Badrinath Dham Donation को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया गया है कि बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी की जा रही है। मामला सामने आते ही श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी तरह की चोरी या गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामला जांच के अधीन है।
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी का मामला क्या है?
सोशल मीडिया पर वायरल एक शिकायत और पत्र में आरोप लगाया गया कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में हेराफेरी हो रही है। इन आरोपों के बाद BKTC ने CCTV फुटेज की जांच कराई, संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा और निष्पक्ष जांच के लिए आंतरिक जांच समिति गठित करने का फैसला लिया है। अभी आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं।
Badrinath Dham Donation मामले में क्या हैं आरोप?
2 जुलाई से सोशल मीडिया पर एक वीडियो और पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि मंदिर में आने वाले Temple Offerings यानी चढ़ावे की राशि में अनियमितता हो रही है।इन आरोपों के बाद मंदिर समिति ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। समिति ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

CCTV फुटेज की जांच में क्या मिला?
BKTC के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मंदिर परिसर के CCTV फुटेज की जांच कराई गई।हालांकि, उपलब्ध फुटेज पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं था, जिससे आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बावजूद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
Badrinath Dham Donation जांच के लिए समिति गठित, कर्मचारियों को नोटिस
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि–
- संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- एक आंतरिक जांच समिति गठित की जा रही है।
- समिति CCTV फुटेज, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी।
- यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निजी सचिव’ वाले दावे पर क्या बोला मंदिर प्रशासन?
सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया गया कि मामले में शामिल एक व्यक्ति BKTC अध्यक्ष का निजी सचिव है। हेमंत द्विवेदी ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि उनका कोई निजी सचिव नहीं है। जिस कर्मचारी का नाम लिया जा रहा है वह मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है, न कि उनका निजी स्टाफ।
दोषी पाए जाने पर क्या होगी कार्रवाई?
BKTC ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और कर्मचारी आचरण नियमों के तहत कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं से की गई खास अपील
मंदिर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा न करें।प्रशासन का कहना है कि बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए तथ्यों की पुष्टि से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
निष्कर्ष
Badrinath Dham Donation से जुड़े आरोपों ने चारधाम यात्रा के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा किया है, लेकिन फिलहाल यह केवल आरोप हैं जिनकी जांच जारी है। BKTC ने जांच समिति गठित कर दी है और कहा है कि यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अंतिम सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।
FAQs:
सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों में चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी का दावा किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
एक वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर मामला सामने आया, जिसके बाद BKTC ने जांच शुरू की।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने आंतरिक जांच समिति गठित करने का फैसला लिया है।
अभी किसी भी व्यक्ति को आधिकारिक रूप से दोषी नहीं ठहराया गया है। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जांच जारी है।
फिलहाल चारधाम यात्रा सामान्य रूप से जारी है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील की है।

