राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले: One State One Election को मंजूरी, OBC आरक्षण और नई कृषि नीति पर भी मुहर!

राजस्थान सरकार ने स्थानीय चुनाव व्यवस्था से लेकर कृषि, ग्रामीण रोजगार और ऊर्जा क्षेत्र तक कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 7 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में पंचायत राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के आगामी चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही OBC राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी सिफारिशों को स्वीकार किया गया और Rajasthan Agriculture and Food Processing Policy 2026 को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने खाद्य प्रसंस्करण पार्कों के विकास, श्रम नियमों, ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े कई अन्य फैसले भी लिए।

Rajasthan One State One Election क्या है?

Rajasthan One State One Election के तहत राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के आगामी चुनाव एक साथ कराने का फैसला लिया गया है। सरकार का तर्क है कि अलग अलग समय पर स्थानीय चुनाव होने से प्रशासनिक संसाधनों का बार बार इस्तेमाल करना पड़ता है और विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है। एक साथ चुनाव कराने का उद्देश्य समय और संसाधनों की बचत के साथ विकास कार्यों को लगातार जारी रखना है। राज्य के 2024 25 के बजट में भी शहरी स्थानीय निकायों और पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव रखा गया था। अब कैबिनेट ने आगामी स्थानीय चुनावों के लिए इस व्यवस्था को मंजूरी दी है। यहां यह समझना जरूरी है कि One State One Election Rajasthan का दायरा राज्य के स्थानीय चुनावों तक है। इसे केंद्र की One Nation One Election व्यवस्था के समान नहीं माना जाना चाहिए।

 

OBC आरक्षण को लेकर क्या फैसला हुआ?

राजस्थान में OBC Reservation Rajasthan को लेकर भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग की सिफारिशें 5 अगस्त 2026 को राज्य सरकार को मिली थीं। कैबिनेट ने इन सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।

इसके बाद शहरी स्थानीय निकायों और पंचायत राज संस्थाओं से जुड़े कानूनों में OBC आरक्षण के प्रावधान शामिल करने का रास्ता साफ हुआ है। आवश्यक कानूनी प्रावधान लागू होने के बाद SC, ST और OBC वर्गों के लिए आरक्षित सीटों के निर्धारण की लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी।

 

राजस्थान की नई कृषि नीति क्या है?

कैबिनेट ने Rajasthan Agriculture and Food Processing Policy 2026 को मंजूरी दी है। यह नीति कृषि और बागवानी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। Rajasthan Farm Policy के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार से जोड़ने के लिए प्रसंस्करण उद्योगों और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की योजना है।

 

किन कृषि क्षेत्रों को नीति में शामिल किया गया है?

नई नीति में फल और सब्जियां, मसाले, अनाज, तिलहन, दलहन, औषधीय उत्पाद, लघु वनोपज, शहद, डेयरी और पशु आहार जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके अलावा साइलो और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

 

कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को कितनी सब्सिडी मिलेगी?

नई नीति के तहत कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। 50 लाख रुपये तक के ऋण पर 60 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है। 50 लाख रुपये से अधिक और 1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।

1 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। इस सब्सिडी की अधिकतम सीमा 1.50 करोड़ रुपये रखी गई है। कृषि नीति में FPOs, महिला उद्यमियों, SC और ST उद्यमियों तथा Tribal Sub Plan क्षेत्रों में परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कोल्ड स्टोरेज, साइलो और निर्यात से जुड़ी सब्सिडी Rajasthan Investment Promotion Policy 2024 के तहत उपलब्ध होगी। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाएं RIPS 2024 के MSME Standard Package के तहत भी पूंजीगत सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकेंगी।

 

Shri Anna Promotion Agency भी बनेगी

राजस्थान में मोटे अनाज यानी श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए Shri Anna Promotion Agency बनाने का फैसला लिया गया है। इसके जरिए मिलेट आधारित इकाइयों और प्राथमिक प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। इससे कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

 

हर जिले में चरणबद्ध तरीके से विकसित होंगे Food Parks

कैबिनेट ने Rajasthan Food Park Development Policy 2026 को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत राज्य के हर जिले में चरणबद्ध तरीके से क्लस्टर आधारित फूड पार्क विकसित किए जाएंगे। इन फूड पार्कों में खाद्य उत्पादों के संरक्षण, भंडारण, प्रसंस्करण और परिवहन से जुड़ी एकीकृत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे किसानों और उत्पादक समूहों को प्रसंस्करण इकाइयों तथा बाजार से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार तथा खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।

 

श्रम क्षेत्र में भी बड़े बदलाव

कैबिनेट ने Code on Wages Rajasthan Rules 2026 को मंजूरी दी है। इन नियमों में न्यूनतम वेतन तय करने के लिए वैज्ञानिक सूत्र और कौशल आधारित वर्गीकरण का प्रावधान किया गया है। महंगाई भत्ते को Consumer Price Index से जोड़ा जाएगा और इसमें हर साल 1 अप्रैल तथा 1 अक्टूबर को संशोधन किया जाएगा। काम के घंटे को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। साप्ताहिक काम के घंटे 48 घंटे होंगे और छह दिन के कार्य सप्ताह में विश्राम अवधि सहित अधिकतम दैनिक कार्य अवधि 10.5 घंटे होगी। पांच घंटे लगातार काम करने के बाद 30 मिनट का अनिवार्य विश्राम देना होगा। सप्ताह का सातवां दिन सवेतन अवकाश होगा। साप्ताहिक अवकाश के दिन काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ओवरटाइम भुगतान से जुड़े प्रावधान भी किए गए हैं। कर्मचारियों को वेतन पर्ची देने और श्रम संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से बनाए रखने की व्यवस्था भी शामिल है।

 

Industrial Relations Rules में क्या बदलेगा?

कैबिनेट ने Rajasthan Industrial Relations Rules 2026 को भी मंजूरी दी है। इन नियमों के तहत श्रम अनुपालन और औद्योगिक विवादों से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है। औद्योगिक विवादों के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं के साथ यूनियन प्रतिनिधित्व और कार्यस्थल पर शिकायत निवारण से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।

 

राजस्थान में 125 दिन के रोजगार की गारंटी

कैबिनेट ने राजस्थान में Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) यानी VB G RAM G के तहत योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी दी है। यहां यह समझना जरूरी है कि यह कोई नई राष्ट्रीय योजना नहीं है। VB G RAM G Act 2025 को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जा चुका है। इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई है। इस योजना में रोजगार के साथ जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास और आपदा प्रबंधन से जुड़े कामों को भी बढ़ावा दिया जाना है। काम की निगरानी और पारदर्शिता के लिए डिजिटल व्यवस्था का प्रावधान है।

 

पर्यावरण संरक्षण के लिए Tree Outside Forest Policy

कैबिनेट ने Tree Outside Forest Policy को लागू करने की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य जंगलों के बाहर पेड़ और हरित क्षेत्र बढ़ाना है। इसके तहत बंजर और खाली जमीन के साथ सिंचित क्षेत्रों तथा रेलवे और सड़कों के किनारे पौधरोपण को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे जैव विविधता संरक्षण, जल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने और कार्बन अवशोषण जैसे क्षेत्रों में मदद मिलने की उम्मीद है।

 

Renewable Energy Projects के लिए 10 प्रतिशत भूमि पर पौधरोपण

नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े भूमि आवंटन नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बायोमास जैसी परियोजनाओं के लिए आवंटित भूमि का 10 प्रतिशत हिस्सा पौधरोपण के लिए सुरक्षित रखना होगा। सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रति मेगावाट दो हेक्टेयर भूमि तथा हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए 2.5 हेक्टेयर प्रति मेगावाट भूमि आवंटन की अनुमति दी गई है।

 

Battery Storage Projects के लिए नया प्रावधान

Rajasthan Integrated Clean Energy Policy 2024 में भी बदलाव को मंजूरी दी गई है। बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं के लिए क्षमता आधारित अलग अलग स्लैब में पंजीकरण शुल्क तय करने का प्रावधान होगा। जिन परियोजनाओं में कुल स्थापित क्षमता का 50 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सा बैटरी स्टोरेज का होगा, उन्हें पंजीकरण शुल्क से छूट मिलेगी। इसके साथ ही बिजली को ट्रांसमिशन नेटवर्क के जरिए बाहर निकालने की अधिकतम समय सीमा तीन साल से घटाकर दो साल कर दी गई है।

 

सरकारी कर्मचारियों के लिए भी फैसला

कैबिनेट ने Rajasthan Government Employees Insurance Rules 1998 में बदलाव को मंजूरी दी है। नए प्रावधान के अनुसार सरकारी कर्मचारी की State Insurance Policy उसकी वास्तविक सेवानिवृत्ति की तारीख तक जारी रहेगी। इससे पहले पॉलिसी वित्तीय वर्ष की 1 अप्रैल को परिपक्व हो जाती थी। संशोधन के बाद बीमा कवरेज को कर्मचारी की वास्तविक सेवानिवृत्ति की तारीख तक जारी रखने की व्यवस्था की गई है।

 

राजस्थान कैबिनेट के फैसलों का क्या असर होगा?

7 अगस्त 2026 की Rajasthan Cabinet Meeting के फैसले स्थानीय प्रशासन, OBC प्रतिनिधित्व, कृषि, ग्रामीण रोजगार, श्रम, पर्यावरण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों से जुड़े हैं। स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने का फैसला प्रशासनिक संसाधनों और विकास कार्यों से जुड़ा है। OBC आरक्षण से जुड़ी सिफारिशों की स्वीकृति पंचायत राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित है। वहीं नई कृषि नीति और Food Park Development Policy से कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, बाजार से जुड़ाव, निवेश और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने की उम्मीद है। कुल मिलाकर इन फैसलों में राजस्थान की स्थानीय प्रशासन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ कृषि, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास पर जोर दिखाई देता है।

 

क्या Rajasthan One State One Election से One Nation One Election लागू हो गया?

नहीं। दोनों अवधारणाओं का दायरा अलग है। One State One Election Rajasthan के तहत राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने की बात है। वहीं One Nation One Election राष्ट्रीय स्तर पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की अवधारणा है। इसलिए राजस्थान कैबिनेट का फैसला राज्य के स्थानीय चुनावों से संबंधित है। इसे पूरे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था नहीं माना जाना चाहिए।

 

निष्कर्ष

राजस्थान कैबिनेट की 7 अगस्त 2026 की बैठक में स्थानीय चुनाव, OBC प्रतिनिधित्व, कृषि, ग्रामीण रोजगार, श्रम, पर्यावरण और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने का फैसला प्रमुख है। इसके साथ OBC आरक्षण से जुड़ी सिफारिशों को स्वीकार किया गया और कृषि तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई। ग्रामीण रोजगार और श्रम क्षेत्र से जुड़े फैसले भी राज्य की रोजगार व्यवस्था और ग्रामीण आजीविका पर असर डाल सकते हैं। कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों में प्रशासनिक सुधार के साथ कृषि, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास को प्राथमिकता देने की दिशा दिखाई देती है।

 

FAQs

  1. राजस्थान कैबिनेट ने One State One Election को मंजूरी क्यों दी?

सरकार का तर्क है कि पंचायत राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव अलग अलग समय पर होने से प्रशासनिक संसाधनों का बार बार इस्तेमाल करना पड़ता है और विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। एक साथ चुनाव कराने का उद्देश्य समय और संसाधनों की बचत करना है।

 

  1. राजस्थान में One State One Election का क्या मतलब है?

इसका मतलब राजस्थान में आगामी पंचायत राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराना है। इसका दायरा राज्य के स्थानीय चुनावों तक है।

 

  1. OBC आरक्षण को लेकर कैबिनेट ने क्या फैसला लिया?

कैबिनेट ने राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग की 5 अगस्त 2026 को दी गई सिफारिशों को स्वीकार किया है। इसके बाद संबंधित कानूनों में OBC आरक्षण के प्रावधान शामिल करने का रास्ता साफ हुआ है। आवश्यक कानूनी प्रावधान लागू होने के बाद आरक्षित सीटों के निर्धारण के लिए लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी।

 

  1. राजस्थान की नई कृषि नीति क्या है?

Rajasthan Agriculture and Food Processing Policy 2026 कृषि और बागवानी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने तथा कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने वाली नीति है। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था विकसित करना है।

 

  1. नई कृषि नीति का किसानों को क्या लाभ मिलेगा?

नीति के तहत कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा साइलो, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण और कृषि उत्पादों के विपणन तथा निर्यात से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। पात्र परियोजनाओं के लिए अधिकतम 1.50 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है।

 

  1. राजस्थान सरकार ने किन प्रमुख सुधारों को मंजूरी दी है?

कैबिनेट ने One State One Election, OBC राजनीतिक प्रतिनिधित्व, Rajasthan Agriculture and Food Processing Policy 2026, Rajasthan Food Park Development Policy 2026, Code on Wages Rajasthan Rules 2026, Rajasthan Industrial Relations Rules 2026, VB G RAM G के तहत योजना के क्रियान्वयन, Tree Outside Forest Policy, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और सरकारी कर्मचारियों की बीमा व्यवस्था से जुड़े कई फैसले लिए हैं।