजन कम करने, डिटॉक्स, और त्वचा चमकाने का आसान तरीका बता रहे हैं।

 

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन दावों में से कई अतिरंजित हैं।

 

शरीर में पानी की अहम भूमिका

क्लिनिकल डाइटिशियन के अनुसार शरीर के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में पानी होता है।

 

इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। पानी शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में मदद करता है, जैसे-

  • पाचन
  • पोषक तत्वों का अवशोषण
  • मेटाबॉलिज्म
  • रक्त संचार

सुबह गर्म पानी पीने से मेटाबॉलिज्म सक्रिय हो सकता है और रात में खोए हुए तरल की भरपाई भी हो जाती है।

 

कब्ज में भी हो सकता है फायदा

देबजानी गुप्ता बताती हैं कि कुछ मामलों में गर्म पानी कब्ज से राहत दिलाने में भी मदद कर सकता है।

 

पारंपरिक तरीके में सुबह और शाम गर्म पानी में एक चम्मच घी मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है, जिससे शरीर की सूखापन कम होता है और मल त्याग आसान हो सकता है।

 

त्वचा पर भी दिख सकता है असर

अगर शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता है तो त्वचा पर भी उसका असर दिखाई दे सकता है।

 

पानी की कमी से त्वचा सूखी और बेजान दिख सकती है। लेकिन जब शरीर सही तरह से हाइड्रेट रहता है तो त्वचा साफ और स्वस्थ दिखाई देने लगती है।

 

विज्ञान क्या कहता है?

गर्म पानी पर वैज्ञानिक शोध अभी सीमित हैं।

कुछ छोटे अध्ययनों में यह देखा गया है कि गर्म पानी पाचन को थोड़ा तेज कर सकता है।

 

एक अध्ययन में पाया गया कि जिन मरीजों ने सर्जरी के बाद गर्म पानी पिया, उन्हें गैस जल्दी पास हुई। हालांकि मल त्याग पर इसका असर साफ तौर पर साबित नहीं हुआ।

 

ठंडे और गर्म पेय पर रिसर्च

कुछ शोध यह भी बताते हैं कि ठंडे पेय पदार्थ पेट खाली होने की प्रक्रिया को थोड़ा धीमा कर सकते हैं।

 

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस विषय पर अभी ज्यादा ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

 

असली फायदा शायद पानी पीने में ही

कई डॉक्टरों का मानना है कि असली फायदा पानी के तापमान से ज्यादा पानी पीने की आदत से मिलता है।

 

पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है, रक्त संचार को बेहतर बनाता है और शरीर की सामान्य प्रक्रियाओं को सुचारु रखता है।

 

सर्दी-खांसी में भी मिल सकता है आराम

गर्म पानी या गर्म पेय गले को आराम देने में मदद कर सकते हैं।

सर्दी या गले में खराश होने पर गर्म तरल पदार्थ बलगम को ढीला करने में भी सहायक हो सकते हैं।

 

सावधानी भी जरूरी

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बहुत ज्यादा गर्म पानी पीना नुकसानदायक हो सकता है।

डाइटिशियन के अनुसार अत्यधिक गर्म पानी मुंह, गले और भोजन नली की ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकता है।

इसलिए हमेशा हल्का गर्म या गुनगुना पानी ही पीना चाहिए।

 

संतुलन ही है सही तरीका

डॉक्टरों का कहना है कि गर्म पानी को दिनभर की सामान्य पानी पीने की आदत का विकल्प नहीं बनाना चाहिए।

सबसे जरूरी है कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिया जाए और शरीर को हाइड्रेट रखा जाए।

 

निष्कर्ष:

जिस आदत को आज सोशल मीडिया नया वेलनेस ट्रेंड बताकर प्रचार कर रहा है, वह एशियाई परंपराओं में लंबे समय से मौजूद है।

 

वैज्ञानिक शोध अभी हर दावे की पुष्टि नहीं करते, लेकिन इतना जरूर स्पष्ट है कि शरीर के लिए पानी पीना बेहद जरूरी है-चाहे वह गर्म हो या सामान्य तापमान का।