Cooking Oil Pack Size Fixed: अब तय पैक साइज में ही बिकेगा खाने का तेल, सरकार के नए नियम से ग्राहकों को होगा फायदा

केंद्र सरकार ने खाने के तेल की पैकेजिंग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उपभोक्ता मामलों का विभाग (Department of Consumer Affairs) अब Cooking Oil Pack Size Fixed करने जा रहा है, जिसके तहत खाद्य तेल केवल तय मानक पैक साइज में ही बेचे जा सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अलग-अलग ब्रांड्स के बीच कीमतों की आसानी से तुलना करने में मदद करना और बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना है।

नए नियमों के अनुसार तेल कंपनियों, पैकर्स और आयातकों को तीन महीने के भीतर अपनी पैकेजिंग को नए मानकों के अनुरूप बनाना होगा। इसके बाद बाजार में अधिकांश खाद्य तेल सिर्फ निर्धारित पैक साइज में ही उपलब्ध होंगे।

 

तीन साल से बढ़ रहा था बाजार में भ्रम

पिछले कुछ वर्षों में कई कंपनियां 850 मिलीलीटर, 910 मिलीलीटर या अन्य गैर-मानक पैक साइज में तेल बेच रही थीं। पहली नजर में ये पैक उपभोक्ताओं को आकर्षक लगते थे, लेकिन अलग-अलग ब्रांड्स के बीच वास्तविक कीमत की तुलना करना काफी मुश्किल हो जाता था। यही वजह थी कि उपभोक्ताओं और उद्योग संगठनों की ओर से लंबे समय से पैकेजिंग को मानकीकृत करने की मांग की जा रही थी।

इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में गैर-मानक पैक साइज के कारण बाजार में काफी भ्रम पैदा हुआ। उनके अनुसार शुरुआत में कंपनियों को पैक साइज तय करने की आजादी दी गई थी, लेकिन बाद में इसका गलत इस्तेमाल होने लगा और बाजार में अजीबोगरीब पैक साइज की भरमार हो गई।

Cooking Oil Pack Size Fixed

Cooking Oil Pack Size Fixed: अब केवल इन पैक साइज में बिकेगा तेल

सरकार द्वारा जारी नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SoP) के तहत खाद्य तेल 200 मिलीलीटर, 500 मिलीलीटर, 1 लीटर, 2 लीटर, 3 लीटर, 4 लीटर, 5 लीटर, 15 लीटर और 20 लीटर के पैक में ही बेचा जा सकेगा।

यह नियम पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल, सनफ्लावर ऑयल, सरसों तेल, मूंगफली तेल, तिल तेल, राइस ब्रान ऑयल, कॉटनसीड ऑयल, कॉर्न ऑयल और सभी प्रकार के ब्लेंडेड एडिबल ऑयल्स पर लागू होगा। घरेलू और आयातित दोनों तरह के खाद्य तेलों को इन नियमों का पालन करना होगा।

Cooking Oil Pack Size Fixed

पैकेट पर वजन बताना भी होगा जरूरी

सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यदि किसी पैकेट पर तेल की मात्रा लीटर या मिलीलीटर में लिखी गई है, तो उसके साथ बराबर का वजन भी स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा। इससे ग्राहकों को यह समझने में आसानी होगी कि वे वास्तव में कितनी मात्रा खरीद रहे हैं और किस उत्पाद की कीमत अधिक उचित है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम Edible Oil Price Comparison को पहले से कहीं अधिक आसान बना देगा।

 

छोटे पैकेट्स को मिली राहत

सरकार ने कम आय वाले उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ छूट भी दी है। 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से छोटे पैक को नए नियमों से बाहर रखा गया है। इसके अलावा कम इस्तेमाल होने वाले कुछ विशेष खाद्य तेलों को भी इस व्यवस्था से छूट दी गई है ताकि बाजार में सस्ते और छोटे पैक की उपलब्धता बनी रहे।

 

उद्योग जगत ने किया फैसले का स्वागत

उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक यह फैसला एडिबल ऑयल सेक्टर के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्योग संगठनों से विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। उद्योग जगत का मानना है कि इससे सभी कंपनियों के लिए समान प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

हालांकि कंपनियों को अपनी पैकेजिंग, लेबलिंग और सप्लाई चेन में बदलाव करने होंगे, लेकिन उद्योग विशेषज्ञ इसे लंबे समय में बाजार के लिए फायदेमंद मान रहे हैं।

 

क्या है लीगल मेट्रोलॉजी कानून?

भारत में पैकेट बंद उत्पादों की तौल, माप और लेबलिंग को नियंत्रित करने के लिए लीगल मेट्रोलॉजी कानून लागू है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैकेट पर जितनी मात्रा लिखी गई है, उपभोक्ता को उतनी ही मात्रा मिले। साथ ही कंपनियां गलत या भ्रामक जानकारी देकर ग्राहकों को गुमराह न कर सकें।

खाद्य तेलों के लिए लागू किया गया नया नियम भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है, जिसका मकसद बाजार में पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करना है।

 

निष्कर्ष

Cooking Oil Pack Size Fixed करने का सरकार का फैसला खाद्य तेल बाजार में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। तय पैक साइज लागू होने से ग्राहकों के लिए कीमतों की तुलना आसान होगी, जबकि कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा अधिक पारदर्शी बनेगी। अगले तीन महीनों में कंपनियां नए नियमों के अनुसार अपनी पैकेजिंग बदलेंगी, जिसके बाद बाजार में खाद्य तेलों की बिक्री पूरी तरह मानकीकृत पैक साइज में होने लगेगी।

 

FAQs

What are the new standard cooking oil pack sizes?

सरकार ने 200 ml, 500 ml, 1 लीटर, 2 लीटर, 3 लीटर, 4 लीटर, 5 लीटर, 15 लीटर और 20 लीटर को मानक पैक साइज के रूप में तय किया है।

 

Why has the government fixed cooking oil pack sizes?

उपभोक्ताओं को कीमतों की आसान तुलना और बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है।

 

How will standard packaging benefit consumers?

इससे ग्राहकों को विभिन्न ब्रांड्स के उत्पादों की कीमत और मात्रा की तुलना करना आसान होगा।

 

Which edible oils are covered under the new rules?

सरसों, सोयाबीन, पाम, सनफ्लावर, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, कॉटनसीड, कॉर्न और ब्लेंडेड ऑयल्स नए नियमों के दायरे में आएंगे।

 

When will the new cooking oil pack size rules come into effect?

कंपनियों को नियम लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। इसके बाद नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी।