दुनिया के शेयर बाजारों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दक्षिण कोरिया ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का स्थान हासिल कर लिया है। इसकी सबसे बड़ी वजह AI यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) से जुड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों (सेमीकंडक्टर कंपनियां) में आई तेज़ी को माना जा रहा है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल दक्षिण कोरिया की कंपनियों की कुल बाजार कीमत (मार्केट कैपिटलाइजेशन) 86% बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। वहीं भारतीय शेयर बाजार का कुल बाजार मूल्य घटकर 4.8 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। इसी के साथ South Korea sixth largest stock market बन गया है।

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी
2 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। बढ़ते वैश्विक तनावों का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया।
सेंसेक्स करीब 300 अंक गिरकर 73,950 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी करीब 100 अंक टूटकर 23,300 के आसपास पहुंच गया।
आज फार्मा, हेल्थकेयर और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। दूसरी तरफ आईटी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली।
इससे पहले 1 जून को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 508 अंक टूटकर 74,267 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 165 अंक गिरकर 23,382 के स्तर पर पहुंच गया था।

South Korea Sixth Largest Stock Market बनने के पीछे क्या वजह है?
दक्षिण कोरिया की इस बड़ी छलांग के पीछे AI सेक्टर का तेजी से बढ़ना सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
दुनियाभर में AI तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसके लिए बड़ी मात्रा में मेमोरी चिप्स और हाई-परफॉर्मेंस हार्डवेयर की जरूरत होती है। दक्षिण कोरिया की कंपनियां इसी क्षेत्र में दुनिया की प्रमुख सप्लायर हैं।
Samsung Electronics और SK Hynix जैसी कंपनियों ने इस साल शानदार प्रदर्शन किया है। दोनों कंपनियां AI सिस्टम और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स बनाने के लिए जानी जाती हैं।
इन कंपनियों के शेयरों में आई तेज़ी का असर पूरे South Korea stock market पर पड़ा और बाजार नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया।
बाजार मूल्य में भारत से आगे निकला दक्षिण कोरिया
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया का कुल मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। भारतीय शेयर बाजार का कुल बाजार मूल्य फिलहाल 4.8 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है।
यानी South Korea overtakes India stock market की खबर अब आधिकारिक आंकड़ों में भी दिखाई दे रही है।
दिलचस्प बात यह है कि अर्थव्यवस्था के आकार के मामले में भारत अभी भी दक्षिण कोरिया से काफी आगे है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के मुताबिक, 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था करीब 4.15 ट्रिलियन डॉलर की रह सकती है। वहीं दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 1.93 ट्रिलियन डॉलर बताया गया है।
इसके बावजूद शेयर बाजार की रैंकिंग में दक्षिण कोरिया आगे निकल गया है।
सिर्फ AI नहीं, सरकारी सुधारों का भी मिला फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण कोरिया की सफलता के पीछे केवल AI सेक्टर नहीं है।
राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की ओर से कंपनियों में पारदर्शिता बढ़ाने और कॉर्पोरेट गवर्नेंस (कंपनियों के प्रबंधन से जुड़े नियम) को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स पहले ही सरकार द्वारा तय किए गए कई लक्ष्यों को पार कर चुका है। यही वजह है कि वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी दक्षिण कोरिया में बढ़ी है।
हालांकि कुछ बाजार जानकारों का मानना है कि मौजूदा तेजी अभी भी कुछ बड़ी टेक कंपनियों पर ज्यादा निर्भर है। इसलिए आने वाले समय में यह देखना होगा कि दूसरे सेक्टर भी इसी तरह का प्रदर्शन कर पाते हैं या नहीं।
India Stock Market Ranking में गिरावट क्यों आई?
दूसरी तरफ भारत के शेयर बाजार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा दबाव विदेशी निवेशकों की बिकवाली से आया है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 30 दिनों में विदेशी निवेशकों (FII) ने करीब 60 हजार करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। वहीं घरेलू निवेशकों (DII) ने खरीदारी जारी रखी है, लेकिन वह विदेशी बिकवाली के असर को पूरी तरह नहीं रोक पाए।
इसके अलावा:
- रुपये में कमजोरी
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
- महंगाई की चिंता
- कंपनियों की कमाई में धीमी बढ़ोतरी
जैसे कारण भी बाजार की चाल को प्रभावित कर रहे हैं।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, इस साल वैश्विक फंड भारत से करीब 26 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। इसका असर India stock market ranking पर भी दिखाई दे रहा है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
आज Asian stock markets में अलग-अलग तस्वीर देखने को मिली।
दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स करीब 1.45% नीचे रहा। जापान का Nikkei इंडेक्स भी 1.64% फिसल गया।
वहीं हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स करीब 1% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी बाजारों में एक दिन पहले तेजी देखने को मिली थी। डॉव जोन्स, नैस्डैक और S&P 500 तीनों इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए थे।
AI की दौड़ में आगे निकल रहे हैं एशियाई देश
पिछले कुछ महीनों में ताइवान और दक्षिण कोरिया दोनों को AI सेक्टर का बड़ा फायदा मिला है।
ताइवान की TSMC और दक्षिण कोरिया की Samsung व SK Hynix जैसी कंपनियां दुनिया की AI सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन चुकी हैं।
यही वजह है कि global stock market rankings में इन देशों की स्थिति मजबूत हुई है।
निवेशक फिलहाल उन बाजारों पर ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं जो सीधे AI से जुड़ी तकनीक और हार्डवेयर तैयार कर रहे हैं।
निष्कर्ष:
South Korea sixth largest stock market बनना इस बात का संकेत है कि इस समय वैश्विक निवेशकों का फोकस AI सेक्टर पर है। चिप बनाने वाली कंपनियों (सेमीकंडक्टर कंपनियां) में आई तेज़ी ने दक्षिण कोरिया को भारत से आगे पहुंचा दिया है। वहीं भारत का शेयर बाजार फिलहाल विदेशी निवेशकों की बिकवाली, महंगाई और अन्य आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। हालांकि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन शेयर बाजार की रैंकिंग में फिलहाल दक्षिण कोरिया ने बढ़त बना ली है।
FAQs-
Q1. South Korea sixth largest stock market कब बना?
2026 में दक्षिण कोरिया ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का स्थान हासिल किया।
Q2. दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में तेजी क्यों आई?
AI सेक्टर की बढ़ती मांग और Samsung व SK Hynix जैसी चिप बनाने वाली कंपनियों के शानदार प्रदर्शन की वजह से तेजी आई।
Q3. दक्षिण कोरिया का मौजूदा मार्केट कैप कितना है?
ताजा आंकड़ों के अनुसार दक्षिण कोरिया का कुल मार्केट कैप करीब 5 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है।
Q4. भारत का शेयर बाजार दबाव में क्यों है?
विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी, महंगाई और तेल की बढ़ती कीमतें इसके प्रमुख कारण हैं।
Q5. क्या भारत अभी भी दक्षिण कोरिया से बड़ी अर्थव्यवस्था है?
हां, IMF के अनुमान के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था दक्षिण कोरिया की तुलना में दो गुने से भी ज्यादा बड़ी है।

