सीरिया के ‘Site 99’ से हटेगा परमाणु पदार्थ! अमेरिका ने क्यों कराई गुप्त डील?

Syria Site 99

सीरिया के एक गुप्त ठिकाने पर रखे संवेदनशील परमाणु पदार्थ को हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने सीरिया और इजरायल के बीच एक समझ बनाने में अहम भूमिका निभाई है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) इस सामग्री को वहां से हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। यह मामला पूर्व राष्ट्रपति बशर अलअसद के दौर के कथित गुप्त परमाणु कार्यक्रम और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से जुड़ा है। 

हालांकि, एक अहम बात यह है कि परमाणु पदार्थ अभी हटाया नहीं गया है अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए समझौता हो चुका है और ऑपरेशन की तैयारी चल रही है। 

Syria Nuclear Material आखिर ‘Site 99’ में क्यों रखा गया था?

‘Site 99’ सीरिया का एक गुप्त ठिकाना बताया जाता है, जिस पर इजरायल पिछले करीब दो वर्षों से नजर रख रहा था। अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के अनुसार, असद सरकार ने यहां अलकिबार से जुड़ी परमाणु गतिविधियों से बची सामग्री और अवशेष रखे थे। 

इस सामग्री में येलोकेक भी शामिल होने की बात सामने आई है। येलोकेक यूरेनियम अयस्क से तैयार किया गया पदार्थ होता है, जिसे आगे परमाणु ईंधन चक्र में संसाधित किया जा सकता है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारी के अनुसार Site 99 में मौजूद सामग्री सीधे परमाणु हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल योग्य नहीं थी। 

फिर भी इसकी मौजूदगी सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मानी जा रही थी, क्योंकि रेडियोधर्मी सामग्री का गलत इस्तेमाल गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

Syria Site 99

अल-किबार से शुरू हुई थी सीरिया के परमाणु कार्यक्रम की कहानी

इस पूरे मामले की जड़ सीरिया के अलकिबार परमाणु स्थल तक जाती है। अमेरिका ने वर्षों पहले आरोप लगाया था कि असद सरकार उत्तर कोरिया की मदद से वहां गुप्त परमाणु रिएक्टर बना रही थी। सीरिया ने उस समय इन आरोपों से इनकार किया था।

2007 में इजरायल ने अलकिबार स्थल पर हवाई हमला किया और कथित परमाणु सुविधा को नष्ट कर दिया। इजरायल ने इस हमले की जिम्मेदारी सार्वजनिक रूप से कई साल बाद, 2018 में स्वीकार की थी।

असद सरकार के पतन के बाद इस पुराने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी बची हुई सामग्री और ठिकाने फिर से अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गए।

इजरायल को Site 99 पर अचानक क्यों हुआ शक?

मौजूदा संकट तब बढ़ा जब इजरायल ने कुछ सप्ताह पहले Site 99 के आसपास गतिविधियां देखीं। अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, इससे आशंका पैदा हुई कि सीरिया की नई सरकार इस परमाणु सामग्री तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकती है। इजरायल को यह भी संदेह था कि तुर्की इस मामले में सीरिया की मदद कर सकता है। 

इजरायल ने कथित तौर पर अमेरिका को संकेत दिया कि अगर सामग्री को हटाने की दिशा में कदम नहीं उठाया गया या साइट तक पहुंच बनाने की कोशिश हुई, तो वह सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इजरायल तत्काल हमला करने की स्थिति में नहीं था। 

यहीं से अमेरिका की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई।

 

अमेरिका ने कैसे कराया समझौता?

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने इजरायल से कोई सैन्य कदम नहीं उठाने को कहा और इसके बजाय राजनयिक रास्ते से समस्या हल करने की कोशिश शुरू की। अमेरिका ने सीरिया की नई सरकार को सामग्री हटाने के लिए तैयार किया और IAEA को इस प्रक्रिया में शामिल किया। 

इसके बाद IAEA और सीरियाई सरकार के बीच करीब तीन सप्ताह पहले एक समझौता हुआ, जिसके तहत Site 99 में मौजूद परमाणु सामग्री को हटाया जाना है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, वास्तविक removal operation अभी शुरू होना बाकी है। 

यानी फिलहाल कहानी परमाणु सामग्री हट गई की नहीं, बल्कि उसे हटाने का समझौता हो गया की है।

 

असद के बाद नई सीरियाई सरकार के लिए क्यों अहम है मामला?

बशर अलअसद के सत्ता से हटने के बाद सीरिया की नई सरकार को पुराने शासन से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों को संभालना पड़ रहा है। इनमें परमाणु और रासायनिक हथियारों से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और सामग्री भी शामिल हैं।

नई सरकार ने IAEA को पुराने परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करने की अनुमति दी थी। ऐसे में Site 99 से सामग्री हटाने का कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सीरिया के सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

दूसरी ओर, इजरायल और सीरिया के बीच अभी भी गहरा अविश्वास कायम है। इसलिए इस सामग्री को सुरक्षित तरीके से हटाना किसी संभावित सैन्य टकराव को टालने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

 

Syria Nuclear Material का हटना क्यों महत्वपूर्ण है?

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा महत्व यही है कि एक संवेदनशील परमाणु सामग्री को ऐसे स्थान से हटाने की कोशिश हो रही है, जहां उसकी सुरक्षा को लेकर इजरायल और अमेरिका दोनों चिंतित थे।

यह मामला सिर्फ सीरिया तक सीमित नहीं है। पश्चिम एशिया पहले से ही इजरायल, ईरान और अलगअलग सशस्त्र समूहों के बीच तनाव से जूझ रहा है। ऐसे माहौल में किसी भी संवेदनशील परमाणु सामग्री का अनियंत्रित रहना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकता है।

इसलिए Syria Nuclear Material को IAEA की निगरानी में हटाने का प्रस्ताव संभावित परमाणु प्रसार के खतरे को कम करने और एक नए सैन्य टकराव को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। 

 

FAQs

  1. सीरिया के Nuclear Material को क्यों हटाया जा रहा है?
    Site 99 में रखी संवेदनशील परमाणु सामग्री की सुरक्षा को लेकर इजरायल और अमेरिका ने चिंता जताई थी। इसका गलत इस्तेमाल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता था।
  2. Site 99 क्या है?
    Site 99 सीरिया का एक गुप्त ठिकाना बताया गया है, जहां असद सरकार के पुराने अलकिबार परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी सामग्री और अवशेष रखे होने की बात सामने आई है।
  3. क्या Syria Nuclear Material को हटा दिया गया है?
    नहीं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इसे हटाने के लिए समझौता हो चुका है, लेकिन वास्तविक removal operation अभी बाकी है।
  4. इस समझौते में अमेरिका की क्या भूमिका है?
    अमेरिका ने सीरिया और इजरायल के बीच समझ बनाने और IAEA को सामग्री हटाने की प्रक्रिया में शामिल कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
  5. क्या Site 99 की सामग्री से परमाणु बम बनाया जा सकता था?
    अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, वहां मौजूद सामग्री सीधे परमाणु हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल योग्य नहीं थी। हालांकि, इसमें येलोकेक और अन्य रेडियोधर्मी अवशेष होने की बात कही गई है, इसलिए इसकी सुरक्षा महत्वपूर्ण थी।