थाईलैंड जाने वालों के लिए बड़ा झटका! अब भारतीय पर्यटकों को कम दिनों तक मिलेगी Visa-Free एंट्री – क्यों बदला गया नियम?

दुनियाभर के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय देश Thailand ने अपनी वीजा-फ्री एंट्री नीति में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। नई योजना के तहत भारत समेत 90 से ज्यादा देशों के नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ठहरने की अवधि कम की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब थाईलैंड सरकार विदेशी नागरिकों से जुड़े अपराधों और पर्यटन व्यवस्था के गलत इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ा रही है।

अब तक कई देशों के नागरिक बिना वीजा के 60 दिनों तक थाईलैंड में रह सकते थे, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद ज्यादातर यात्रियों को केवल 30 दिन तक की वीजा-फ्री एंट्री मिलेगी। कुछ देशों के नागरिकों के लिए यह सीमा 15 दिन तक भी हो सकती है।

 

क्यों बदला गया नियम?

थाईलैंड सरकार का कहना है कि लंबे समय तक बिना वीजा रहने की सुविधा का कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक कुछ विदेशी नागरिक पर्यटन के नाम पर देश में रुककर अवैध कारोबार, ड्रग तस्करी, सेक्स ट्रैफिकिंग और बिना अनुमति बिजनेस जैसी गतिविधियों में शामिल पाए गए।

थाईलैंड के पर्यटन मंत्री Surasak Phancharoenworakul ने बताया कि कैबिनेट ने इस बदलाव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के लिए वीजा-फ्री अवधि अलग हो सकती है, लेकिन अधिकतर यात्रियों के लिए इसे 30 दिन तक सीमित किया जाएगा।

 

2024 में बढ़ाई गई थी अवधि

थाईलैंड ने जुलाई 2024 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वीजा-फ्री एंट्री की अवधि 30 दिन से बढ़ाकर 60 दिन कर दी थी। कोरोना महामारी के बाद देश की अर्थव्यवस्था को दोबारा मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया था।

इस नीति के तहत भारत, अमेरिका, यूरोप के शेंगेन देशों, इज़राइल और कई दक्षिण अमेरिकी देशों समेत 90 से अधिक देशों के नागरिकों को 60 दिनों तक बिना वीजा रहने की अनुमति दी गई थी।

लेकिन अब सरकार का मानना है कि इस छूट का कुछ लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए नियमों को फिर से सख्त किया जा रहा है।

Indian tourists will now be granted visa-free entry for a shorter period

लंबे समय तक रुकने वालों पर होगी ज्यादा जांच

सरकारी अधिकारियों ने साफ किया है कि अगर कोई पर्यटक 30 दिन से ज्यादा रुकना चाहता है, तो वह इमिग्रेशन विभाग से एक्सटेंशन की मांग कर सकता है। हालांकि अब एक्सटेंशन अपने आप नहीं मिलेगा।

लंबे समय तक रुकने की अनुमति लेने वाले लोगों को यह बताना होगा कि वे थाईलैंड में अतिरिक्त समय क्यों बिताना चाहते हैं। इसके बाद ही आवेदन पर फैसला लिया जाएगा।

थाईलैंड के विदेश मंत्रालय से जुड़े अधिकारी Sihasak Phuangketkeow ने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर रोक लगाने की बड़ी योजना का हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसी खास देश को निशाना नहीं बना रही, बल्कि उन लोगों पर कार्रवाई करना चाहती है जो पर्यटन व्यवस्था का गलत फायदा उठा रहे हैं।

 

पर्यटन थाईलैंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा

थाईलैंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बहुत बड़ी भूमिका है। देश की कुल GDP में पर्यटन का हिस्सा 10 प्रतिशत से ज्यादा माना जाता है। हालांकि कोरोना महामारी के बाद अब तक पर्यटकों की संख्या पूरी तरह पुराने स्तर तक नहीं पहुंच पाई है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस साल की पहली तिमाही में विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 3.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं मध्य पूर्व से आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब एक-तिहाई की कमी आई है।

इसके बावजूद थाईलैंड सरकार को उम्मीद है कि इस साल लगभग 3.35 करोड़ विदेशी पर्यटक देश का दौरा करेंगे। पिछले साल यह संख्या करीब 3.3 करोड़ रही थी।

 

भारतीय यात्रियों पर भी पड़ेगा असर

भारत से हर साल बड़ी संख्या में लोग छुट्टियां मनाने के लिए थाईलैंड जाते हैं। वीजा-फ्री सुविधा के कारण भारतीय पर्यटकों के लिए यात्रा आसान और सस्ती हो गई थी। लेकिन अब नए नियम लागू होने के बाद भारतीय यात्रियों को अपनी ट्रिप की प्लानिंग पहले से ज्यादा सावधानी से करनी पड़ सकती है।