डॉक्टर मुंबई में, मरीज मस्कट में – कैसे हुआ 2000 किमी दूर ऑपरेशन, जानकर चौंक जाएंगे?

डॉक्टर मुंबई में, मरीज मस्कट में - कैसे हुआ 2000 किमी दूर ऑपरेशन, जानकर चौंक जाएंगे?
डॉक्टर मुंबई में, मरीज मस्कट में - कैसे हुआ 2000 किमी दूर ऑपरेशन, जानकर चौंक जाएंगे?

स्वास्थ्य सेवाओं की दुनिया में एक ऐसा कदम उठाया गया है, जिसने इलाज के तरीके को पूरी तरह बदलने की दिशा दिखा दी है। Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital के डॉक्टरों ने वर्ल्ड हेल्थ डे 2026 के मौके पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मुंबई में बैठकर एक डॉक्टर ने ओमान के मस्कट में मौजूद एक मरीज की सफल रोबोटिक किडनी सर्जरी की। इसे भारत से की गई पहली क्रॉस-बॉर्डर रिमोट रोबोटिक सर्जरी माना जा रहा है।

कैसे हुआ यह अनोखा ऑपरेशन?

इस सर्जरी को अंजाम दिया Dr T. B. Yuvaraja ने, जो अस्पताल में यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी के डायरेक्टर हैं। उन्होंने मुंबई में बैठकर मस्कट के मेडिकल सिटी अस्पताल में भर्ती करीब 54-55 साल की महिला का ऑपरेशन किया।

मरीज को किडनी कैंसर होने का संदेह था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने एक एडवांस्ड रोबोटिक सिस्टम ‘मेडबॉट ट्युमाई’ के जरिए सर्जरी को कंट्रोल किया। यह पूरा ऑपरेशन रियल-टाइम कनेक्टिविटी के माध्यम से हुआ, यानी डॉक्टर को हर गतिविधि तुरंत दिखाई दे रही थी और वे उसी समय निर्देश दे रहे थे।

तकनीक ने कैसे बनाई दूरी को छोटा?

इस सर्जरी की सबसे खास बात यह रही कि डॉक्टर और मरीज के बीच करीब 1500 किलोमीटर की दूरी थी, लेकिन तकनीक ने इस दूरी को लगभग खत्म कर दिया।

रोबोटिक सिस्टम की मदद से डॉक्टर ने बेहद सटीक तरीके से सर्जरी की। इस दौरान मस्कट के अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों की एक टीम भी तैयार थी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत हस्तक्षेप किया जा सके। हालांकि, पूरी प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के सफल रही।

डॉक्टर ने क्या कहा?

Dr T. B. Yuvaraja का कहना है कि यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि हेल्थकेयर के भविष्य की झलक है। उनके मुताबिक अब मरीजों को अच्छे इलाज के लिए दूसरे शहर या देश जाने की जरूरत कम हो सकती है।

उन्होंने बताया कि उनके पास 4200 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी का अनुभव है और इस तकनीक से दुनिया भर के मरीजों को बेहतर इलाज देना संभव हो सकता है।

अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया

अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO Dr Santosh Shetty ने भी इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता अस्पताल की तकनीकी क्षमता और पहले किए गए रिमोट ऑपरेशनों के अनुभव का परिणाम है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बार भारत की मेडिकल विशेषज्ञता को सीधे दूसरे देश के मरीज तक पहुंचाया गया, जो एक बड़ी उपलब्धि है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रयोग

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की सर्जरी की गई हो। दिसंबर 2025 में Dr T. B. Yuvaraja ने शंघाई से मुंबई में बैठे मरीज का ऑपरेशन किया था, जिसकी दूरी लगभग 8000 किलोमीटर थी।

लेकिन इस बार खास बात यह है कि यह भारत से दूसरे देश में की गई पहली क्रॉस-बॉर्डर रिमोट सर्जरी है।

नियमों का रखा गया पूरा ध्यान

अस्पताल के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में सभी जरूरी नियमों का पालन किया गया। खासतौर पर Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) की गाइडलाइंस का ध्यान रखा गया।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मरीज की सुरक्षा, नैतिकता और चिकित्सा मानकों में कोई कमी न आए।

रोबोटिक सर्जरी के फायदे

रोबोटिक सर्जरी के कई फायदे बताए जा रहे हैं:

ऑपरेशन ज्यादा सटीक होता है
मरीज को कम दर्द होता है
अस्पताल में रहने का समय कम होता है
रिकवरी जल्दी होती है

हालांकि, यह भी सच है कि इस तकनीक से सर्जरी का खर्च 1 से 2 लाख रुपये तक बढ़ सकता है।

क्यों जरूरी है ऐसी तकनीक?

एक अनुमान के मुताबिक दुनिया में करीब 5 अरब लोग ऐसे हैं जिन्हें सुरक्षित और सस्ती सर्जरी की सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में टेली-रोबोटिक सर्जरी इस समस्या का बड़ा समाधान बन सकती है।

इस तकनीक की मदद से विशेषज्ञ डॉक्टर दुनिया के किसी भी कोने में बैठे मरीज का इलाज कर सकते हैं।

भारत की बढ़ती पहचान

अस्पताल का कहना है कि यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत अब सिर्फ मेडिकल टूरिज्म का केंद्र नहीं रहा, बल्कि अब वह दुनिया को रियल-टाइम मेडिकल सेवाएं देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital में पहले से ही रोबोटिक सर्जरी के लिए आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। यहां तीन एडवांस्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म हैं, जिनमें ‘मेडबॉट ट्युमाई’ सिस्टम भी शामिल है।

मरीजों को क्या फायदा?

इस नई तकनीक से मरीजों को कई फायदे मिल सकते हैं:

इलाज के लिए यात्रा की जरूरत कम
समय और पैसे की बचत
जल्दी और बेहतर इलाज
विशेषज्ञ डॉक्टरों तक आसान पहुंच

खासतौर पर उन मरीजों के लिए यह तकनीक काफी मददगार हो सकती है, जो दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं।

आगे का रास्ता

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की रिमोट सर्जरी आम हो सकती है। अस्पतालों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ेगा और मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

हालांकि, इसके लिए मजबूत इंटरनेट कनेक्टिविटी, प्रशिक्षित स्टाफ और सख्त नियमों की जरूरत होगी।

निष्कर्ष

मुंबई से मस्कट तक की यह सफल सर्जरी सिर्फ एक मेडिकल उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उस भविष्य की शुरुआत है जहां इलाज की सीमाएं खत्म हो सकती हैं।