US Iran War Budget: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुनाव संबंधी प्राथमिकताओं के लिए 95 अरब डॉलर के बजट को मंजूरी दे दी। यह प्रस्ताव 216 के मुकाबले 214 वोटों से पारित हुआ। इसमें अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के लिए 73 अरब डॉलर, किसानों की सहायता के लिए 12 अरब डॉलर और मतदान नियमों को सख्त बनाने के लिए 10 अरब डॉलर का प्रावधान है। अब यह प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में जाएगा, जहां रिपब्लिकन सांसदों के बीच मतभेद के कारण इसका भविष्य अनिश्चित माना जा रहा है।

US Iran War Budget: दो वोटों के अंतर से पास हुआ प्रस्ताव
प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी के लगभग सभी सदस्यों ने बजट प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी और वॉरेन डेविडसन ने इसके खिलाफ मतदान किया। निर्दलीय सदस्य केविन काइली ने भी प्रस्ताव का विरोध किया।
मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान युद्ध पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने की लागत, दायरे और राजनीतिक नुकसान को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर चिंता थी। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व प्रस्ताव को पारित कराने में सफल रहा।
यह फिलहाल केवल एक Budget Framework (बजट का प्रारंभिक ढांचा) है। सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन सदस्य गर्मियों के अंत में इसका विस्तृत विधेयक तैयार कर सकेंगे।
ईरान युद्ध के लिए 73 अरब डॉलर
प्रस्ताव में अमेरिकी सशस्त्र बलों और खुफिया एजेंसियों के लिए 73 अरब डॉलर तक की अतिरिक्त राशि रखी गई है। इस रकम का बड़ा हिस्सा ईरान के खिलाफ युद्ध से जुड़े सैन्य अभियानों और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों पर खर्च किया जाएगा।

यह प्रावधान ऐसे समय लाया गया है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष के लिए अमेरिकी कांग्रेस से औपचारिक युद्ध अनुमति नहीं मांगी है। कुछ सांसदों को आशंका है कि अतिरिक्त सैन्य बजट की मंजूरी को ट्रंप प्रशासन युद्ध के लिए कांग्रेस की सहमति के रूप में पेश कर सकता है।
किसानों के लिए 12 अरब डॉलर की मदद
बजट प्रस्ताव में अमेरिकी किसानों के लिए 12 अरब डॉलर की सहायता भी शामिल है। यह रकम उन किसानों की मदद के लिए रखी गई है, जो राष्ट्रपति ट्रंप की Trade War (व्यापार युद्ध) से प्रभावित हुए हैं।
अमेरिका में महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत मध्यावधि चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा बनी हुई है। भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवा, बच्चों की देखभाल और ईंधन की कीमतों को लेकर ट्रंप प्रशासन और रिपब्लिकन पार्टी पर राजनीतिक दबाव है।
मतदान नियमों के लिए 10 अरब डॉलर
प्रस्ताव में 10 अरब डॉलर चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों के लिए रखे गए हैं। ट्रंप देशभर में मतदान और मतदाता पंजीकरण से जुड़े नियमों को सख्त बनाना चाहते हैं।
उनका व्यापक SAVE America Act फिलहाल कांग्रेस में पर्याप्त समर्थन हासिल नहीं कर पाया है। ऐसे में बजट प्रस्ताव के माध्यम से नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य करने, मतदाता पहचान नियम सख्त करने और डाक के जरिए मतदान पर पाबंदियां लगाने की तैयारी की गई है।
प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि बुधवार को मंजूर किया गया प्रस्ताव कांग्रेस के रिपब्लिकन सदस्यों को दो महत्वपूर्ण लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ाता है – अमेरिकी चुनावों को सुरक्षित करना और देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाना।
सीनेट में प्रस्ताव की राह कठिन
प्रतिनिधि सभा से पास होने के बाद अब बजट अमेरिकी सीनेट में जाएगा। वहां रिपब्लिकन नेताओं ने प्रस्ताव के कई हिस्सों पर आपत्ति जताई है।
सीनेट में बहुमत के नेता जॉन थून ने संकेत दिया कि सितंबर में संभावित Government Shutdown (सरकारी कामकाज बंद होने की स्थिति) की समयसीमा से पहले सरकारी फंडिंग के मुद्दे को सुलझाना जरूरी है। इसलिए सीनेट प्रतिनिधि सभा के प्रस्ताव पर विचार करने में देरी कर सकती है।
सीनेट की Armed Services Committee (सशस्त्र सेवा समिति) के अध्यक्ष रोजर विकर का कहना है कि प्रस्ताव में अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के लिए पर्याप्त धन नहीं रखा गया है।
वहीं रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की और थॉम टिलिस ने SAVE Act से जुड़े चुनावी प्रावधानों का विरोध किया है। दोनों सांसद नागरिकता का प्रमाण, सख्त मतदाता पहचान और Mail-in Voting (डाक के जरिए मतदान) पर पाबंदियां लगाने वाले नियमों से सहमत नहीं हैं।
युद्ध की मंजूरी माने जाने पर सवाल
सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की ने यह भी सवाल उठाया कि क्या अतिरिक्त सैन्य फंडिंग को मंजूरी देना ट्रंप प्रशासन के लिए ईरान युद्ध की संसदीय अनुमति माना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने अब तक इस संघर्ष के लिए कांग्रेस से औपचारिक मंजूरी नहीं मांगी है। इसी वजह से कुछ सीनेटर चाहते हैं कि सैन्य फंडिंग और युद्ध की संवैधानिक अनुमति को अलग-अलग देखा जाए।
रिपब्लिकन को मिलेगी विशेष बजट प्रक्रिया
सीनेट से बजट ढांचे को मंजूरी मिलने पर रिपब्लिकन पार्टी Reconciliation Process (विशेष बजट प्रक्रिया) के तहत विस्तृत विधेयक ला सकेगी। इस प्रक्रिया में विधेयक को सीनेट में सामान्य 60 वोटों के बजाय साधारण बहुमत से पास कराया जा सकता है।
इससे रिपब्लिकन सांसद डेमोक्रेटिक पार्टी के विरोध और Filibuster (लंबी बहस के जरिए विधेयक रोकने की प्रक्रिया) को दरकिनार कर सकेंगे।
यदि यह प्रस्ताव सीनेट से भी पास हो जाता है, तो पिछले 18 महीनों में रिपब्लिकन पार्टी का यह तीसरा बड़ा Reconciliation Package होगा।
मध्यावधि चुनाव से पहले आखिरी बड़ा प्रयास
यह बजट पैकेज नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी का आखिरी बड़ा विधायी प्रयास माना जा रहा है।
इन चुनावों के नतीजे तय करेंगे कि रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी कांग्रेस में अपना बहुमत बरकरार रख पाएगी या नहीं। कांग्रेस का नियंत्रण ही यह तय करेगा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के बाकी हिस्से में अपनी नीतियों को कितनी आसानी से आगे बढ़ा पाएंगे।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने बजट का विरोध किया
प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने प्रस्ताव को “America Last Republican Budget” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए मध्य पूर्व में चल रहे “Operation Epic Fury” में अरबों डॉलर और खर्च किए जाएंगे।
जेफ्रीज ने इस सैन्य अभियान को अमेरिकी जनता के लिए “पूरी तरह विनाशकारी” बताया।
डेमोक्रेटिक सांसद रोजा डेलॉरो ने भी प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा, “अमेरिकी लोग मध्य पूर्व में और अधिक खुले अंत वाले, दिशाहीन, महंगे और जानलेवा युद्ध नहीं चाहते। वे चाहते हैं कि भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवा, बच्चों की देखभाल और पेट्रोल जैसी बुनियादी जरूरतों की कीमतें कम हों।”

FAQ’s
1. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 95 अरब डॉलर का युद्ध बजट क्यों मंजूर किया?
इस प्रस्ताव का उद्देश्य ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराना, व्यापार युद्ध से प्रभावित किसानों को सहायता देना और राष्ट्रपति ट्रंप की चुनाव संबंधी नीतियों को लागू करना है।
2. इस बजट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रस्ताव में 73 अरब डॉलर सेना और खुफिया एजेंसियों के लिए, 12 अरब डॉलर किसानों की सहायता के लिए और 10 अरब डॉलर चुनाव तथा मतदान नियमों से जुड़े कार्यक्रमों के लिए रखे गए हैं।
3. क्या प्रस्ताव को सीनेट की मंजूरी भी चाहिए?
हां, प्रतिनिधि सभा से पास होने के बाद प्रस्ताव को सीनेट की मंजूरी जरूरी है। सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों के बीच सैन्य फंडिंग और मतदान नियमों को लेकर मतभेद हैं, इसलिए इसका पारित होना तय नहीं है।
4. ट्रंप इस योजना का समर्थन क्यों कर रहे हैं?
राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए अतिरिक्त बजट चाहते हैं। इसके साथ ही वह मतदाता पंजीकरण, पहचान प्रमाण और डाक के जरिए मतदान से जुड़े नियमों को सख्त बनाना चाहते हैं।
5. इस बजट का अमेरिका-ईरान संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
प्रस्ताव पारित होने पर ईरान संघर्ष से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। हालांकि दिए गए प्रस्ताव में अमेरिका और ईरान के कूटनीतिक संबंधों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।
6. क्या इस फंड का उपयोग केवल ईरान से जुड़े अभियानों के लिए होगा?
नहीं। 95 अरब डॉलर के कुल प्रस्ताव में 73 अरब डॉलर सेना और खुफिया एजेंसियों के लिए हैं। इसके अलावा 12 अरब डॉलर किसानों और 10 अरब डॉलर चुनाव संबंधी कार्यक्रमों के लिए रखे गए हैं।

