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जब हवा में फट गया था एयर इंडिया का बोइंग जहाज

23 जून 2025 को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनिष्क बमकांड की 40वीं बरसी पर इसे "दुनिया की सबसे घातक आतंकी घटनाओं में से एक" बताया। उन्होंने कहा कि सभी देशों को आतंकवाद के प्रति "ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति अपनानी चाहिए।उ

जब हवा में फट गया था एयर इंडिया का बोइंग जहाज

23 जून 2025 को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनिष्क बमकांड की 40वीं बरसी पर इसे "दुनिया की सबसे घातक आतंकी घटनाओं में से एक" बताया। उन्होंने कहा कि सभी देशों को आतंकवाद के प्रति "ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति अपनानी चाहिए।

उसी दिन केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अगुवाई में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आयरलैंड में 'अहकिस्ता मेमोरियल' पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सवाल उठता है—आयरलैंड क्यों? आइए जानते हैं।

🔹 हादसे की पृष्ठभूमि

एयर इंडिया, बोइंग और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हमेशा मीडिया की नजर में रही हैं। लेकिन 23 जून 1985 को जो हुआ, वह इतिहास में दर्ज हो गया।

एयर इंडिया की फ्लाइट 182, ‘कनिष्क’, जो मॉन्ट्रियल से दिल्ली जा रही थी, लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने से लगभग 45 मिनट पहले हवा में ही फट गई। हादसे में सभी 329 लोग, जिनमें अधिकांश भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे, मारे गए।

🔹 कनिष्क बमकांड: अब तक की सबसे घातक विमान आतंकी घटना

  • विमान: बोइंग 747-237B

  • स्थान: अटलांटिक महासागर

  • ऊंचाई: 31,000 फीट

  • मृतक: 329

🔹 क्यों हुआ हमला?

  • यह हमला ऑपरेशन ब्लू स्टार (1984) के प्रतिशोध स्वरूप हुआ। इसमें खालिस्तानी उग्रवादियों, विशेषकर बब्बर खालसा संगठन की भूमिका सामने आई।

    • मंजीत सिंह नामक खालिस्तानी आतंकी ने बिजनेस क्लास का टिकट लेकर बम वाला बैग चेक-इन कराया।

    • उड़ान के दौरान प्लेन में विस्फोट हुआ और वह रडार से गायब हो गया।

    • 141 शव ही बरामद हो सके, और कई मौतें डूबने या ऑक्सीजन की कमी से हुईं।

🔹 बब्बर खालसा और साजिश की कहानी

    • तलविंदर सिंह परमार ने खालिस्तान की मांग को लेकर बब्बर खालसा की स्थापना की थी।

    • कनाडा ने भारत के प्रत्यर्पण के आग्रह को ठुकरा दिया।

    • RAW ने दो सप्ताह पहले अलर्ट जारी किया था, पर कार्रवाई नहीं हो सकी।

🔹 जांच और न्याय की लड़ाई

      • हमले के पीछे मुख्य आरोपी परमार को रिहा कर दिया गया।

      • 1995 में भारत में एनकाउंटर में उसकी मौत हुई।

      • मंजीत सिंह द्वारा छोड़ा गया बम वाला बैग और उसकी पहचान आज तक रहस्य बनी हुई है।

🔹 आयरलैंड कनेक्शन क्या है?

जहाज़ जहां गिरा था, वहां से 190 किलोमीटर दूर आयरलैंड का कार्क सिटी था। वहीं पर मृतकों के परिवारजन शवों की पहचान और अंत्येष्टि के लिए इकट्ठे हुए थे।

23 जून 2025 को उसी स्थान पर एक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया, जिसमें भारत के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लिया।

🔹 मिस्टर एक्स की पहचान और नया खुलासा

RCMP (रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस) ने हाल ही में ‘मिस्टर एक्स’ की पहचान की, जो विस्फोटक परीक्षण में शामिल था। दुर्भाग्यवश उसकी मृत्यु हो चुकी है और वो कभी जवाबदेह नहीं ठहराया जा सका।

🔹 निष्कर्ष

कनिष्क बमकांड सिर्फ एक विमान हादसा नहीं, बल्कि आतंकवाद की एक क्रूर और साजिशनुमा तस्वीर है। यह घटना आज भी भारत-कनाडा संबंधों की कड़वी याद के रूप में मौजूद है।

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