4000 पेड़ों की कटाई पर क्यों लगा ब्रेक? Rajaji Tiger Reserve के पास CM धामी के फैसले से बदला पूरा मामला

Rajaji Tiger Reserve

Rajaji Tiger Reserve के पास देहरादून-ऋषिकेश 4/6 लेन परियोजना के तहत सात मोड़ क्षेत्र में प्रस्तावित 4369 पेड़ों की कटाई को लेकर उत्तराखंड में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों, पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों के लगातार विरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिलहाल पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति और विश्वास का माहौल बनने तक आगे कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा। यह परियोजना Rajaji Tiger Reserve के संवेदनशील वन क्षेत्र और हाथियों के महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग (Elephant Corridor) के करीब स्थित है। ऐसे में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर उठी चिंताओं ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। सरकार का कहना है कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनभावनाओं के बीच संतुलन बनाते हुए ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

Rajaji Tiger Reserve के पास देहरादून-ऋषिकेश 4/6 लेन परियोजना के तहत प्रस्तावित 4369 पेड़ों की कटाई पर उत्तराखंड सरकार ने फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि स्थानीय लोगों, पर्यावरणविदों और सभी हितधारकों के साथ सहमति बनने तक पेड़ों की कटाई नहीं होगी। सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर जोर दे रही है।

Image Source: Tree felling

Rajaji Tiger Reserve के पास पेड़ों की कटाई पर क्यों मचा विवाद?

उत्तराखंड के देहरादून-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए सात मोड़ क्षेत्र में कुल 4369 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित थी। अब तक 350 से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं, लेकिन बढ़ते विरोध के बाद सरकार ने आगे की कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह इलाका Rajaji Tiger Reserve और हाथियों के संवेदनशील कॉरिडोर के बेहद करीब स्थित है। पर्यावरणविदों का कहना है कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से जंगलों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ेगा और वन्यजीवों के आवागमन पर भी असर पड़ेगा। पिछले 13 दिनों से स्थानीय नागरिक, छात्र, सामाजिक संगठन और पर्यावरण कार्यकर्ता लगातार आंदोलन कर रहे थे। हरेला पर्व के दिन प्रदर्शनकारियों ने ब्लैक हरेलामनाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

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Rajaji Tiger Reserve के पास CM Dhami का बड़ा फैसला

लगातार विरोध और जनभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी पक्षों के बीच विश्वास और सहमति का माहौल नहीं बन जाता, तब तक पेड़ों की कटाई आगे नहीं बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों के साथ दोबारा विस्तृत बातचीत करें। बातचीत के बाद ही परियोजना पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

 

सरकार ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की बात कही

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए आधुनिक सड़कें और मजबूत आधारभूत ढांचा जरूरी हैं, लेकिन यह विकास प्रकृति और जनभावनाओं की कीमत पर नहीं होना चाहिए। सरकार का कहना है कि परियोजना में पर्यावरण संरक्षण के लिए कई विशेष उपाय भी शामिल किए गए हैं। इनमें शामिल हैं

  • लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा हाथी अंडरपास बनाया जाएगा।
  • छोटे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट तैयार होंगे।
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की योजना बनाई गई है।
  • परियोजना को न्यायालय के निर्देशों और पर्यावरणीय नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।

 

विरोध प्रदर्शन ने कैसे बदला पूरा मामला?

सात मोड़ क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार प्रदर्शन चल रहा था। कई प्रदर्शनकारी पेड़ों से चिपककर कटाई रोकने की कोशिश करते रहे। आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों और छात्र समूहों का समर्थन मिला। इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी देहरादून दौरे के दौरान प्रदर्शनकारियों से मिले। आंदोलनकारियों ने उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी और हस्तक्षेप की मांग की। राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को संसद सहित अन्य मंचों पर भी उठाया जाएगा। लगातार बढ़ते जनदबाव और पर्यावरणीय चिंताओं के बाद सरकार ने फिलहाल पेड़ों की कटाई रोकने का निर्णय लिया।

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Rajaji Tiger Reserve का महत्व क्यों है?

Rajaji Tiger Reserve उत्तराखंड के सबसे महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्रों में से एक है। यह हाथियों, बाघों, तेंदुओं, हिरणों और कई दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। सात मोड़ क्षेत्र हाथियों के महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग (Elephant Corridor) के रूप में भी जाना जाता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से वन्यजीवों की आवाजाही, जैव विविधता और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

 

निष्कर्ष

Rajaji Tiger Reserve के पास प्रस्तावित पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगाकर उत्तराखंड सरकार ने यह संकेत दिया है कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और जनभावनाओं को भी समान महत्व दिया जाएगा। अब सभी की नजर सरकार और स्थानीय हितधारकों के बीच होने वाली बातचीत पर है, जिसके बाद इस परियोजना का अंतिम स्वरूप तय होगा।

 

FAQ

  1. मुख्यमंत्री धामी ने Rajaji Tiger Reserve के पास पेड़ों की कटाई पर रोक क्यों लगाई?
    स्थानीय लोगों, पर्यावरणविदों और अन्य हितधारकों की चिंताओं को देखते हुए सहमति बनने तक कटाई रोक दी गई है।
  2. Rajaji Tiger Reserve कहाँ स्थित है?
    यह उत्तराखंड में देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल जिलों में फैला एक प्रमुख टाइगर रिजर्व है।
  3. पेड़ों की कटाई पर रोक कितने समय के लिए लगाई गई है?
    जब तक सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति और विश्वास का माहौल नहीं बन जाता।
  4. इस निर्णय का वन्यजीव संरक्षण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    इससे हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों के आवागमन और जैव विविधता की सुरक्षा को राहत मिलेगी।
  5. Rajaji Tiger Reserve का पारिस्थितिक महत्व क्या है?
    यह बाघ, हाथी, तेंदुए सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों का महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास और संवेदनशील इकोसिस्टम है।
  6. उत्तराखंड सरकार ने इस मामले में किन विभागों को निर्देश दिए हैं?
    मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को सभी हितधारकों से दोबारा संवाद कर समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं।