NEET Paper Leak में बड़ा खुलासा! NTA के 3 एक्सपर्ट कैसे बने सवालों के घेरे में?

NEET Paper Leak

NEET Paper Leak मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट के हवाले से तीन पुणे स्थित NTA subject experts की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि इन विशेषज्ञों को NEET-UG प्रश्नपत्र तैयार करने के अलग-अलग चरणों में काम करने के साथ-साथ कई master question sets तक पहुंच मिली और इसी प्रक्रिया में गोपनीय सवाल कथित तौर पर बाहर पहुंचे।

NEET Paper Leak से जुड़े ये 3 NTA Experts कौन हैं?

CBI की चार्जशीट के अनुसार, मामले में पुणे के तीन NTA subject experts को प्रमुख स्रोतों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इनमें मनीषा गुरुनाथ मंधारे (Botany और Zoology), पी. वी. कुलकर्णी (Chemistry) और मनीषा संजय हवलदार (Physics) शामिल हैं। आरोप है कि तीनों विशेषज्ञों को प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में जिम्मेदारियां दी गई थीं। जांच के मुताबिक, उन्हें परीक्षा के चारों master question sets देखने की अनुमति भी थी।

 

मनीषा गुरुनाथ मंधारे

मंधारे NTA के लिए प्रश्न तैयार करने, उनकी जांच, अनुवाद और back-translation जैसे कई चरणों में काम करती थीं। CBI के अनुसार, वह पुणे स्थित अपने घर पर आठ छात्रों को Biology पढ़ाती थीं। आरोप है कि उन्होंने NCERT की कक्षा 11 और 12 की किताबों में उन पैराग्राफ को चिह्नित किया, जिनसे कथित तौर पर लीक हुए सवाल जुड़े थे। इसके बाद छात्रों को इन हिस्सों से संबंधित सामग्री लिखवाई गई और तैयार नोट्स को उन्होंने खुद जांचा। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों के साथ समन्वय के लिए एक WhatsApp ग्रुप भी बनाया गया था।

Image: Hindustan Times

कुलकर्णी पर Chemistry के सवाल बाहर निकालने का आरोप

पी. वी. कुलकर्णी NTA के लिए Chemistry में item writing और back-translation का काम करते थे। CBI के आरोपों के मुताबिक, NTA के confidential wing में check-in और check-out के दौरान पर्याप्त frisking नहीं होने का कथित फायदा उठाकर उन्होंने करीब 135 Chemistry questions और उनके answers छोटे कागजों पर लिखे और उन्हें बाहर ले गए। आरोप है कि अप्रैल में उन्होंने पुणे और लातूर में कुछ दिनों के लिए Chemistry की कक्षाएं भी लीं और इसी दौरान कथित तौर पर सवालों को पैसे के बदले साझा किया। यह मामला इसलिए गंभीर माना गया क्योंकि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली गोपनीय प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति के पास परीक्षा के महत्वपूर्ण सवालों तक सीधी पहुंच थी।

मनीषा हवलदार पर Physics के सवाल साझा करने का आरोप

मनीषा संजय हवलदार NTA के लिए Translation और back-translation से जुड़ी थीं। CBI के मुताबिक, उन्होंने Physics के सेट 1, 2 और 4 से जुड़े करीब 68 सवाल याद किए और उन्हें कागज पर नोट किया। आरोप है कि उन्होंने ये सवाल किसी व्यक्ति को कथित तौर पर ₹25,000 नकद और आम की एक पेटी के बदले बताए। बाद में इन नोट्स को WhatsApp के जरिए मंधारे और एक अन्य आरोपी के साथ साझा करने का भी आरोप है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

 

NTA की व्यवस्था में कहां हुई बड़ी चूक?

CBI की चार्जशीट में NTA के प्रश्नपत्र तैयार करने के protocol को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच के मुताबिक, एक ही subject experts को प्रश्नपत्र तैयार करने की कई अलग-अलग stages में दोबारा इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, तीनों विशेषज्ञों को final stage में चारों master question sets देखने की अनुमति मिलने की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, यही व्यवस्था प्रश्नपत्र की गोपनीयता और सुरक्षा के लिहाज से गंभीर जोखिम पैदा कर सकती थी।

 

NEET Paper Leak मामले में कितने आरोपी हैं?

CBI की चार्जशीट में कुल 13 आरोपियों के नाम बताए गए हैं। तीनों पुणे स्थित NTA experts पर criminal breach of trust और public servant से जुड़े misconduct के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसे इस मामले में किसी सरकारी अधिकारी या NTA office-bearer के खिलाफ संलिप्तता का सबूत नहीं मिला। NEET-UG देशभर में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रमुख प्रवेश परीक्षा है। प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे थे और बाद में परीक्षा को लेकर दोबारा आयोजन की स्थिति बनी।

 

NEET Paper Leak का पूरा विवाद क्यों अहम है?

NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र की गोपनीयता से जुड़ी किसी भी चूक का सीधा असर छात्रों के भरोसे और परीक्षा की निष्पक्षता पर पड़ सकता है। इस मामले में सामने आए आरोप यह सवाल भी उठाते हैं कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले experts को कितनी जानकारी और किस चरण में उपलब्ध कराई जानी चाहिए, तथा confidential material की निगरानी के लिए सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत होनी चाहिए।

 

निष्कर्ष

NEET Paper Leak मामले में सामने आई CBI चार्जशीट ने प्रश्नपत्र तैयार करने की गोपनीय प्रक्रिया और उससे जुड़े तीन NTA experts की कथित भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही, यह मामला परीक्षा प्रणाली में confidential material की सुरक्षा, expert access और internal protocols को और मजबूत करने की जरूरत को भी सामने लाता है।

 

FAQs

  1. NEET Paper Leak मामले में NTA के तीन विशेषज्ञ कौन हैं?
    CBI की चार्जशीट के अनुसार, तीन विशेषज्ञों में मनीषा गुरुनाथ मंधारे, पी. वी. कुलकर्णी और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं।
  2. इन तीनों विशेषज्ञों पर पद के दुरुपयोग का आरोप क्यों लगा?
    आरोप है कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में मिली पहुंच का इस्तेमाल करके उन्होंने कथित तौर पर परीक्षा के गोपनीय सवालों को बाहर पहुंचाया।
  3. NEET Paper Leak की जांच किस एजेंसी ने की?
    मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने की और अपनी चार्जशीट में 13 आरोपियों का उल्लेख किया।
  4. क्या NTA की प्रक्रिया में भी खामियां सामने आईं?
    CBI की चार्जशीट के अनुसार, एक ही experts को प्रश्नपत्र तैयार करने की कई stages में इस्तेमाल किया गया और उन्हें चारों master question sets तक पहुंच मिली थी।
  5. क्या तीनों experts के खिलाफ आरोप साबित हो चुके हैं?
    नहीं। ये CBI द्वारा लगाए गए आरोप हैं। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।