Extreme Heat Risk को लेकर आई एक नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी ने भारत के लिए गंभीर चेतावनी दी है। शोध के अनुसार, भारत उन चार देशों में शामिल है जहां सबसे अधिक शहर अत्यधिक गर्मी के खतरे का सामना कर रहे हैं। अध्ययन में यह भी सामने आया कि अहमदाबाद दुनिया का दूसरा सबसे अधिक जोखिम वाला शहर है, जबकि भारत के कुल 14 शहर वैश्विक टॉप-50 सूची में शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल बढ़ता तापमान ही नहीं, बल्कि कमजोर बुनियादी ढांचा, जनसंख्या घनत्व, हरित क्षेत्रों की कमी और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां भी इस खतरे को कई गुना बढ़ा रही हैं।
अध्ययन के अनुसार भारत के कितने शहर अत्यधिक गर्मी के खतरे में हैं?
नई वैश्विक स्टडी के अनुसार भारत के 14 शहर दुनिया के सबसे अधिक Extreme Heat Risk वाले 50 शहरों में शामिल हैं। इनमें अहमदाबाद, जयपुर, नागपुर, पुणे, चेन्नई, मदुरै, बेंगलुरु, कानपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। अध्ययन बताता है कि गर्मी का जोखिम केवल तापमान नहीं बल्कि शहर की तैयारी और लोगों की संवेदनशीलता पर भी निर्भर करता है।

Extreme Heat Risk: किन भारतीय शहरों पर सबसे ज्यादा खतरा?
University of Oxford के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में दुनिया के 205 बड़े शहरों का विश्लेषण किया गया।भारत के जिन शहरों को सबसे अधिक जोखिम वाला माना गया उनमें शामिल हैं:
- अहमदाबाद (दुनिया में दूसरा सबसे अधिक जोखिम वाला शहर)
- जयपुर
- नागपुर
- पुणे
- चेन्नई
- मदुरै
- बेंगलुरु
- कानपुर
- लखनऊ
और अन्य प्रमुख शहर रिपोर्ट के मुताबिक, इराक का अल-बसरा पहले स्थान पर है, जबकि अहमदाबाद दूसरे स्थान पर है। केवल तापमान नहीं, ये कारण भी बढ़ा रहे हैं खतराशोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि Heat Risk Cities की पहचान केवल अधिक तापमान के आधार पर नहीं की गई।कई अन्य कारकों को भी शामिल किया गया, जैसे:
- घनी आबादी
- आर्थिक स्थिति
- हरित क्षेत्रों (Green Cover) की कमी
- कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता
- स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच
- शहर की आपदा से निपटने की क्षमता
यानी दो शहरों का तापमान समान होने के बावजूद उनका जोखिम अलग-अलग हो सकता है।
Climate Change India: जलवायु परिवर्तन क्यों बढ़ा रहा है खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार Climate Change India और Global Warming के कारण हीटवेव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।अध्ययन में कहा गया है कि दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और उप-सहारा अफ्रीका के 95 प्रतिशत से अधिक सबसे जोखिम वाले शहर स्थित हैं। इसका कारण तेज़ी से बढ़ता शहरीकरण, सीमित संसाधन और जलवायु परिवर्तन का बढ़ता प्रभाव है।ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की प्रमुख शोधकर्ता ने कहा कि एशिया और अफ्रीका के कई शहरों में अत्यधिक गर्मी, संवेदनशील आबादी और सीमित संसाधनों का संयोजन लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है।
क्या केवल एयर कंडीशनर ही समाधान है?
अध्ययन में एयर कंडीशनर पर अत्यधिक निर्भरता को भी चिंता का विषय बताया गया है।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि केवल AC पर निर्भरता बढ़ती है तो बिजली की खपत और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी बढ़ सकता है, जिससे Global Warming और तेज हो सकती है।इसके बजाय रिपोर्ट में सुझाव दिए गए हैं:
- अधिक पेड़ लगाना
- Cool Roof तकनीक अपनाना
- प्राकृतिक वेंटिलेशन बढ़ाना
- कम ऊर्जा खपत वाले पंखे और कूलर का उपयोग
- शहरी हरित क्षेत्रों का विस्तार
Heatwave का स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?
अत्यधिक गर्मी का असर केवल असुविधा तक सीमित नहीं रहता।Heatwave India के दौरान लोगों में:
- हीट स्ट्रोक
- डिहाइड्रेशन
- बेहोशी
- हृदय संबंधी समस्याएं
- बुजुर्गों और बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं
- मृत्यु का खतरा
- काफी बढ़ सकता है।
इसीलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह देते हैं।
सरकार और शहर क्या कर सकते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ते Climate Risk से निपटने के लिए सरकारों को:
- Heat Action Plan मजबूत करना
- शहरी हरित क्षेत्र बढ़ाना
- कूलिंग सेंटर विकसित करना
- मौसम की समय पर चेतावनी जारी करना
- सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना
- टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देना
- जैसे कदम तेजी से उठाने होंगे।
निष्कर्ष
Extreme Heat Risk पर आई यह नई रिपोर्ट भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी है। देश के 14 शहर दुनिया के सबसे अधिक जोखिम वाले शहरों में शामिल होना बताता है कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान की चुनौती बन चुका है। यदि समय रहते शहरी योजना, हरित विकास और प्रभावी Heat Action Plans पर काम नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में Heatwave Risk और अधिक गंभीर हो सकता है।
FAQs
Q1. अध्ययन के अनुसार भारत के कितने शहर अत्यधिक गर्मी के खतरे में हैं?
नई वैश्विक स्टडी के अनुसार भारत के 14 शहर दुनिया के सबसे अधिक Extreme Heat Risk वाले 50 शहरों में शामिल हैं।
Q2. Extreme Heat Risk क्या होता है?
Extreme Heat Risk का अर्थ है अत्यधिक गर्मी से लोगों, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और शहरों पर पड़ने वाला कुल जोखिम, जिसमें तापमान के साथ सामाजिक और आर्थिक कारक भी शामिल होते हैं।
Q3. भारत किन अन्य देशों के साथ इस सूची में शामिल है?
भारत के अलावा पाकिस्तान, नाइजीरिया और घाना उन देशों में शामिल हैं जहां सबसे अधिक जोखिम वाले शहर पाए गए हैं।
Q4. जलवायु परिवर्तन का इसमें क्या योगदान है?
जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान बढ़ रहा है, हीटवेव अधिक बार और अधिक तीव्र हो रही हैं, जिससे शहरों में गर्मी का खतरा बढ़ता जा रहा है।
Q5. कौन-कौन से भारतीय शहर सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं?
अहमदाबाद, जयपुर, नागपुर, पुणे, चेन्नई, मदुरै, बेंगलुरु, कानपुर और लखनऊ सहित कुल 14 भारतीय शहर उच्च जोखिम वाली सूची में शामिल हैं।
Q6. सरकार गर्मी के जोखिम को कम करने के लिए क्या कर सकती है?
Heat Action Plan, हरित क्षेत्रों का विस्तार, कूलिंग सेंटर, समय पर मौसम चेतावनी और टिकाऊ शहरी विकास जैसे कदम जोखिम कम करने में मदद कर सकते हैं।
Q7. Heatwave का स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, हृदय संबंधी समस्याएं, बेहोशी और गंभीर मामलों में मृत्यु का खतरा बढ़ सकता है, विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों में।

