क्रूज शिप पर अचानक फैली बीमारी से हड़कंप, 1700 से ज्यादा लोग जहाज में कैद… जानिए क्या है मामला?

फ्रांस के बॉरदॉ बंदरगाह पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब ब्रिटेन से आए एक क्रूज शिप पर सवार यात्रियों और क्रू में बड़ी संख्या में लोग पेट से जुड़ी बीमारी का शिकार पाए गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि फ्रांसीसी प्रशासन ने जहाज पर मौजूद 1700 से ज्यादा लोगों को उतरने की अनुमति देने के बजाय उन्हें जहाज पर ही रहने का आदेश दे दिया।

इस घटना ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि कुछ ही समय पहले एक दूसरे क्रूज शिप पर संदिग्ध वायरस संक्रमण के कारण कई लोगों की मौत हुई थी। हालांकि फ्रांसीसी अधिकारियों ने साफ कहा है कि दोनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध नहीं मिला है। फिर भी लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने समुद्री यात्राओं की सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

ब्रिटेन से निकला था क्रूज, फ्रांस पहुंचते ही बिगड़ी हालत

यह मामला ब्रिटेन की क्रूज कंपनी Ambassador Cruise Line के जहाज Ambition से जुड़ा है। जहाज 14 दिन की यात्रा पर निकला था और इसमें ज्यादातर यात्री ब्रिटेन और आयरलैंड के थे।

क्रूज ने बेलफास्ट और लिवरपूल से सफर शुरू किया था और इसे स्पेन तथा फ्रांस के कई बंदरगाहों पर रुकना था। मंगलवार शाम जहाज फ्रांस के बॉरदॉ पहुंचा, लेकिन वहां पहुंचते-पहुंचते कई यात्रियों की तबीयत खराब हो चुकी थी।

जहाज में कुल 1233 यात्री और 514 क्रू सदस्य मौजूद थे। अधिकारियों के मुताबिक करीब 50 लोगों में तेज पेट दर्द, उल्टी, दस्त और गैस्ट्रो जैसी समस्याएं दिखाई दीं। इसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी लोगों को जहाज पर ही रोक दिया।

 

92 साल के यात्री की मौत से बढ़ी चिंता

घटना के बीच एक 92 वर्षीय ब्रिटिश यात्री की मौत ने हालात को और गंभीर बना दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार बुजुर्ग यात्री को दिल का दौरा पड़ा था।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि अभी तक इस मौत को जहाज पर फैली बीमारी से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं मिला है। फिर भी जांच पूरी होने तक प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।

फ्रांसीसी मेडिकल टीम जहाज पर पहुंची और मृत यात्री सहित बीमार लोगों के सैंपल जांच के लिए अस्पताल भेजे गए।

 

क्या यह नॉरोवायरस है?

शुरुआत में आशंका जताई गई कि जहाज पर नॉरोवायरस फैल सकता है। यह एक बेहद तेजी से फैलने वाला संक्रमण है जो उल्टी और दस्त का कारण बनता है। अक्सर बंद जगहों, स्कूलों, हॉस्टल और क्रूज शिप में इसके मामले तेजी से बढ़ते हैं।

हालांकि शुरुआती टेस्ट में नॉरोवायरस की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने दूसरे संक्रमणों और फूड पॉइजनिंग की संभावना पर भी जांच शुरू कर दी।

फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने तक बीमारी के असली कारण के बारे में कुछ भी तय नहीं कहा जा सकता।

 

यात्रियों ने क्या बताया?

जहाज पर मौजूद कई यात्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए स्थिति की जानकारी दी। उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट निवासी 52 वर्षीय यात्री ने बताया कि जहाज पर अतिरिक्त सफाई और सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि हालात कोरोना महामारी जैसे नहीं हैं और ज्यादातर लोग सामान्य तरीके से जहाज पर समय बिता रहे हैं। हालांकि बीमार लोगों को अलग केबिन में रखा गया है ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।

यात्रियों के मुताबिक सोमवार को सबसे ज्यादा लोग बीमार पड़े थे, जब जहाज फ्रांस के ब्रेस्ट बंदरगाह के पास था।

 

जहाज से उतरने पर रोक क्यों लगी?

फ्रांस के स्थानीय प्रशासन ने स्वास्थ्य एजेंसी की सलाह के बाद जहाज से लोगों के उतरने पर रोक लगाई। अधिकारियों का मानना था कि अगर बीमारी संक्रामक हुई तो यह बंदरगाह और शहर में फैल सकती है।

इसी वजह से:

  • यात्रियों की सभी स्थानीय यात्राएं रद्द कर दी गईं
  • जहाज को सीमित गतिविधियों की अनुमति दी गई
  • मेडिकल टीम लगातार निगरानी करती रही
  • बीमार लोगों को अलग रखा गया

कंपनी ने यात्रियों को आश्वासन दिया कि सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।

Panic due to sudden spread of disease on cruise ship

दूसरे क्रूज शिप से तुलना क्यों हो रही है?

हाल के दिनों में एक और क्रूज शिप MV Hondius चर्चा में रहा था। यह जहाज अर्जेंटीना से रवाना हुआ था और उसमें संदिग्ध हंटावायरस संक्रमण फैलने की खबर आई थी।

उस घटना में तीन यात्रियों की मौत हुई थी जबकि कई लोग अलग-अलग देशों में अस्पताल में भर्ती हुए थे। इसके बाद यूरोप और अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर आ गई थीं।

हालांकि फ्रांस के अधिकारियों ने साफ कहा कि Ambition जहाज पर हुई घटना का उस वायरस से कोई संबंध नहीं मिला है।

 

क्रूज शिप में बीमारी तेजी से क्यों फैलती है?

विशेषज्ञों के अनुसार क्रूज शिप में हजारों लोग सीमित जगह में साथ रहते हैं। खाना, पानी, स्विमिंग पूल, डाइनिंग एरिया और साझा सुविधाओं के कारण संक्रमण तेजी से फैल सकता है।

अगर कोई व्यक्ति संक्रमित हो तो:

  • दरवाजों और रेलिंग को छूने से
  • संक्रमित खाना या पानी लेने से
  • बंद जगह में लंबे समय तक रहने से
  • साफ-सफाई में कमी होने से

बीमारी कई लोगों तक पहुंच सकती है।

इसी वजह से क्रूज कंपनियां लगातार सैनिटाइजेशन और मेडिकल जांच पर जोर देती हैं।

 

गैस्ट्रोएंटेराइटिस क्या होता है?

डॉक्टरों के अनुसार गैस्ट्रोएंटेराइटिस पेट और आंतों में होने वाला संक्रमण है। इसे आम भाषा में पेट का फ्लू भी कहा जाता है, हालांकि इसका सामान्य फ्लू से कोई संबंध नहीं होता।

इसके मुख्य लक्षण हैं:

  • पानी जैसे दस्त
  • उल्टी
  • पेट में मरोड़
  • जी मिचलाना
  • हल्का बुखार
  • कमजोरी

यह बीमारी वायरस, बैक्टीरिया या दूषित भोजन से हो सकती है। ज्यादातर लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह खतरनाक हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को लगातार उल्टी, तेज बुखार, खून वाली उल्टी या दस्त, चक्कर या डिहाइड्रेशन जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बच्चों और बुजुर्गों में यह संक्रमण ज्यादा खतरनाक हो सकता है क्योंकि शरीर जल्दी कमजोर पड़ जाता है।

 

क्रूज उद्योग पर बढ़ सकता है असर

इस घटना का असर अंतरराष्ट्रीय क्रूज उद्योग पर भी पड़ सकता है। कोरोना महामारी के बाद क्रूज कंपनियों ने बड़ी मुश्किल से कारोबार संभाला था। अब लगातार संक्रमण के मामलों ने यात्रियों की चिंता फिर बढ़ा दी है।

कई विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में:

  • जहाजों पर मेडिकल जांच और सख्त हो सकती है
  • यात्रियों की स्क्रीनिंग बढ़ाई जा सकती है
  • खाने और पानी की जांच पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा
  • संक्रमण मिलने पर तुरंत आइसोलेशन लागू होगा

 

कंपनी ने क्या कहा?

क्रूज कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम है। कंपनी के मुताबिक प्रभावित लोगों को तुरंत इलाज दिया गया और जहाज पर सफाई के विशेष इंतजाम किए गए।

कंपनी ने यह भी कहा कि बॉरदॉ में होने वाली सभी यात्राएं रद्द कर दी गई हैं और जिन यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हुई हैं उन्हें रिफंड दिया जाएगा।

 

दुनिया भर में बढ़ रहे ऐसे मामले

अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी CDC के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल कई क्रूज जहाजों पर गैस्ट्रो से जुड़े मामले सामने आए थे। इनमें ज्यादातर संक्रमण नॉरोवायरस के कारण हुए थे।

हाल ही में एक दूसरे क्रूज जहाज Caribbean Princess पर भी 140 से ज्यादा यात्री बीमार पड़ गए थे। इससे साफ है कि समुद्री यात्राओं में संक्रमण रोकना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

 

आगे क्या होगा?

फिलहाल फ्रांसीसी अस्पताल में भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसी के बाद यह साफ होगा कि जहाज पर बीमारी आखिर किस वजह से फैली।

अगर रिपोर्ट सामान्य आती है तो यात्रियों को उतरने की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन अगर संक्रमण गंभीर निकला तो जहाज को और समय तक अलग रखा जा सकता है।