2013 के Dabholkar Murder Case में बड़ा मोड़! दोषी Sachin Andure को Bombay HC से Bail, Life Sentence पर रोक

Dabholkar Murder Case

2013 के चर्चित Narendra Dabholkar Murder Case में 18 अगस्त 2026 को बड़ा कानूनी मोड़ आया। Bombay High Court ने मामले में दोषी ठहराए गए Sachin Andure को जमानत दे दी और उसकी उम्रकैद की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया। कोर्ट ने यह राहत सह-दोषी Sharad Kalaskar को पहले मिली जमानत के आधार पर “parity” के सिद्धांत पर दी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि Sachin Andure को मामले में बरी कर दिया गया है। उनकी conviction के खिलाफ appeal अभी लंबित है और हाई कोर्ट ने उसी दौरान life sentence को suspend करते हुए bail दी है।

Sachin Andure Bail: Bombay HC ने क्यों दी राहत?

Justice Sarang Kotwal और Justice Ranjitsinha Bhonsale की Division Bench ने Andure की interim application को मंजूर किया। कोर्ट ने उन्हें सह-दोषी Sharad Kalaskar के मामले में पहले दिए गए bail order के आधार पर राहत दी। Kalaskar को अप्रैल 2026 में हाई कोर्ट ने bail दी थी।कोर्ट के निर्देश के मुताबिक Andure को ₹50,000 का personal bond और इतनी ही राशि की surety देनी होगी। उन्हें एक साल तक हर महीने पुणे के संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी देनी होगी और इसके बाद appeal के निपटारे तक यह शर्त जारी रहेगी।यानी Sachin Andure Bail एक conditional relief है, जबकि उनका conviction अभी कायम है।

Dabholkar Murder Case

Narendra Dabholkar की हत्या से शुरू हुई थी लंबी जांच

नरेंद्र दाभोलकर एक rationalist और अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता थे। 20 अगस्त 2013 को पुणे में सुबह की सैर के दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में मामले की जांच पुणे पुलिस की Crime Branch कर रही थी, लेकिन मई 2014 में Bombay High Court ने जांच CBI को सौंप दी। बाद में Dabholkar परिवार की याचिका पर हाई कोर्ट ने जांच की निगरानी भी की।करीब एक दशक बाद, मई 2024 में विशेष अदालत ने Sachin Andure और Sharad Kalaskar को हत्या का दोषी ठहराते हुए life imprisonment की सजा सुनाई थी।वहीं, कथित mastermind Virendra Tawde, वकील Sanjiv Punalekar और activist Vikram Bhave समेत तीन अन्य आरोपियों को पर्याप्त सबूत न होने के कारण बरी कर दिया गया था।

CBI की कहानी और कोर्ट में उठे सवाल क्या थे?

मामले में CBI ने आरोप लगाया था कि Andure और Kalaskar ने Dabholkar पर गोली चलाई थी। जांच एजेंसी की 2019 की chargesheet में दो eyewitnesses का भी उल्लेख किया गया था।लेकिन Andure की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Niteen Pradhan ने हाई कोर्ट में दलील दी कि मामले में Test Identification Parade (TIP) नहीं कराई गई थी और हत्या में इस्तेमाल हथियार की recovery भी नहीं हुई।यह मुद्दा Kalaskar को bail देते समय भी हाई कोर्ट के सामने आया था। कोर्ट ने कहा था कि जब आरोपी पहले से custody में हो और witnesses को उसकी photographs दिखाकर पहचान कराई जाए, तो ऐसी identification की evidentiary value प्रभावित हो सकती है।इसी आधार पर Andure ने भी parity का लाभ मांगा और हाई कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली।

 

2024 में दो दोषी, तीन आरोपी हुए थे बरी

Dabholkar murder case में मई 2024 का trial court verdict भी काफी अहम था।Special UAPA court ने Sachin Andure और Sharad Kalaskar को murder में दोषी माना और दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।दूसरी ओर, Virendra Tawde, Sanjiv Punalekar और Vikram Bhave को prosecution द्वारा पर्याप्त सबूत पेश न कर पाने के कारण acquit कर दिया गया।अब Andure को bail मिलने के बाद इस लंबे समय से चल रहे मामले में एक और महत्वपूर्ण legal development सामने आया है।

 

क्या Sachin Andure अब पूरी तरह बरी हो गए हैं?

नहीं। Bombay High Court ने केवल उनकी life sentence को appeal pending रहने तक suspend किया है और bail दी है। यह acquittal नहीं है।इसका मतलब है कि trial court की conviction के खिलाफ उनकी appeal का फैसला अभी बाकी है। Appeal के अंतिम परिणाम के आधार पर आगे की कानूनी स्थिति तय होगी।यह distinction इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Sachin Andure Bail को conviction खत्म होने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

 

Dabholkar Murder Case में अब आगे क्या?

अब इस मामले की नजर Andure की pending appeal पर रहेगी। हाई कोर्ट ने bail देते समय monitoring के लिए monthly police reporting जैसी शर्तें लगाई हैं।वहीं, सह-दोषी Sharad Kalaskar को भी पहले bail मिल चुकी है। इस तरह 2024 में life imprisonment पाने वाले दोनों convicted persons अब bail पर बाहर आने की स्थिति में हैं। मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नरेंद्र दाभोलकर की हत्या को 13 साल से अधिक समय हो चुका है और इसके पीछे कथित साजिश तथा अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर कानूनी प्रक्रिया लंबे समय से चलती रही है।

 

निष्कर्ष:

Bail मिली है, Case खत्म नहीं हुआ ,Sachin Andure Bail के फैसले ने Narendra Dabholkar Murder Case में एक नया मोड़ जरूर ला दिया है, लेकिन यह मामले का अंतिम फैसला नहीं है। Bombay High Court ने appeal लंबित रहने तक उनकी life sentence suspend की है और bail दी है।अब असली सवाल उनकी conviction के खिलाफ appeal पर कोर्ट के अंतिम निर्णय का है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि Andure को जमानत मिली है, लेकिन उन्हें बरी नहीं किया गया है।

 

FAQs

  1. Sachin Andure को Bombay High Court ने bail क्यों दी?

कोर्ट ने सह-दोषी Sharad Kalaskar को पहले मिली bail के आधार पर “parity” का लाभ देते हुए Andure को भी bail दी।

 

  1. क्या Sachin Andure की life sentence खत्म हो गई है?

नहीं। हाई कोर्ट ने उनकी life sentence को appeal के निपटारे तक suspend किया है। यह acquittal नहीं है।

 

  1. Narendra Dabholkar की हत्या कब हुई थी?

नरेंद्र दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को पुणे में सुबह की सैर के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

 

  1. Dabholkar Murder Case में किसे दोषी ठहराया गया था?

मई 2024 में विशेष अदालत ने Sachin Andure और Sharad Kalaskar को हत्या का दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

 

  1. Sachin Andure को bail पर कौन-सी शर्तें माननी होंगी?

उन्हें ₹50,000 का personal bond और इतनी ही राशि की surety देनी होगी। साथ ही एक साल तक हर महीने संबंधित पुणे पुलिस स्टेशन में हाजिरी और उसके बाद appeal के निपटारे तक reporting की शर्त रखी गई है।