Digital India के 11 साल: क्या भारत अब दुनिया की अगली टेक सुपरपावर बनने की तैयारी में है?

Digital India

Digital India ने 1 जुलाई 2026 को अपने 11 साल पूरे कर लिए हैं। एक दशक पहले शुरू हुई यह पहल अब सिर्फ सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाने तक सीमित नहीं रही। आज Digital India Mission भारत को Artificial Intelligence (AI), Semiconductor Manufacturing, Digital Public Infrastructure (DPI), 5G और Innovation के दम पर दुनिया की अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।सरकार का दावा है कि पिछले 11 वर्षों में इंटरनेट सस्ता हुआ, डिजिटल पेमेंट्स में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, करोड़ों लोगों तक सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे पहुंचा और अब अगला लक्ष्य AI तथा चिप मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना है।

Digital India के 11 साल में सबसे बड़ी उपलब्धियां क्या रहीं?

अगर 2015 और 2026 की तुलना करें तो भारत का डिजिटल परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है।

  • इंटरनेट कनेक्शन लगभग 4 गुना बढ़े।
  • मोबाइल डेटा की कीमत ₹269 प्रति GB से घटकर करीब ₹8-10 प्रति GB रह गई।
  • 100 करोड़ से अधिक ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध हैं।
  • BharatNet के जरिए 2.18 लाख ग्राम पंचायतें हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ चुकी हैं।
  • देश के 99.9% जिलों तक 5G नेटवर्क पहुंच चुका है।

यानी डिजिटल सेवाएं अब केवल शहरों तक सीमित नहीं बल्कि गांवों तक पहुंच चुकी हैं।

Digital India Mission अब AI और Semiconductor पर क्यों दे रहा है सबसे ज्यादा जोर?

सरकार का मानना है कि आने वाले दशक में दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा Artificial Intelligence और Semiconductor Manufacturing में होगी। इसी वजह से Digital India अब इन दोनों क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहा है।

India AI Mission

  • ₹10,372 करोड़ की लागत वाली IndiaAI Mission के तहत कई बड़े कदम उठाए गए हैं।
  • 45,000 से अधिक GPU वाला Shared Compute Facility तैयार किया गया।
  • 15 भारतीय AI Models को समर्थन दिया जा रहा है।
  • AI Kosh प्लेटफॉर्म पर 12,500 से ज्यादा Dataset उपलब्ध हैं।
  • 307 AI Models और 20 Toolkits डेवलपर्स के लिए उपलब्ध हैं।
  • 27 Data एवं AI Labs Tier-2 और Tier-3 शहरों में खोली गई हैं।
  • 84 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने YUVA AI Course किया।
  • AI Governance Guidelines लागू कर सुरक्षित और भरोसेमंद AI पर जोर दिया गया।

इसका उद्देश्य केवल AI बनाना नहीं बल्कि भारत में AI आधारित स्टार्टअप और रिसर्च को मजबूत करना है।

Semiconductor Manufacturing में भारत ने कितनी प्रगति की?

कुछ साल पहले तक भारत पूरी तरह विदेशी चिप्स पर निर्भर था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।सरकार ने 12 Semiconductor Projects को मंजूरी दी है जिनमें लगभग ₹1.64 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।

इनमें शामिल हैं

  • 1 Semiconductor Fab
  • 2 Compound Semiconductor Units
  • 9 Packaging Units

इसके अलावा

  • 24 Chip Design Projects को सहायता दी जा रही है।
  • 105 कंपनियों को Chip Design Tools उपलब्ध कराए गए हैं।
  • 23 Chip Tape-Out पूरे हो चुके हैं।

सरकार का लक्ष्य भारत को केवल चिप डिजाइन नहीं बल्कि चिप निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है।

Electronics Manufacturing ने कैसे बदली भारत की तस्वीर?

AI और Semiconductor निवेश का असर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर भी दिख रहा है। आज

  • इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का आकार लगभग ₹13 लाख करोड़ हो चुका है।
  • Electronics भारत का तीसरा सबसे बड़ा Export Category बन चुका है।
  • भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Mobile Phone Manufacturer है।
  • Smartphone अब भारत के सबसे बड़े Export Products में शामिल हैं।

इससे लाखों नए रोजगार भी पैदा हो रहे हैं।

UPI ने भारत को कैसे बनाया Digital Payments का ग्लोबल लीडर?

UPI ने 2026 में अपने 10 साल पूरे किए। FY 2025-26 में 24,162 करोड़ UPI Transactions हुए। भारत के 81% Digital Payments अब UPI के जरिए होते हैं। दुनिया के लगभग 49% Real-Time Digital Transactions भारत में होते हैं। UPI कई देशों में शुरू हो चुका है और Digital Public Infrastructure पर 23 देशों के साथ सहयोग जारी है। IMF भी UPI को दुनिया का सबसे बड़ा Real-Time Payment System बता चुका है।

Digital Public Infrastructure बना भारत की सबसे बड़ी ताकत

भारत की Digital Public Infrastructure (DPI) आज पूरी दुनिया के लिए मॉडल बन चुकी है। इसमें शामिल हैं

  • Aadhaar
  • UPI
  • DigiLocker
  • Direct Benefit Transfer (DBT)

सरकार के अनुसार

  • 300 से अधिक DBT योजनाएं संचालित हो रही हैं।
  • लगभग ₹51.5 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे जा चुके हैं।

इससे भ्रष्टाचार कम हुआ और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ी।

Startup Ecosystem ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

Digital India के साथ Startup India को भी बड़ा फायदा मिला है। FY 2025-26 में 55,200 से अधिक नए DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप जुड़े। Startup Sector में प्रत्यक्ष रोजगार 23.36 लाख तक पहुंच गया। लगभग 48% स्टार्टअप में कम से कम एक महिला Director या Partner है।भारत का Global Innovation Index Ranking भी 2015 में 81वें स्थान से बढ़कर 2025 में 38वें स्थान पर पहुंच चुका है।

क्या Digital India का अगला दशक और बड़ा होने वाला है?

Digital India का पहला दशक इंटरनेट, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का था। अब दूसरा दशक Artificial Intelligence, Semiconductor Manufacturing, Advanced Electronics, 5G, Digital Public Infrastructure और Innovation Economy पर केंद्रित रहेगा। यदि वर्तमान गति बनी रहती है तो आने वाले वर्षों में भारत केवल दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल बाजार नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी निर्माण का प्रमुख वैश्विक केंद्र भी बन सकता है।

 

निष्कर्ष

Digital India के 11 साल केवल एक सरकारी कार्यक्रम की सालगिरह नहीं हैं, बल्कि भारत के डिजिटल बदलाव की कहानी हैं। UPI से लेकर AI, Semiconductor Manufacturing, Startup Ecosystem और Digital Public Infrastructure तक देश ने कई बड़े मील के पत्थर हासिल किए हैं। अब चुनौती इन उपलब्धियों को वैश्विक नेतृत्व में बदलने की होगी। आने वाला दशक तय करेगा कि Digital India Mission भारत को वास्तव में टेक्नोलॉजी सुपरपावर बना पाता है या नहीं।

FAQs:

Digital India Mission की शुरुआत 1 जुलाई 2015 को हुई थी।

UPI का वैश्विक विस्तार, सस्ता इंटरनेट, Digital Public Infrastructure, 5G नेटवर्क और AI Mission इसकी प्रमुख उपलब्धियां हैं।

यह भारत का राष्ट्रीय AI कार्यक्रम है, जिसके तहत AI रिसर्च, GPU इंफ्रास्ट्रक्चर, भारतीय AI Models और AI Startups को बढ़ावा दिया जा रहा है।

अब तक 12 Semiconductor Projects को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें लगभग ₹1.64 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।

Aadhaar, UPI, DigiLocker और DBT जैसी डिजिटल सेवाओं का संयुक्त नेटवर्क Digital Public Infrastructure कहलाता है, जिससे नागरिकों को तेज, सुरक्षित और पारदर्शी सेवाएं मिलती हैं।