PM Modi Launch Projects: PM मोदी ने खोला मेगा प्रोजेक्ट्स का पिटारा, राजस्थान और गुजरात को मिली 1.06 लाख करोड़ की सौगात – जानिए किन परियोजनाओं की हुई शुरुआत ?

PM Modi Launch Projects

PM Modi Launch Projects: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को राजस्थान और गुजरात के दौरे के दौरान देश को ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने नागरिक उड्डयन, पेट्रोकेमिकल, रेलवे, सड़क, मेट्रो, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली ट्रांसमिशन और सेमीकंडक्टर जैसे कई रणनीतिक क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने जोधपुर में Modified UDAN Scheme लॉन्च की, बालोतरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल परियोजना राष्ट्र को समर्पित की और गुजरात के साणंद में भारत के शुरुआती सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्रों में से एक का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं को भारत की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को नई गति देने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।

जोधपुर से क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार

प्रधानमंत्री ने जोधपुर से Modified UDAN Scheme की शुरुआत की। ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के विजन को आगे बढ़ाने वाली इस योजना के लिए अगले दस वर्षों में ₹28,840 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ते हुए भारत में नागरिक उड्डयन के अगले चरण को गति देना है।

नई योजना के तहत देशभर में मौजूदा लेकिन उपयोग में नहीं आने वाली हवाई पट्टियों को विकसित कर 100 नए एयरोड्रोम तैयार किए जाएंगे। इसके लिए ₹12,000 करोड़ से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। साथ ही छोटे हवाई अड्डों के शुरुआती संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाए रखने के लिए ₹2,500 करोड़ से अधिक का संचालन एवं रखरखाव (O&M) समर्थन दिया जाएगा।

दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिए योजना में 200 आधुनिक हेलिपैड विकसित करने का भी प्रावधान किया गया है। वहीं एयरलाइनों को क्षेत्रीय उड़ानों के संचालन के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक की Viability Gap Funding (VGF) जारी रखी जाएगी, जिससे कम यात्री संख्या वाले मार्गों पर भी विमान सेवाएं जारी रह सकें।

इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू आत्मनिर्भर भारत भी है। इसके तहत HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे देश में घरेलू विमानन उद्योग को मजबूती मिलेगी।

 

जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल हुआ राष्ट्र को समर्पित

प्रधानमंत्री ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी किया। लगभग ₹480 करोड़ की लागत से बने इस आधुनिक टर्मिनल का क्षेत्रफल 23,000 वर्गमीटर से अधिक है और यह हर वर्ष करीब 20 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है।

टर्मिनल की वास्तुकला राजस्थान की पारंपरिक विरासत से प्रेरित है, जिसमें मेहराब, झरोखे और आधुनिक डिजाइन का सुंदर मेल देखने को मिलता है। भवन में ऊर्जा दक्ष तकनीक, जल संरक्षण प्रणाली और हरित निर्माण मानकों का उपयोग किया गया है तथा इसे 5-स्टार GRIHA रेटिंग के अनुरूप विकसित किया गया है।

सरकार का मानना है कि नए टर्मिनल से जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

 

बालोतरा में ₹1.06 लाख करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ

जोधपुर के बाद प्रधानमंत्री बालोतरा पहुंचे, जहां उन्होंने करीब ₹1.06 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं पेट्रोकेमिकल, रेलवे, सड़क, शहरी परिवहन, अक्षय ऊर्जा और बिजली ट्रांसमिशन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी हैं।

पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल परियोजना राष्ट्र को समर्पित

प्रधानमंत्री ने बालोतरा के पचपदरा में भारत की पहली Greenfield Integrated Refinery-cum-Petrochemical Complex राष्ट्र को समर्पित की। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित इस परियोजना पर ₹79,450 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है।

इस अत्याधुनिक परिसर की क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है, जबकि इसकी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2.4 MMTPA है। रिफाइनरी का Nelson Complexity Index 17.0 है और इसकी पेट्रोकेमिकल उत्पाद क्षमता 26 प्रतिशत से अधिक है, जो इसे वैश्विक स्तर की आधुनिक रिफाइनरियों की श्रेणी में रखती है।

यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, पेट्रोकेमिकल आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही यह राजस्थान में प्रस्तावित Petrochemical and Plastic Park के विकास का आधार बनेगी, जिससे अनेक डाउनस्ट्रीम उद्योग और सहायक औद्योगिक इकाइयों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी इस परियोजना से सृजित होने की उम्मीद है।

 

जयपुर मेट्रो फेज-2 को मिली मंजूरी

प्रधानमंत्री ने जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी रखी। ₹13,000 करोड़ से अधिक लागत वाली इस परियोजना के तहत 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो प्रह्लादपुरा से तोड़ी मोड़ तक जाएगा।

इस कॉरिडोर पर 36 स्टेशन बनाए जाएंगे और यह सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया (VKI), जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल, एसएमएस स्टेडियम, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा।

इससे जयपुर के औद्योगिक और आवासीय इलाकों के बीच सार्वजनिक परिवहन अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। उल्लेखनीय है कि फेज-1 के तहत 11.64 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर पहले से संचालित है।

 

रेलवे और सड़क परियोजनाओं से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

प्रधानमंत्री ने चूरू-सादुलपुर (58 किमी) और चूरू-रतनगढ़ (46 किमी) रेल लाइन डबलिंग परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित किया। लगभग ₹900 करोड़ की लागत वाली इन परियोजनाओं से कुल 104 किलोमीटर रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर-पश्चिम राजस्थान में यात्री और मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुचारू, सुरक्षित और समयबद्ध होगा। साथ ही रेल नेटवर्क पर दबाव कम होगा तथा औद्योगिक निवेश और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने NH-125A के जोधपुर रिंग रोड सेक्शन-2 (करवड़-दांगियावास) के चार लेन वाले हिस्से का भी उद्घाटन किया। लगभग ₹740 करोड़ की लागत से विकसित यह परियोजना जोधपुर क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाएगी और यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाएगी।

 

राजस्थान को मिली हरित ऊर्जा की बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री ने SJVN की 1,000 मेगावाट बीकानेर सोलर परियोजना राष्ट्र को समर्पित की। लगभग ₹5,500 करोड़ की लागत से विकसित इस परियोजना में 24.22 लाख स्वदेशी सोलर मॉड्यूल लगाए गए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने NHPC की 300 मेगावाट कर्णीसर बीकानेर सोलर परियोजना का भी उद्घाटन किया, जिसमें लगभग 7.75 लाख स्वदेशी सोलर सेल और मॉड्यूल का उपयोग किया गया है।

प्रधानमंत्री ने राजस्थान Renewable Energy Zone (REZ) से बिजली निकासी के लिए ₹1,900 करोड़ से अधिक लागत वाली ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन किया और 530 किलोमीटर लंबी नई बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं से राजस्थान में उत्पादित अक्षय ऊर्जा को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना आसान होगा और राज्य में बिजली आपूर्ति भी अधिक मजबूत बनेगी।

 

54 हजार युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित लगभग 54,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।

इन नियुक्तियों में शिक्षा, ऊर्जा, गृह, पंचायती राज, परिवहन, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, योजना, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक सुधार जैसे विभाग शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों की कार्यक्षमता भी मजबूत होगी।

 

साणंद में शुरू हुआ भारत का नया सेमीकंडक्टर अध्याय

राजस्थान दौरे के बाद प्रधानमंत्री गुजरात के साणंद (अहमदाबाद) पहुंचे, जहां उन्होंने CG Semi Outsourced Semiconductor Assembly and Test (OSAT) Facility का उद्घाटन किया।

यह परियोजना India Semiconductor Mission (ISM) के तहत स्वीकृत शुरुआती चार प्रमुख सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में शामिल है और इस पर ₹7,500 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। इस संयंत्र के शुरू होने के साथ भारत ने व्यावसायिक स्तर पर सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

पूर्ण क्षमता पर पहुंचने के बाद यह संयंत्र हर वर्ष 5 अरब (5 Billion) तक सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन कर सकेगा। यहां ऑटोमोबाइल, औद्योगिक उपकरण, दूरसंचार, 5G, Internet of Things (IoT), मेमोरी एवं स्टोरेज डिवाइस और Artificial Intelligence (AI) आधारित हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए आवश्यक चिप्स तैयार किए जाएंगे।

यह सुविधा वेफर सॉर्टिंग, चिप असेंबली, टेस्टिंग, पैकेज डिजाइन, फेल्योर एनालिसिस, टेस्ट प्रोग्राम डेवलपमेंट, प्रोडक्ट कैरेक्टराइजेशन और लॉजिस्टिक्स जैसी एंड-टू-एंड सेवाएं उपलब्ध कराएगी। इसके साथ भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ा है।

 

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम हैं ये परियोजनाएं

प्रधानमंत्री के इस दौरे में शुरू हुई परियोजनाएं केवल बुनियादी ढांचे के विस्तार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर निर्माण, क्षेत्रीय हवाई संपर्क, सार्वजनिक परिवहन, हरित ऊर्जा और रोजगार सृजन जैसे कई रणनीतिक क्षेत्रों को एक साथ मजबूती देती हैं। पचपदरा रिफाइनरी भारत की पेट्रोकेमिकल क्षमता बढ़ाएगी, जबकि साणंद का सेमीकंडक्टर संयंत्र देश को वैश्विक चिप निर्माण उद्योग में नई पहचान दिलाने में मदद करेगा। वहीं Modified UDAN Scheme, जयपुर मेट्रो, रेलवे, सड़क और अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को नई गति देंगी।

 

FAQ

1.प्रधानमंत्री मोदी किन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे?
प्रधानमंत्री राजस्थान और गुजरात में Modified UDAN Scheme, जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल, पचपदरा रिफाइनरी, जयपुर मेट्रो फेज-2, रेलवे और सड़क परियोजनाओं, सोलर परियोजनाओं तथा साणंद के सेमीकंडक्टर प्लांट सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

 

2. ₹1 लाख करोड़ की परियोजनाओं में क्या शामिल है?
इनमें रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, जयपुर मेट्रो फेज-2, रेलवे डबलिंग, राष्ट्रीय राजमार्ग, सौर ऊर्जा परियोजनाएं, बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं।

 

3.सेमीकंडक्टर परियोजना का क्या महत्व है?
साणंद स्थित CG Semi OSAT Facility भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को मजबूत करेगी, सालाना 5 अरब तक चिप्स बनाने की क्षमता विकसित करेगी और AI, 5G, ऑटोमोबाइल तथा IoT जैसे क्षेत्रों की मांग पूरी करने में मदद करेगी।

 

4.रिफाइनरी परियोजना से क्या लाभ होगा?
पचपदरा रिफाइनरी भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करेगी, पेट्रोकेमिकल उत्पादन बढ़ाएगी, आयात पर निर्भरता कम करेगी और राजस्थान में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

 

5.इन परियोजनाओं का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, विनिर्माण, परिवहन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रोजगार को बढ़ावा देंगी। साथ ही ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।