India Bhutan Rs.4000 Crore Pact ने एक बार फिर भारत और भूटान के मजबूत रिश्तों को चर्चा में ला दिया है। भारत और भूटान के बीच हुए पांचवें डेवलपमेंट कोऑपरेशन टॉक्स (Development Cooperation Talks) में Rs.4,000 करोड़ की रियायती क्रेडिट लाइन (Concessional Line of Credit) पर समझौता हुआ। इसके अलावा दोनों देशों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और हरित विकास (Green Development) जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी फैसला किया। यह समझौता भारत की Neighbourhood First Policy और दक्षिण एशिया में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
भारत-भूटान के बीच Rs.4,000 करोड़ का समझौता क्या है?
India Bhutan Rs.4000 Crore Pact के तहत भारत ने भूटान को विकास परियोजनाओं के लिए Rs.4,000 करोड़ (Nu 40 बिलियन) की रियायती क्रेडिट लाइन देने पर सहमति जताई है। इस राशि का उपयोग बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, कृषि, शहरी विकास और अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती देगा।

India Bhutan Rs.4000 Crore Pact क्या है?
भूटान की राजधानी थिम्फू में आयोजित पांचवें भारत-भूटान डेवलपमेंट कोऑपरेशन टॉक्स के दौरान यह महत्वपूर्ण समझौता हुआ। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और भूटान के विदेश सचिव दाशो पेमा लेक्टुप दोरजी ने की। इस दौरान भारत के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक (EXIM Bank) और भूटान के वित्त मंत्रालय के बीच Rs.4,000 करोड़ की रियायती क्रेडिट लाइन पर समझौते का आदान-प्रदान हुआ। इस राशि का उद्देश्य भूटान की विभिन्न विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

भूटान में किन परियोजनाओं को मिलेगा फायदा?
बैठक में भारत की ओर से भूटान के 13वें पंचवर्षीय योजना (2024-29) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। भारत पहले ही इस योजना के लिए Rs.10,000 करोड़ के सहायता पैकेज की घोषणा कर चुका है। इस दौरान 12 नई Project Tied Assistance (PTA) परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनकी कुल लागत Rs.332 करोड़ है।
इन परियोजनाओं में शामिल हैं–
- सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास
- स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- कृषि क्षेत्र को मजबूती
- शहरी सुविधाओं का विकास
- आपदा प्रबंधन परियोजनाएं
इन नई परियोजनाओं के बाद भूटान में भारत समर्थित PTA परियोजनाओं की संख्या बढ़कर 82 हो गई है, जिनकी कुल लागत Rs.6,860 करोड़ है।
India Bhutan Rs.4000 Crore Pact के साथ और क्या फैसले हुए?
बैठक के दौरान दोनों देशों ने कई अन्य महत्वपूर्ण समझौतों पर भी सहमति जताई। इनमें शामिल हैं–
- AIIMS और Khesar Gyalpo University of Medical Sciences के बीच स्वास्थ्य शिक्षा और अनुसंधान पर MoU (Memorandum of Understanding)
- भूटान के ग्रीन मोबिलिटी कार्यक्रम के तहत 45 इलेक्ट्रिक वाहन सौंपे गए।
- भारत की सहायता से विकसित थिम्फू इकोलॉजिकल पार्क और ओलाखा पार्क का वर्चुअल उद्घाटन किया गया।
- पहले जारी किए गए आर्थिक सहायता पैकेजों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
भारत-भूटान संबंधों के लिए यह समझौता क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत और भूटान के संबंध दशकों से विश्वास और सहयोग पर आधारित रहे हैं। भारत भूटान का सबसे बड़ा विकास साझेदार (Development Partner) है और सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, कनेक्टिविटी तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग करता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया समझौता केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया में भारत की Neighbourhood First Policy को और मजबूत करेगा। साथ ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई गति मिलेगी।
भारत ने अब तक भूटान को कितनी सहायता दी है?
भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत अब तक–
- Rs.1,250 करोड़ आर्थिक प्रोत्साहन कार्यक्रम (Economic Stimulus Programme) के लिए जारी किए हैं।
- Rs.735.2 करोड़ हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (HICDP) के लिए दिए हैं।
- Rs.200 करोड़ प्रोग्राम ग्रांट के रूप में जारी किए हैं।
बैठक में इन फंडों के उपयोग की भी समीक्षा की गई।
निष्कर्ष
India Bhutan Rs.4000 Crore Pact भारत और भूटान के बीच मजबूत होते आर्थिक, रणनीतिक और विकासात्मक संबंधों का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है। Rs.4000 करोड़ की नई क्रेडिट लाइन, स्वास्थ्य सहयोग, हरित विकास और नई परियोजनाओं के जरिए दोनों देशों ने भविष्य की साझेदारी को और मजबूत करने का संदेश दिया है। यह समझौता न केवल भूटान के विकास में मदद करेगा, बल्कि दक्षिण एशिया में भारत की क्षेत्रीय भूमिका को भी और सशक्त बनाएगा।
FAQ
- भारत और भूटान के बीच Rs.4000 करोड़ का समझौता क्या है?
यह एक रियायती क्रेडिट लाइन (Concessional Line of Credit) समझौता है, जिसके तहत भारत भूटान को विकास परियोजनाओं के लिए Rs.4000 करोड़ की वित्तीय सहायता देगा।
- इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भूटान में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, कृषि, शहरी विकास और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
- भारत भूटान को Rs.4000 करोड़ की सहायता क्यों दे रहा है?
भारत अपनी Neighbourhood First Policy के तहत भूटान के विकास में सहयोग करना चाहता है और दोनों देशों के रणनीतिक व आर्थिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है।
- इस समझौते से भूटान के किन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा?
इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, कृषि, शहरी विकास, आपदा प्रबंधन, हरित परिवहन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को इसका लाभ मिलेगा।
- भारत-भूटान संबंधों में इस समझौते का क्या महत्व है?
यह समझौता दोनों देशों के बीच विश्वास, विकास सहयोग और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।
- इस बैठक में और कौन से महत्वपूर्ण फैसले लिए गए?
बैठक में AIIMS और भूटान के मेडिकल विश्वविद्यालय के बीच MoU पर हस्ताक्षर हुए, 45 इलेक्ट्रिक वाहन भूटान को सौंपे गए और भारत समर्थित ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।

