Tamil Nadu Gold Ring Scheme: अब सरकारी अस्पताल में बच्चा पैदा होते ही मिलेगा 1 ग्राम सोना! जानिए किसे मिलेगा यह खास तोहफा

सोचिए, बच्चा पैदा होते ही सरकार आपको सोने की अंगूठी गिफ्ट करे! सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन अब यह हकीकत बनने जा रही है। Tamil Nadu Gold Ring Scheme के तहत तमिलनाडु सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले हर पात्र नवजात को 1 ग्राम सोने की अंगूठी देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की इस महत्वाकांक्षी योजना का मकसद सिर्फ उपहार देना नहीं, बल्कि मातृत्व का सम्मान करना और सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना भी है। इस योजना पर हर साल ₹755.83 करोड़ खर्च किए जाएंगे। 

Tamil Nadu Gold Ring Scheme क्या है?

Tamil Nadu Gold Ring Scheme तमिलनाडु सरकार की नई कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक पात्र नवजात को 1 ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। यह योजना Thaaimaaman Thanga Mothiram Thittam के नाम से लागू होगी और इसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करना तथा सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देना है। 

Tamil Nadu Gold Ring Scheme में किसे मिलेगा 1 ग्राम सोना?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो:

  • तमिलनाडु के स्थायी निवासी हों।
  • बच्चे का जन्म सरकारी अस्पताल में हुआ हो।
  • मां का PICME पंजीकरण और RCH ID उपलब्ध हो।
  • निवास प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, मूल निवास प्रमाणपत्र या अन्य मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करें।

सबसे खास बात यह है कि:

  • पहले, दूसरे या तीसरे बच्चे का कोई फर्क नहीं होगा।
  • लड़का और लड़की दोनों को समान रूप से लाभ मिलेगा।
  • सभी पात्र नवजात इस योजना में शामिल होंगे।
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Thaaimaaman Thanga Mothiram Thittam क्या है?

तमिल संस्कृति में ‘थाई मामा’ (मां का भाई) नवजात को उपहार देकर उसका स्वागत करता है। इसी परंपरा से प्रेरित होकर सरकार ने इस योजना का नाम Thaaimaaman Thanga Mothiram Thittam रखा है।इस योजना के तहत सरकार स्वयं मामा की भूमिका निभाएगी और प्रत्येक पात्र नवजात को 1 ग्राम सोने की अंगूठी भेंट करेगी। सरकार का कहना है कि यह केवल एक उपहार नहीं बल्कि बच्चे के जन्म और मां के मातृत्व का सम्मान है।

योजना कब शुरू होगी और कितना है बजट?

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय इस योजना की औपचारिक शुरुआत 15 सितंबर 2026 को करेंगे। यह दिन पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरई की जयंती भी है।हालांकि सरकार ने साफ किया है कि 22 जून 2026 या उसके बाद सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी पात्र नवजातों को इस योजना का लाभ मिलेगा।सरकार ने इस योजना के लिए ₹755.83 करोड़ का वार्षिक बजट मंजूर किया है। अनुमान है कि हर साल करीब 4.2 लाख से अधिक नवजात इस योजना से लाभान्वित होंगे।

 

सरकार ने यह योजना क्यों शुरू की?

सरकार का मानना है कि सोना तमिलनाडु की संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस योजना के जरिए सरकार चाहती है कि:

  • सरकारी अस्पतालों में अधिक से अधिक सुरक्षित प्रसव हों।
  • माताओं को सम्मान मिले।
  • नवजात के जन्म को यादगार बनाया जाए।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा बढ़े।
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत हों।

 

क्या प्राइवेट अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा लाभ?

फिलहाल Tamil Nadu Gold Ring Scheme केवल उन बच्चों पर लागू होगी जिनका जन्म सरकारी अस्पतालों में हुआ है और जिनके परिवार योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।

 

निष्कर्ष

Tamil Nadu Gold Ring Scheme देश की सबसे अनोखी और चर्चित Newborn Welfare Scheme बनकर सामने आई है। सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले हर पात्र नवजात को 1 ग्राम सोने की अंगूठी देकर तमिलनाडु सरकार मातृत्व का सम्मान करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अगर यह योजना सफल रहती है, तो यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक नया मॉडल बन सकती

FAQs:

यह तमिलनाडु सरकार की योजना है जिसके तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक पात्र नवजात को 1 ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। 

मातृत्व का सम्मान करने, सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने और नवजात के जन्म को यादगार बनाने के लिए। 

तमिलनाडु के स्थायी निवासी परिवार, जिनके बच्चे का जन्म सरकारी अस्पताल में हुआ हो और योजना की सभी पात्रता शर्तें पूरी हों। 

यह Tamil Nadu Gold Ring Scheme का आधिकारिक नाम है, जो तमिल संस्कृति में मामा द्वारा नवजात को उपहार देने की परंपरा से प्रेरित है। 

औपचारिक लॉन्च 15 सितंबर 2026 को होगा, लेकिन 22 जून 2026 या उसके बाद सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र नवजातों को इसका लाभ मिलेगा। 

हाँ, यदि वे तमिलनाडु के स्थायी निवासी परिवार से हैं, उनका जन्म सरकारी अस्पताल में हुआ है और वे योजना की पात्रता पूरी करते हैं। 

तमिलनाडु सरकार ने इस योजना के लिए ₹755.83 करोड़ प्रति वर्ष का बजट निर्धारित किया है।