करीब तीन दशकों से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। हाल ही में स्टेशन के रूसी मॉड्यूल में एयर लीक की घटना और कुछ समय के लिए जारी किए गए इमरजेंसी ‘सेफ हेवन’ अलर्ट ने एक बार फिर NASA ISS Destruction Plan को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष प्रयोगशाला को आखिर क्यों खत्म किया जा रहा है, इसे कैसे पृथ्वी पर लाया जाएगा और इसके बाद अंतरिक्ष में क्या होगा – ये सवाल अब पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं।

ISS केवल एक स्पेस स्टेशन नहीं रहा, बल्कि यह मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास की सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में से एक है। अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान और कनाडा समेत 15 देशों के सहयोग से तैयार यह स्टेशन वर्ष 1998 से अंतरिक्ष में सक्रिय है। यहां सैकड़ों वैज्ञानिक प्रयोग किए गए हैं और लगातार 26 वर्षों से इंसानों की अंतरिक्ष में मौजूदगी बनी हुई है।
NASA ISS Destruction Plan की जरूरत क्यों पड़ी?
हाल के वर्षों में ISS की उम्र बढ़ने के साथ तकनीकी समस्याएं बढ़ती गई हैं। सबसे बड़ी चिंता रूसी Zvezda मॉड्यूल में मौजूद दरारें और बार-बार होने वाली एयर लीक हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार यह समस्या 2019 से बनी हुई है और कई बार मरम्मत के बावजूद पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।
जून 2026 में स्थिति तब गंभीर हो गई जब बढ़ते एयर लीक के कारण NASA ने एहतियातन कुछ अंतरिक्ष यात्रियों को स्टेशन छोड़ने की तैयारी करने के लिए कहा। हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई, लेकिन इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि स्टेशन को अनिश्चितकाल तक संचालित करना संभव नहीं है।
इसी वजह से NASA और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने ISS End of Life Plan को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

Image Credit: NASA via Getty Images
कब रिटायर होगा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन?
NASA के मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार ISS का संचालन दशक के अंत तक जारी रहेगा। हालांकि इसकी अंतिम यात्रा की प्रक्रिया 2028 के आसपास शुरू हो सकती है।
योजना के तहत स्टेशन को धीरे-धीरे निचली कक्षा (Lower Orbit) में लाया जाएगा। इसके बाद कई चरणों में इसकी ऊंचाई कम की जाएगी ताकि नियंत्रित तरीके से इसे पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कराया जा सके। पूरी प्रक्रिया 2031 तक चल सकती है और इसी वर्ष स्टेशन के आधिकारिक रूप से रिटायर होने की उम्मीद है।
इस तरह International Space Station Retirement मानव अंतरिक्ष इतिहास के एक महत्वपूर्ण युग का अंत होगा।
NASA का 1 अरब डॉलर का ISS Deorbit Mission क्या है?
ISS को सीधे छोड़ देना NASA के लिए विकल्प नहीं है। लगभग 450 टन वजन वाले इस विशाल ढांचे को यदि प्राकृतिक रूप से पृथ्वी पर गिरने दिया जाए तो उसके बड़े हिस्से वायुमंडल में पूरी तरह नहीं जलेंगे और कई टुकड़े आबादी वाले क्षेत्रों में गिर सकते हैं।
इसी जोखिम को देखते हुए NASA ने लगभग 1 अरब डॉलर की लागत वाली NASA ISS Deorbit Mission तैयार की है।
इस मिशन का उद्देश्य स्टेशन को पूरी तरह नियंत्रित तरीके से पृथ्वी पर लाना है ताकि किसी भी देश या आबादी को खतरा न हो। NASA के अनुसार यह अब तक का सबसे जटिल और बड़ा नियंत्रित डी-ऑर्बिट ऑपरेशन होगा।
ISS को कैसे नष्ट किया जाएगा?
ISS को खत्म करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले स्टेशन की ऊंचाई धीरे-धीरे कम की जाएगी। जब वैज्ञानिक प्रयोग समाप्त हो जाएंगे और अंतिम अंतरिक्ष यात्री स्टेशन छोड़ देंगे, तब एक विशेष डी-ऑर्बिट वाहन सक्रिय होगा।
इस मिशन में SpaceX की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। कंपनी एक विशेष रूप से संशोधित ड्रैगन अंतरिक्ष यान उपलब्ध कराएगी, जिसे अक्सर “स्पेस टगबोट” कहा जा रहा है। यह वाहन ISS को आवश्यक थ्रस्ट देगा और उसकी गति तथा दिशा नियंत्रित करेगा।
धीरे-धीरे स्टेशन की कक्षा इतनी कम कर दी जाएगी कि वह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने लगे। प्रवेश के दौरान घर्षण के कारण स्टेशन का अधिकांश हिस्सा जल जाएगा।
जो अवशेष बचेंगे, उन्हें जानबूझकर प्रशांत महासागर के एक अत्यंत दूरस्थ क्षेत्र में गिराया जाएगा।
Point Nemo क्यों चुना गया है?
NASA ने ISS के अंतिम अवशेषों के लिए दक्षिण प्रशांत महासागर के उस हिस्से को चुना है जिसे Point Nemo कहा जाता है।
यह पृथ्वी का सबसे दूरस्थ समुद्री क्षेत्र माना जाता है। यहां से सबसे नजदीकी मानव बस्ती भी हजारों किलोमीटर दूर है। इसी वजह से इसे अक्सर “Spaceship Graveyard” या अंतरिक्ष कब्रिस्तान कहा जाता है।
पिछले कई दशकों में अनेक उपग्रहों और अंतरिक्ष यानों के अवशेष इसी क्षेत्र में गिराए गए हैं। NASA की योजना है कि ISS के बचे हुए हिस्से भी यहीं गिरें ताकि किसी भी आबादी या जहाज को नुकसान न पहुंचे।
Astronaut Evacuation Alert ने क्यों बढ़ाई चिंता?
हालिया Astronaut Evacuation Alert ने दुनिया भर का ध्यान फिर से ISS की सुरक्षा स्थिति की ओर खींचा।
रिपोर्टों के अनुसार Zvezda मॉड्यूल में बढ़ते दबाव रिसाव के कारण कुछ अंतरिक्ष यात्रियों को एहतियातन SpaceX Dragon कैप्सूल में भेजा गया था। यह एक आपातकालीन सुरक्षा प्रक्रिया थी ताकि जरूरत पड़ने पर स्टेशन को तुरंत खाली कराया जा सके।
हालांकि कुछ घंटों बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस घटना ने दिखा दिया कि स्टेशन अब अपने जीवनकाल के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और तकनीकी जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं।

ISS के बाद क्या आएगा?
ISS के रिटायर होने के बाद अंतरिक्ष में मानव उपस्थिति खत्म नहीं होगी। NASA पहले ही निजी कंपनियों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी के वाणिज्यिक स्पेस स्टेशनों पर काम कर रहा है।
भविष्य में कई निजी कंपनियां पृथ्वी की कक्षा में नए अंतरिक्ष स्टेशन संचालित कर सकती हैं। NASA का लक्ष्य स्वयं स्टेशन चलाने की बजाय वैज्ञानिक अनुसंधान और गहरे अंतरिक्ष मिशनों पर अधिक ध्यान देना है।
यानी NASA Space Station Mission का अगला चरण सरकारी नहीं बल्कि व्यावसायिक मॉडल पर आधारित हो सकता है।
अंतरिक्ष इतिहास में ISS की विरासत
ISS ने अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा दी। यहां माइक्रोग्रैविटी में चिकित्सा, जीवविज्ञान, सामग्री विज्ञान और मानव शरीर पर अंतरिक्ष के प्रभावों से जुड़े हजारों प्रयोग किए गए।
इस स्टेशन ने साबित किया कि अलग-अलग देशों के बीच सहयोग के जरिए अंतरिक्ष में लंबे समय तक मानव उपस्थिति बनाए रखी जा सकती है। आज दुनिया की एक पूरी पीढ़ी ऐसी है जिसने ऐसा समय कभी नहीं देखा जब अंतरिक्ष में इंसान मौजूद न रहे हों।
यही कारण है कि ISS Decommissioning Plan केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के सबसे सफल अध्यायों में से एक के समापन का प्रतीक भी है।
निष्कर्ष
हालिया एयर लीक और सुरक्षा चिंताओं ने NASA ISS Destruction Plan को फिर सुर्खियों में ला दिया है। लगभग 30 वर्षों तक मानवता की सेवा करने वाला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन अब अपने अंतिम वर्षों में प्रवेश कर चुका है। NASA की 1 अरब डॉलर से अधिक लागत वाली NASA ISS Deorbit Mission का उद्देश्य स्टेशन को सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से पृथ्वी पर लाना है, ताकि किसी भी प्रकार का जोखिम न हो।
2031 तक ISS का अध्याय समाप्त हो सकता है, लेकिन उसकी वैज्ञानिक विरासत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
FAQs
Why is NASA planning to destroy the ISS?
ISS अब अपनी डिजाइन आयु के अंतिम चरण में है। बढ़ती तकनीकी समस्याओं और सुरक्षा जोखिमों के कारण NASA इसे नियंत्रित तरीके से रिटायर करने की योजना बना रहा है।
What is NASA’s $1 billion ISS deorbit plan?
यह एक विशेष मिशन है जिसके तहत ISS को धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर लाकर नियंत्रित तरीके से प्रशांत महासागर के Point Nemo क्षेत्र में गिराया जाएगा।
Why were astronauts put on evacuation alert?
जून 2026 में Zvezda मॉड्यूल में एयर लीक बढ़ने के कारण एहतियातन कुछ अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया था।
When will the International Space Station retire?
वर्तमान योजना के अनुसार ISS का संचालन 2030 तक जारी रह सकता है और 2031 तक इसे आधिकारिक रूप से डी-कमीशन किया जा सकता है।
What will replace the ISS in the future?
NASA और निजी कंपनियां नए वाणिज्यिक स्पेस स्टेशनों पर काम कर रही हैं, जो भविष्य में ISS की जगह ले सकते हैं।

