बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य को नया नेतृत्व मिल गया है और अब सत्ता की कमान भारतीय जनता पार्टी के हाथ में आ गई है। Samrat Choudhary ने 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर एक नया अध्याय शुरू किया है।
पटना के लोकभवन में सुबह 11 बजे आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल Syed Ata Hasnain ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर कई बड़े नेता मौजूद रहे, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar भी शामिल थे।
यह बदलाव इसलिए भी खास है क्योंकि बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बना है। लंबे समय तक सत्ता में रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह राजनीतिक परिवर्तन हुआ है।

नई सरकार का गठन और जिम्मेदारियां
नई सरकार में जदयू के दो वरिष्ठ नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। Vijay Kumar Choudhary और Bijendra Prasad Yadav ने भी शपथ ली और दोनों को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई।
फिलहाल मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है, इसलिए सरकार के तीनों शीर्ष नेता ही विभागों का काम संभाल रहे हैं।
- सम्राट चौधरी के पास गृह समेत 29 विभाग हैं
- विजय चौधरी को 10 विभाग दिए गए हैं
- बिजेंद्र यादव को 8 विभाग मिले हैं
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बाकी विभाग अन्य मंत्रियों में बांटे जाएंगे।
शपथ से पहले मंदिर दर्शन
मुख्यमंत्री बनने से पहले सम्राट चौधरी ने पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे। इस दौरान उनकी सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई थी।
यह पूरा घटनाक्रम एक दिन पहले शुरू हुआ था, जब Nitish Kumar ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अब वे राज्यसभा सदस्य के रूप में नई भूमिका में हैं।
परिवार की प्रतिक्रिया
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर उनके पिता शकुनी चौधरी ने भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सब ईश्वर की कृपा और वर्षों की मेहनत का परिणाम है।
उनका कहना था कि उन्होंने लंबे समय तक राजनीति में संघर्ष किया, लेकिन आज उनके बेटे को यह मुकाम मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और नीतीश कुमार का भी आभार जताया।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर
56 साल के सम्राट चौधरी का राजनीतिक करियर करीब तीन दशकों का है। उन्होंने 1990 के दशक में राजनीति में कदम रखा और कई पार्टियों में काम करने के बाद बीजेपी में अपनी पहचान बनाई।
उनका सफर कुछ इस तरह रहा:
- 1999 में राबड़ी सरकार में कृषि मंत्री बने
- बाद में जदयू से जुड़े और 2014 में शहरी विकास मंत्री बने
- 2017 में बीजेपी में शामिल हुए
- 2023 में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने
- 2024 में डिप्टी सीएम बने
- 2025 में दोबारा डिप्टी सीएम और गृह मंत्री बने
- और अब 2026 में मुख्यमंत्री बने
उपमुख्यमंत्रियों का अनुभव
विजय चौधरी

69 साल के विजय चौधरी का लंबा राजनीतिक अनुभव है। उन्होंने कांग्रेस से शुरुआत की और बाद में जदयू में शामिल हुए।
- 1980 के दशक में विधायक बने
- 2015 से 2020 तक विधानसभा अध्यक्ष रहे
- अब उपमुख्यमंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं
बिजेंद्र प्रसाद यादव

78 साल के बिजेंद्र यादव बिहार राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।
- जेपी आंदोलन से राजनीति में आए
- सुपौल से कई बार विधायक चुने गए
- अब तक 10 बार मंत्री रह चुके हैं
- नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी माने जाते हैं
मुख्यमंत्री बनते ही 5 बड़े निर्देश
शपथ लेने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कुछ अहम निर्देश दिए, जो उनकी प्राथमिकताओं को दिखाते हैं:
- काम की गति बढ़ाकर समस्याओं का जल्दी समाधान किया जाए
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति अपनाई जाए
- किसी भी स्तर पर फाइलें लंबित न रहें
- थाने और प्रखंड स्तर पर जनता को समय पर सेवा मिले
- बिहार को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए सभी मिलकर काम करें
इन निर्देशों से साफ है कि नई सरकार प्रशासन को तेज और प्रभावी बनाना चाहती है।
पीएम मोदी और नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
गृह मंत्री Amit Shah ने भी इसे ऐतिहासिक पल बताया और कहा कि यह बीजेपी के लिए बड़ी उपलब्धि है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने इस बदलाव पर सवाल भी उठाए हैं। Tejashwi Yadav ने तंज कसते हुए कहा कि यह “चुना हुआ नहीं, बल्कि चुना गया मुख्यमंत्री” है।
वहीं Pappu Yadav ने भी बीजेपी नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसमें नीतीश कुमार की भूमिका अहम रही है।
हालांकि, सभी नेताओं ने नए मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं जरूर दी हैं।
नीतीश कुमार का संदेश
पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार और तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि नई सरकार राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जाएगी।
जश्न का माहौल
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पटना और उनके गृह क्षेत्र में जश्न का माहौल देखने को मिला। बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी और पटाखे फोड़े।
क्या हैं चुनौतियां?
नई सरकार के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं:
- रोजगार के अवसर बढ़ाना
- शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारना
- कानून व्यवस्था को मजबूत करना
- ग्रामीण विकास को गति देना
इन मुद्दों पर काम करना नई सरकार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
निष्कर्ष:
बिहार में यह बदलाव सिर्फ एक चेहरा बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत भी है।
सम्राट चौधरी के पास अनुभव भी है और अब जिम्मेदारी भी। उनके सामने मौका है कि वे राज्य को नई दिशा दें और जनता की उम्मीदों पर खरे उतरें।

