Scanners at Indian Airports: भारत के इन एयरपोर्ट्स पर लगेंगे फुल बॉडी स्कैनर, जानिए कैसे करेंगे काम और यात्रियों पर क्या होगा असर? 

Full Body Scanners at Indian Airports: भारत के एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जल्द ही फुल बॉडी स्कैनर (Full Body Scanners) लगाए जा सकते हैं। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने श्रीनगर, जम्मू और अयोध्या एयरपोर्ट पर प्राथमिकता के आधार पर इन स्कैनरों को स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सालाना 50 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही वाले अन्य एयरपोर्ट्स को भी यह तकनीक अपनाने के लिए कहा गया है।

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फिलहाल दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि एयरपोर्ट पर इन स्कैनरों का तीन महीने का ट्रायल चल रहा है, जिसकी निगरानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) कर रहा है। मई 2026 से शुरू हुआ यह ट्रायल अगस्त तक जारी रहेगा। इसके परिणामों के आधार पर देशभर में इस तकनीक के विस्तार पर फैसला लिया जाएगा।

 

क्या हैं फुल बॉडी स्कैनर (Full Body Scanners) और क्यों लगाए जा रहे हैं?

फुल बॉडी स्कैनर ऐसी एडवांस इमेजिंग तकनीक है जो यात्रियों के कपड़ों के अंदर छिपाई गई धातु (Metallic) और गैर-धातु (Non-Metallic) वस्तुओं का पता लगाने में सक्षम है। वर्तमान में अधिकांश एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को मेटल डिटेक्टर से गुजरने के बाद मैनुअल फ्रिस्किंग से भी गुजरना पड़ता है।

नई तकनीक का उद्देश्य सुरक्षा जांच को अधिक प्रभावी बनाना और शारीरिक तलाशी की आवश्यकता को कम करना है। BCAS के अनुसार इससे सुरक्षा खतरे की पहचान बेहतर होगी और यात्रियों का समय भी बचेगा।

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किन एयरपोर्ट्स पर प्राथमिकता से लगाए जाएंगे स्कैनर?

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक श्रीनगर, जम्मू और अयोध्या एयरपोर्ट को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

 

श्रीनगर और जम्मू एयरपोर्ट: जम्मू-कश्मीर की संवेदनशील सुरक्षा स्थिति को देखते हुए इन एयरपोर्ट्स पर आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। फुल बॉडी स्कैनर संभावित खतरों की पहचान में अतिरिक्त मदद करेंगे।

 

अयोध्या एयरपोर्ट: अयोध्या एयरपोर्ट को “हाइपर-सेंसिटिव” श्रेणी में रखा गया है। दिसंबर 2023 में उद्घाटन और जनवरी 2024 में उड़ान संचालन शुरू होने के बाद यहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है। राम मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के कारण सुरक्षा एजेंसियां यहां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।

 

दिल्ली समेत चार एयरपोर्ट्स पर चल रहा है ट्रायल

मई 2026 से निम्न एयरपोर्ट्स पर फुल बॉडी स्कैनर का परीक्षण किया जा रहा है:

  • दिल्ली एयरपोर्ट
  • बेंगलुरु एयरपोर्ट
  • हैदराबाद एयरपोर्ट
  • कोच्चि एयरपोर्ट

ट्रायल के दौरान हर यात्री को स्कैनर से गुजरना पड़ रहा है। हालांकि अभी भी सुरक्षा कर्मी अतिरिक्त फ्रिस्किंग कर रहे हैं ताकि तकनीक की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार एक स्कैनर प्रति घंटे लगभग 180 यात्रियों की जांच कर सकता है।

 

BCAS ने सुरक्षा और गोपनीयता के लिए क्या दिशा-निर्देश जारी किए?

2 अप्रैल 2026 को BCAS ने फुल बॉडी स्कैनर के उपयोग के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया था। इन दिशा-निर्देशों में विशेष रूप से तीन बातों पर जोर दिया गया है:

यात्रियों की निजता (Privacy) की सुरक्षा, गैर-आयनीकरण (Non-Ionising) तकनीक का उपयोग और साइबर सुरक्षा मानकों का पालन। सरकार का कहना है कि स्कैनर स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं और इनसे किसी प्रकार के हानिकारक विकिरण का खतरा नहीं होगा।

 

संसद भवन में भी लगाए जाएंगे फुल बॉडी स्कैनर

सरकारी सूत्रों के अनुसार संसद भवन परिसर में भी 9 प्रमाणित फुल बॉडी स्कैनर लगाए जाने की योजना है। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

 

एयरपोर्ट सुरक्षा को लेकर और क्या कदम उठाए गए हैं?

फुल बॉडी स्कैनर के अलावा देशभर के एयरपोर्ट्स पर कई अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। 25 एयरपोर्ट्स पर बम निरोधक एवं निस्तारण दस्ते (Bomb Detection and Disposal Squads) तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 35 अन्य एयरपोर्ट्स पर विशेष बम खोजी टीमें सक्रिय हैं।

अधिकांश एयरपोर्ट्स पर प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड भी तैनात किए गए हैं, जो विस्फोटक पदार्थों की पहचान में सुरक्षा एजेंसियों की मदद करते हैं।

 

CISF ने 2025 और 2026 में क्या-क्या बरामद किया?

एयरपोर्ट सुरक्षा के दौरान CISF ने बड़े पैमाने पर अवैध सामान और नकदी पकड़ी है। 2025 में CISF ने: 31.46 किलोग्राम सोना, 114.13 किलोग्राम चांदी और ₹52.91 करोड़ नकद जब्त किया।

वहीं 31 मई 2026 तक: 12.779 किलोग्राम सोना, 23.825 किलोग्राम चांदी और ₹14.49 करोड़ नकदी बरामद की जा चुकी है।

ये आंकड़े दिखाते हैं कि एयरपोर्ट सुरक्षा में आधुनिक तकनीक की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।

 

ड्रग्स तस्करी के खिलाफ भी सख्ती

2021 से 17 जून 2026 के बीच CISF ने एयरपोर्ट्स पर ड्रग्स तस्करी के 63 मामले पकड़े हैं। बरामद नशीले पदार्थों में ट्रामाडोल, मेथाक्वालोन, गांजा, चरस, हेरोइन, ब्राउन शुगर, मारिजुआना और हैशिश शामिल हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि फुल बॉडी स्कैनर ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।

 

डिजिटल हो रही एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था

CISF अब अपने परिचालन रिकॉर्ड्स को डिजिटल बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। विस्फोटक जांच, प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी और सुरक्षा लॉग्स को इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ने की योजना है। इससे निगरानी, जवाबदेही और डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी।

 

भारत में CISF के संरक्षण वाले एयरपोर्ट्स की संख्या बढ़ी

18 जून 2026 को CISF ने दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट की सुरक्षा भी अपने हाथ में ले ली। इसके साथ ही CISF द्वारा संरक्षित एयरपोर्ट्स की संख्या बढ़कर 73 हो गई है।

सफदरजंग एयरपोर्ट मुख्य रूप से हेलीकॉप्टर संचालन और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होता है। यहां 136 विशेष रूप से प्रशिक्षित CISF जवान तैनात किए गए हैं।

 

निष्कर्ष

भारत के एयरपोर्ट्स पर फुल बॉडी स्कैनर (Full Body Scanners at Indian Airports) की शुरुआत नागरिक उड्डयन सुरक्षा में एक बड़ा तकनीकी बदलाव साबित हो सकती है। श्रीनगर, जम्मू और अयोध्या जैसे संवेदनशील एयरपोर्ट्स पर इसकी प्राथमिक स्थापना सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी। दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि में चल रहे ट्रायल के नतीजे आने के बाद देशभर के बड़े एयरपोर्ट्स पर इस तकनीक का विस्तार किया जा सकता है। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है।

 

FAQs

  1. Why are full body scanners being installed at Indian airports?
    Ans. फुल बॉडी स्कैनर यात्रियों के कपड़ों के अंदर छिपी धातु और गैर-धातु वस्तुओं की पहचान कर सुरक्षा जांच को अधिक प्रभावी बनाने और शारीरिक तलाशी की आवश्यकता कम करने के लिए लगाए जा रहे हैं।
  2. Which airports are testing full body scanners?
    Ans. दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि एयरपोर्ट पर मई 2026 से तीन महीने का ट्रायल चल रहा है।
  3. What is BCAS?
    Ans. BCAS (Bureau of Civil Aviation Security) भारत की नागरिक उड्डयन सुरक्षा नियामक संस्था है, जो एयरपोर्ट सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं को निर्धारित करती है।
  4. How do full body scanners improve airport security?
    Ans. ये स्कैनर कपड़ों के अंदर छिपी संदिग्ध वस्तुओं का पता लगाते हैं, जिससे विस्फोटक, हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामान की पहचान आसान हो जाती है।
  5. Which airports will install the new scanners?
    Ans. प्राथमिकता के आधार पर श्रीनगर, जम्मू और अयोध्या एयरपोर्ट पर स्कैनर लगाए जाएंगे। इसके अलावा सालाना 50 लाख से अधिक यात्रियों वाले अन्य एयरपोर्ट्स को भी इन्हें स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।