Balochistan Insurgency: पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान (Balochistan) में एक बार फिर हिंसा चरम पर पहुंच गई है। पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों ने कई दिनों तक चले बड़े सैन्य अभियान में 75 संदिग्ध उग्रवादियों (Insurgents) को मार गिराया है। यह कार्रवाई उस भीषण हमले के बाद शुरू की गई, जिसमें प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army-BLA) के लड़ाकों पर पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों की हत्या का आरोप लगाया गया। इस घटना ने न केवल पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) और पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
Balochistan Insurgency: कैसे शुरू हुई पूरी घटना?
बलूचिस्तान सरकार के अनुसार, हिंसा की शुरुआत सोमवार देर रात हुई, जब दर्जनों हथियारबंद BLA उग्रवादियों ने क्वेटा के पास स्थित मांगी डैम (Mangi Dam) के निकट एक पुलिस चौकी पर समन्वित हमला किया। मांगी डैम क्वेटा और आसपास के इलाकों को पानी उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण जलाशय है, इसलिए यह सुरक्षा की दृष्टि से भी संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती हमले में नौ पुलिसकर्मी और 15 हमलावर मारे गए। सरकार का दावा है कि हमलावर 18 पुलिस अधिकारियों का अपहरण कर उन्हें पास के पहाड़ी इलाके में ले गए, जहां बाद में उनके शव बरामद हुए। अधिकारियों के अनुसार इन पुलिसकर्मियों की आंखों पर पट्टी बांधकर गोली मारकर हत्या की गई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

पाकिस्तान ने शुरू किया जवाबी अभियान
हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। इस अभियान में पाकिस्तान सेना, फ्रंटियर कॉर्प्स (Frontier Corps), पुलिस और सैन्य हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया। कई इलाकों में हवाई और जमीनी दोनों स्तरों पर कार्रवाई की गई।
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि इस अभियान में अब तक 75 उग्रवादी मारे जा चुके हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान का कहना है कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और क्षेत्र में छिपे उग्रवादियों की तलाश की जा रही है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
हमले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ क्वेटा पहुंचे और मृत पुलिसकर्मियों तथा अन्य पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हमले में जान गंवाने वालों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और दोषियों को हर हाल में न्याय के कटघरे तक लाया जाएगा।
पाकिस्तान सरकार ने हमले में मारे गए प्रत्येक पुलिस अधिकारी के परिवार को 1.11 करोड़ पाकिस्तानी रुपये (11.1 मिलियन PKR) का मुआवजा देने की भी घोषणा की है।
आखिर बलूचिस्तान में हिंसा क्यों होती रहती है?
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। यहां दशकों से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है। कई बलूच संगठन आरोप लगाते हैं कि प्राकृतिक गैस, खनिज और अन्य संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद इस क्षेत्र को विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में पर्याप्त हिस्सा नहीं मिला।
इसी असंतोष के कारण कई उग्रवादी संगठन अधिक स्वायत्तता या स्वतंत्र बलूचिस्तान की मांग करते रहे हैं। पाकिस्तान सरकार इन संगठनों को आतंकवादी संगठन मानती है, जबकि अलगाववादी संगठन खुद को राजनीतिक और राष्ट्रीय अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाला आंदोलन बताते हैं।
Baloch Liberation Army (BLA) क्या है?
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) बलूचिस्तान का सबसे सक्रिय अलगाववादी सशस्त्र संगठन माना जाता है। पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई देशों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
BLA का मुख्य उद्देश्य बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग स्वतंत्र राष्ट्र बनाना बताया जाता है। संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार बलूचिस्तान के संसाधनों का दोहन कर रही है, जबकि स्थानीय लोगों को उसका लाभ नहीं मिल रहा।
पिछले कुछ वर्षों में BLA ने कई बार पाकिस्तानी सेना, पुलिस, सरकारी प्रतिष्ठानों और चीन से जुड़ी परियोजनाओं को निशाना बनाया है।

चीन और CPEC के कारण क्यों बढ़ा है बलूचिस्तान का महत्व?
बलूचिस्तान केवल सुरक्षा के लिहाज से ही नहीं बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी प्रांत में ग्वादर बंदरगाह (Gwadar Port) स्थित है, जो चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (China-Pakistan Economic Corridor-CPEC) का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
CPEC, चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। इसके तहत सड़क, रेल, ऊर्जा और बंदरगाह परियोजनाओं पर अरबों डॉलर का निवेश किया गया है। यही वजह है कि उग्रवादी संगठन अक्सर चीनी परियोजनाओं और वहां काम कर रहे कर्मचारियों को भी निशाना बनाते रहे हैं।
पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। अलगाववादी संगठनों के अलावा पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान (TTP) जैसे आतंकी संगठन भी कई इलाकों में सक्रिय हैं। हालांकि BLA और TTP अलग-अलग संगठन हैं, लेकिन दोनों के हमलों ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सैन्य कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा। जब तक राजनीतिक संवाद, आर्थिक विकास और स्थानीय लोगों की शिकायतों के समाधान की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए जाते, तब तक बलूचिस्तान में हिंसा की घटनाएं पूरी तरह समाप्त होना कठिन रहेगा।
इस घटना का क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर पड़ सकता है?
बलूचिस्तान की सीमा ईरान और अफगानिस्तान से लगती है। ऐसे में यहां बढ़ती हिंसा केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर प्रभाव डाल सकती है। यदि इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है तो CPEC जैसी बहु-अरब डॉलर की परियोजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। साथ ही पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा, निवेश माहौल और पड़ोसी देशों के साथ सीमा प्रबंधन पर भी इसका असर पड़ सकता है।
FAQ
- बलूचिस्तान में क्या हुआ है?
बलूचिस्तान में प्रतिबंधित संगठन Baloch Liberation Army (BLA) के हमले के बाद पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। पाकिस्तान का दावा है कि इस अभियान में 75 संदिग्ध उग्रवादी मारे गए हैं। हिंसा में पुलिसकर्मियों और नागरिकों की भी जान गई है। - 18 पुलिस अधिकारियों की हत्या कैसे हुई?
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, BLA के हमलावर पुलिस चौकी पर हमला करने के बाद 18 पुलिस अधिकारियों का अपहरण कर उन्हें पहाड़ी इलाके में ले गए। बाद में उनके शव बरामद हुए। सरकार का दावा है कि उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर गोली मारकर हत्या की गई। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। - पाकिस्तान ने 75 उग्रवादियों को कैसे मार गिराया?
पाकिस्तान सेना, फ्रंटियर कॉर्प्स और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली गई। कई दिनों तक चले हवाई और जमीनी ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान ने 75 उग्रवादियों को मार गिराने का दावा किया है। - बलूचिस्तान में हिंसा का मुख्य कारण क्या है?
बलूचिस्तान में दशकों से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है। कई बलूच संगठन अधिक स्वायत्तता या स्वतंत्रता की मांग करते हैं और आरोप लगाते हैं कि क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा। यही असंतोष हिंसा का प्रमुख कारण माना जाता है। - इस घटना के पीछे किस संगठन का हाथ बताया जा रहा है?
पाकिस्तान सरकार ने इस हमले के लिए प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) को जिम्मेदार ठहराया है। यह संगठन लंबे समय से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और चीन समर्थित परियोजनाओं को निशाना बनाता रहा है। - पाकिस्तान सरकार ने इस घटना पर क्या कार्रवाई की है?
सरकार ने बड़े स्तर पर सैन्य अभियान शुरू किया, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्वेटा जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और मारे गए प्रत्येक पुलिस अधिकारी के परिवार को 1.11 करोड़ पाकिस्तानी रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही ऑपरेशन जारी रखने की बात भी कही गई है। - बलूचिस्तान का रणनीतिक महत्व क्या है?
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और इसकी सीमाएं ईरान तथा अफगानिस्तान से लगती हैं। इसी क्षेत्र में ग्वादर बंदरगाह और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्थित हैं। इसलिए यह क्षेत्र पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए आर्थिक और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

