अमेरिका ने इराक छोड़ने का फैसला क्यों लिया? 23 साल बाद खत्म होगा US Troops Exit Iraq मिशन

US Troops Exit Iraq

23 साल बाद अमेरिका इराक में अपने सैन्य मिशन को खत्म करने जा रहा है। US Troops Exit Iraq अब सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि आधिकारिक तौर पर तय की गई समयसीमा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने पुष्टि की है कि 30 सितंबर 2026 तक अमेरिकी सैनिक इराक से वापस लौट जाएंगे। यह फैसला Middle East की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। 2003 में जिस युद्ध की शुरुआत ‘शॉक एंड ऑ’ (Shock and Awe) अभियान के साथ हुई थी, उसका आखिरी अध्याय अब लिखे जाने वाला है। सवाल यह है कि आखिर अमेरिका ने इराक छोड़ने का फैसला क्यों लिया और इसका असर पूरी दुनिया पर कितना पड़ेगा?

40 सेकंड में समझिए: क्या है पूरा मामला?

अमेरिका सितंबर 2026 तक इराक से अपनी सैन्य मौजूदगी लगभग समाप्त कर देगा। यह फैसला अमेरिका और इराक के बीच 2024 में हुए समझौते के तहत लिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका को इराक में सैन्य बल की जरूरत नहीं है क्योंकि दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी मजबूत हो चुकी है।

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आखिर 23 साल बाद क्यों खत्म हो रहा है Iraq Military Mission?

2003 में अमेरिका ने यह दावा करते हुए इराक पर हमला किया था कि सद्दाम हुसैन के पास Weapons of Mass Destruction (WMD) मौजूद हैं। हालांकि बाद में ऐसे किसी हथियार के सबूत नहीं मिले। इसके बावजूद अमेरिका ने इराक में अपना सबसे बड़ा सैन्य अभियान चलाया।

  • 2007 में इराक में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 1.7 लाख से अधिक थी।
  • 2011 में अधिकांश अमेरिकी सैनिक वापस बुला लिए गए थे।
  • 2014 में ISIS के उभरने के बाद अमेरिकी सेना दोबारा इराक पहुंची।
  • 2021 में ISIS के खिलाफ गठबंधन सैन्य अभियान समाप्त हो गया।
  • 2024 में अमेरिका और इराक के बीच सैन्य मिशन समाप्त करने का समझौता हुआ।
  • सितंबर 2026 तक अमेरिकी सैनिकों की वापसी पूरी हो जाएगी।

US Troops Exit Iraq: डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

व्हाइट हाउस में इराकी प्रधानमंत्री के साथ बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब इराक में सैन्य मौजूदगी को जरूरी नहीं मानता।उनके अनुसार, अमेरिका और इराक के संबंध अब सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तेल और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी मजबूत हो चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका इराक की मदद करेगा, लेकिन वहां सैनिकों की स्थायी तैनाती की आवश्यकता नहीं है।इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने भी साफ कहा कि 30 सितंबर तक अमेरिकी सैनिक इराक छोड़ देंगे, जबकि अमेरिकी कंपनियां इराक में निवेश और कारोबार जारी रखेंगी।

क्या अमेरिका पूरी तरह इराक छोड़ देगा?

तकनीकी रूप से अमेरिका अपनी सैन्य भूमिका समाप्त कर रहा है, लेकिन दोनों देशों के रिश्ते खत्म नहीं हो रहे हैं।संभावना है कि कुछ सीमित संख्या में सैन्य सलाहकार और राजनयिक सुरक्षा से जुड़े अधिकारी मौजूद रह सकते हैं। इसके अलावा अमेरिकी कंपनियां इराक के ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती रहेंगी।इसलिए इसे पूरी तरह “अमेरिका का इराक छोड़ना” कहना सही नहीं होगा, बल्कि यह एक सैन्य मिशन से रणनीतिक साझेदारी की ओर बदलाव है।

 

इराक की सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?

यह सबसे बड़ा सवाल है। पिछले कई वर्षों से अमेरिका इराकी सेना को प्रशिक्षण देता रहा है। अब इराक की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह उसकी अपनी सेना और सुरक्षा एजेंसियों पर होगी।हालांकि ISIS पहले जितना मजबूत नहीं है, लेकिन Middle East में उसकी गतिविधियां पूरी तरह खत्म भी नहीं हुई हैं। ऐसे में कई सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इराक को अपनी आतंकवाद विरोधी क्षमता को और मजबूत करना होगा। अगर इराक अपनी सुरक्षा व्यवस्था को सफलतापूर्वक संभाल लेता है, तो यह उसकी संप्रभुता के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। लेकिन यदि सुरक्षा चुनौतियां बढ़ती हैं, तो क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका भी बनी रहेगी।

 

Middle East की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?

अमेरिका की सैन्य वापसी से Middle East की भू-राजनीति में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • इराक अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को और मजबूत कर सकता है।
  • क्षेत्र में ईरान का प्रभाव बढ़ने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।
  • अमेरिका सैन्य रणनीति की जगह आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी पर अधिक ध्यान दे सकता है।
  • तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।

 

निष्कर्ष

क्या US Troops Exit Iraq इतिहास का अंत है?

US Troops Exit Iraq सिर्फ सैनिकों की वापसी नहीं है, बल्कि अमेरिका के सबसे लंबे और विवादित सैन्य अभियानों में से एक के अंत का प्रतीक है। 2003 के युद्ध से शुरू हुआ यह अध्याय सितंबर 2026 में औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर होगी कि इराक अपनी सुरक्षा और स्थिरता को किस तरह संभालता है। अमेरिका भले ही अपनी सेना वापस बुला रहा हो, लेकिन दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंध आने वाले वर्षों में भी महत्वपूर्ण बने रहेंगे।

 

FAQs

Q1. अमेरिका इराक से अपने सैनिक कब वापस बुलाएगा?

अमेरिका ने घोषणा की है कि 30 सितंबर 2026 तक अमेरिकी सैनिक इराक से वापस लौट जाएंगे।

 

Q2. 23 साल पुराने सैन्य मिशन को क्यों समाप्त किया जा रहा है?

ISIS के खिलाफ मिशन के पूरा होने और इराक की सुरक्षा क्षमताओं में सुधार के बाद अमेरिका और इराक ने सैन्य मिशन समाप्त करने का फैसला लिया है।

 

Q3. डोनाल्ड ट्रंप ने क्या घोषणा की?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अब इराक में सैन्य मौजूदगी की आवश्यकता नहीं है और दोनों देशों के संबंध अब आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर आधारित होंगे।

 

Q4. क्या अमेरिका पूरी तरह इराक छोड़ देगा?

सैन्य मिशन समाप्त होगा, लेकिन अमेरिका और इराक के बीच आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग जारी रहेगा।

 

Q5. इराक की सुरक्षा पर इसका क्या असर होगा?

इराक को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं संभालनी होगी। हालांकि अमेरिकी प्रशिक्षण का लाभ उसकी सेना को मिलता रहेगा।