PM मोदी को मिला FAO का सबसे बड़ा सम्मान, बोले- यह पुरस्कार 140 करोड़ भारतीयों और किसानों को समर्पित

प्रधानमंत्री Narendra Modi को बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की संस्था फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) की ओर से वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित “Agricola Medal” सम्मान दिया गया। यह सम्मान इटली की राजधानी रोम स्थित FAO मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया। FAO के महानिदेशक QU Dongyu ने प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान सौंपा।

यह पुरस्कार खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती, किसानों के कल्याण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को भारत के किसानों, मछुआरों और कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया।

 

“यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, 140 करोड़ भारतीयों का है”

सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनके लिए नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भारत में खेती सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि जीवन का आधार है। उन्होंने कहा, “हम धरती को मां मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय किसान कठिन परिस्थितियों में भी लगातार देश और दुनिया की खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों की भी तारीफ की, जो नई तकनीकों और रिसर्च के जरिए खेती को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं।

 

FAO ने क्यों दिया यह बड़ा सम्मान?

FAO के महानिदेशक क्व डोंग्यू ने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता और कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में खेती और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम किया है।

उन्होंने खासतौर पर भारत की उन योजनाओं का जिक्र किया जिनका सीधा फायदा किसानों और गरीब लोगों को मिला। इनमें करोड़ों लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने वाली योजना, किसानों को सीधे आर्थिक सहायता, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और मोटे अनाज यानी मिलेट्स को दुनिया भर में पहचान दिलाने जैसे कदम शामिल हैं।

FAO प्रमुख ने यह भी कहा कि कोविड महामारी के दौरान भारत ने लगभग 80 करोड़ लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाकर दुनिया के सामने एक बड़ा उदाहरण पेश किया। इसके अलावा 11 करोड़ से अधिक किसानों को सीधे आय सहायता देना भी बड़ी उपलब्धि रही।

PM Modi receives FAO highest honour

खेती में तकनीक और नए प्रयोगों पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अब खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ रहा है। उन्होंने बताया कि “Per Drop More Crop” जैसी योजनाओं के जरिए पानी बचाने और माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज भारतीय किसान डिजिटल तकनीक, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेंसर आधारित मशीनों और रिमोट सेंसिंग जैसी नई सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे खेती आसान हो रही है और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया that पिछले 10 वर्षों में भारत ने लगभग 3,000 ऐसी फसल किस्में विकसित की हैं जो जलवायु परिवर्तन का बेहतर सामना कर सकती हैं। उनका कहना था कि विज्ञान आधारित खेती सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि ग्लोबल साउथ के कई देशों की खाद्य सुरक्षा को भी मजबूत कर रही है।

 

मिलेट्स और डिजिटल इंडिया मॉडल की भी तारीफ

FAO ने भारत के मिलेट्स अभियान की भी सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने मोटे अनाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। FAO के सहयोग से “इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स” मनाया गया, जिससे दुनिया में पोषण से भरपूर अनाज के प्रति जागरूकता बढ़ी।

इसके साथ ही भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल की भी तारीफ हुई। FAO प्रमुख ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ने डिजिटल तकनीक को दुनिया के विकासशील देशों तक पहुंचाने का मजबूत संदेश दिया।

 

30 साल बाद FAO मुख्यालय पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कई मायनों में खास रही। पिछले 30 वर्षों में यह पहला मौका था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने FAO मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने FAO के साथ भारत के पुराने संबंधों को भी याद किया और कहा कि भारत हमेशा भूखमुक्त और सुरक्षित दुनिया के लक्ष्य के लिए काम करता रहेगा