Trump को मिली सबसे बड़ी ताकत? US Expanding Presidential Power पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, बदल जाएगी अमेरिकी राजनीति!

US Expanding Presidential Powe

अमेरिका में US Expanding Presidential Power को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसे आने वाले दशकों तक याद रखा जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अपनी Big Win बताते हुए राष्ट्रपति पद के अधिकारों की सबसे बड़ी जीत करार दिया है। 6-3 के बहुमत से आए इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति को स्वतंत्र संघीय एजेंसियों (Independent Federal Agencies) के अधिकारियों को हटाने की व्यापक शक्ति दे दी है। माना जा रहा है कि इससे अमेरिका में Presidential Powers, Executive Power और US Government की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

क्या है अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला?

US Supreme Court ने 6-3 के फैसले में कहा कि राष्ट्रपति को कार्यपालिका (Executive Branch) के अधिकारियों को हटाने का व्यापक संवैधानिक अधिकार है। इस फैसले के साथ 1935 के ऐतिहासिक Humphrey’s Executor फैसले को काफी हद तक पलट दिया गया, जिसने लगभग 90 वर्षों तक स्वतंत्र एजेंसियों के अधिकारियों को राष्ट्रपति से सुरक्षा दी थी।

Supreme Court Decision क्यों माना जा रहा है ऐतिहासिक?

यह मामला Federal Trade Commission (FTC) की डेमोक्रेटिक कमिश्नर रेबेका स्लॉटर से जुड़ा था। ट्रंप ने उन्हें उनके कार्यकाल के समाप्त होने से पहले पद से हटा दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने अब स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रपति के पास अपने प्रशासन के अधिकारियों को हटाने का अधिकार है। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने फैसले में कहा,

“अगर Humphrey’s फैसले का कुछ हिस्सा भी बचा है, तो हम उसे भी खत्म करते हैं।” यही टिप्पणी इस फैसले को ऐतिहासिक बनाती है।

US Expanding Presidential Powe
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US Expanding Presidential Power: राष्ट्रपति की शक्ति कैसे बढ़ी?

इस फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति अब कई स्वतंत्र संघीय एजेंसियों के अधिकारियों को पहले की तुलना में अधिक आसानी से हटा सकेंगे।इसका असर लगभग दो दर्जन से अधिक Independent Federal Agencies पर पड़ सकता है।विशेषज्ञों के मुताबिक अब भविष्य के राष्ट्रपति अपनी नीतियों के अनुरूप अधिकारियों की नियुक्ति और हटाने में पहले से कहीं अधिक स्वतंत्र होंगे। इससे Executive Power, Presidential Authority और Executive Branch की ताकत बढ़ेगी।

ट्रंप ने इसे ‘Big Win’ क्यों बताया?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर फैसले का स्वागत करते हुए लिखा कि यह राष्ट्रपति के संवैधानिक अधिकारों की पुष्टि करता है।उन्होंने कहा कि 1930 के दशक से हर राष्ट्रपति इस तरह के फैसले का इंतजार कर रहा था।ट्रंप के मुताबिक यह फैसला अमेरिकी संविधान के Article II के तहत राष्ट्रपति की शक्तियों को मजबूत करता है और यह राष्ट्रपति पद के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक है।

1935 का Humphrey’s Executor मामला क्या था?

1935 में तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने FTC कमिश्नर विलियम हम्फ्री को पद से हटा दिया था।उस समय सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि कांग्रेस कुछ स्वतंत्र एजेंसियों के अधिकारियों को राष्ट्रपति द्वारा बिना कारण हटाए जाने से बचा सकती है।करीब 90 साल तक यही कानूनी व्यवस्था लागू रही।अब नया फैसला उसी ऐतिहासिक मिसाल को लगभग समाप्त कर देता है।

 

अमेरिकी राजनीति पर क्या होगा असर?

इस फैसले का असर सिर्फ ट्रंप प्रशासन तक सीमित नहीं रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सभी अमेरिकी राष्ट्रपतियों को इससे अधिक प्रशासनिक नियंत्रण मिलेगा।

 

इसके परिणामस्वरूप

  • राष्ट्रपति का व्हाइट हाउस पर नियंत्रण मजबूत होगा।
  • स्वतंत्र एजेंसियों की स्वायत्तता कम हो सकती है।
  • भविष्य की सरकारें अपनी नीतियों के अनुरूप अधिकारियों की नियुक्ति और हटाने में अधिक स्वतंत्र होंगी।
  • American Politics में राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच शक्ति संतुलन पर नई बहस शुरू हो सकती है।

हालांकि आलोचकों का कहना है कि इससे स्वतंत्र एजेंसियों की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

 

निष्कर्ष

US Expanding Presidential Power पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला केवल डोनाल्ड ट्रंप की जीत नहीं माना जा रहा, बल्कि यह अमेरिकी संवैधानिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव भी है। आने वाले वर्षों में यह निर्णय राष्ट्रपति की शक्तियों, Executive Power, Presidential Authority और US Politics की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए यह फैसला अमेरिकी इतिहास के सबसे प्रभावशाली न्यायिक फैसलों में गिना जा रहा है।

FAQs:

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति को स्वतंत्र संघीय एजेंसियों के अधिकारियों को हटाने का व्यापक अधिकार दे दिया है और 1935 के पुराने कानूनी सिद्धांत को काफी हद तक पलट दिया है।

ट्रंप का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रपति के संवैधानिक अधिकारों की पुष्टि करता है और राष्ट्रपति पद की शक्तियों को मजबूत बनाता है।

अब राष्ट्रपति कई स्वतंत्र एजेंसियों के अधिकारियों को पहले की तुलना में अधिक आसानी से हटा सकेंगे, जिससे कार्यपालिका पर उनका नियंत्रण बढ़ेगा।

इससे राष्ट्रपति की प्रशासनिक शक्ति बढ़ेगी, जबकि स्वतंत्र एजेंसियों की स्वायत्तता पर असर पड़ सकता है। साथ ही शक्ति संतुलन को लेकर नई बहस शुरू होने की संभावना है।

हाँ। यह फैसला भविष्य के सभी अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर लागू होगा और उन्हें संघीय एजेंसियों पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।