अमेरिका में पिछले कुछ समय से एक ऐसी खबर चर्चा में है जिसने सुरक्षा एजेंसियों से लेकर आम लोगों तक सभी को चिंता में डाल दिया है। न्यूक्लियर, स्पेस और एडवांस टेक्नोलॉजी से जुड़े कई वैज्ञानिकों और अधिकारियों की गुमशुदगी और संदिग्ध मौतों के मामले सामने आए हैं। अब इस मुद्दे पर खुद Donald Trump ने बयान दिया है और इसे “काफी गंभीर मामला” बताया है।
ट्रंप ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस विषय पर एक अहम बैठक की है। उनके अनुसार, सरकार उन रिपोर्ट्स की जांच कर रही है जिनमें दावा किया गया है कि 2023 के बाद से कम से कम 10 वैज्ञानिक या सरकारी कर्मचारी या तो गायब हो गए हैं या उनकी मौत संदिग्ध हालात में हुई है।
उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि ये सब अलग-अलग घटनाएं हों, लेकिन हम जल्द ही सच्चाई जान लेंगे।” ट्रंप ने यह भी भरोसा दिलाया कि आने वाले कुछ दिनों में इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जाएगी।
व्हाइट हाउस का रुख
इस मामले पर Karoline Leavitt ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने संबंधित एजेंसियों से इस पर बात नहीं की है, लेकिन अगर ये रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो सरकार इसे गंभीरता से लेगी और पूरी जांच कराएगी।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या सरकार इस मुद्दे को समय पर और गंभीरता से ले रही है या नहीं।
किन संस्थानों से जुड़े हैं मामले?
इन घटनाओं का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ये सभी लोग अमेरिका की हाई-सिक्योरिटी रिसर्च संस्थाओं से जुड़े थे। इनमें Los Alamos National Laboratory, NASA Jet Propulsion Laboratory और MIT Plasma Science and Fusion Center जैसे संस्थान शामिल हैं।
ये संस्थान परमाणु हथियार, अंतरिक्ष तकनीक और ऊर्जा के उन्नत क्षेत्रों में काम करते हैं। इसलिए इनसे जुड़े लोगों की गुमशुदगी या मौत को साधारण घटना नहीं माना जा रहा।

एक जैसा पैटर्न क्यों दिख रहा है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कई मामलों में एक जैसी बातें सामने आई हैं। कुछ वैज्ञानिक अपने घर से अचानक निकल गए और वापस नहीं लौटे। उन्होंने अपना फोन, वॉलेट और जरूरी सामान तक पीछे छोड़ दिया।
यह पैटर्न कई मामलों में दोहराया गया, जिससे शक और गहरा हो गया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों के पास संवेदनशील जानकारी होती है, वे किसी भी तरह के खतरे के निशाने पर हो सकते हैं।
कुछ अहम मामलों पर नजर
मोनिका रेजा (लापता): मोनिका एक स्पेस रिसर्च प्रोजेक्ट से जुड़ी थीं और नए मटेरियल पर काम कर रही थीं। उन्हें आखिरी बार पहाड़ी इलाके में हाइकिंग करते देखा गया था। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।
विलियम मैककैसलैंड (लापता): रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल और रिसर्च लैब के पूर्व प्रमुख मैककैसलैंड अपने घर के पास से गायब हो गए। बताया गया कि वे केवल एक पिस्टल लेकर निकले थे।
स्टीवन गार्सिया (लापता): न्यूक्लियर प्रोजेक्ट से जुड़े गार्सिया अचानक अपने घर से बिना सामान लिए निकल गए। इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
एंथनी चावेज (लापता): 78 साल के चावेज एक दिन टहलने निकले और फिर वापस नहीं आए। उनका सारा सामान घर में ही मिला।
मेलिसा कैसियास (लापता): एक एडमिन कर्मचारी होने के बावजूद उनके पास संवेदनशील जानकारी तक पहुंच हो सकती थी। वह भी अचानक गायब हो गईं और उनका फोन डेटा पूरी तरह मिटा हुआ मिला।
कार्ल ग्रिलमेयर (हत्या): एक एस्ट्रोफिजिसिस्ट, जिनकी घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि इसे किसी बड़ी साजिश से जोड़ने के पक्के सबूत नहीं मिले हैं।
माइकल हिक्स (मौत): स्पेस मिशन से जुड़े इस वैज्ञानिक की अचानक मौत हो गई, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं किया गया।
फ्रैंक मैवाल्ड (मौत): स्पेस रिसर्च में अहम काम करने वाले इस वैज्ञानिक की भी अचानक मृत्यु हो गई।
नूनो लुरेइरो (हत्या): न्यूक्लियर फ्यूजन पर काम करने वाले वैज्ञानिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इसे एक हमलावर से जोड़ा, लेकिन कुछ लोग इसे बड़ा मामला मानते हैं।
जेसन थॉमस (मौत): कई महीनों तक लापता रहने के बाद उनका शव एक झील में मिला। हालांकि पुलिस को साजिश के सबूत नहीं मिले।
क्या हो सकती है वजह?
इन सभी मामलों को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। क्या यह सिर्फ संयोग है? या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह जासूसी (espionage) या साइबर और टेक्नोलॉजी से जुड़े खतरों का हिस्सा हो सकता है। वहीं कुछ लोग इसे अलग-अलग घटनाएं मानते हैं, जिनका आपस में कोई संबंध नहीं है।
जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
इस मुद्दे ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। कई लोग सरकार से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण लोगों के साथ हुई घटनाओं की गहराई से जांच होनी चाहिए।
आगे क्या होगा?
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि इन घटनाओं के पीछे कोई पैटर्न है या नहीं।
अगर इन मामलों के बीच कोई संबंध निकलता है, तो यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। वहीं अगर यह अलग-अलग घटनाएं साबित होती हैं, तो भी यह चिंता का विषय है कि इतने अहम क्षेत्रों से जुड़े लोग लगातार ऐसे हादसों का शिकार क्यों हो रहे हैं।

