अमेरिकी कोर्ट का बड़ा फैसला: गौतम अदाणी और सागर अदाणी पर लगे सभी क्रिमिनल चार्ज खारिज, शेयर बाजार में आया भूचाल

अमेरिका में अडानी समूह और उसके चेयरमैन गौतम अडानी तथा उनके भतीजे सागर अडानी पर लगे आपराधिक आरोपों को अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा वापस लिए जाने के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में बड़ा असर देखने को मिला। इस फैसले के बाद अडानी समूह की कई कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई और कुछ स्टॉक्स में लगभग 3.5% तक की बढ़त देखी गई।

अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पावर, अडानी पोर्ट्स, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और अडानी टोटल गैस जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय से चल रहे कानूनी तनाव में राहत मिलने के बाद निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ा है।

 

क्या थे अडानी पर आरोप?

यह मामला 2024 के आखिर में सामने आया था। अमेरिकी एजेंसियों SEC और DOJ ने आरोप लगाया था कि अडानी समूह ने भारत में सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए लगभग 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत योजना बनाई थी।

जांच एजेंसियों का दावा था कि इस कथित व्यवस्था की जानकारी अमेरिकी निवेशकों और फाइनेंशियल संस्थाओं से छिपाई गई। इसी आधार पर सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के आरोप लगाए गए थे।

हालांकि अब अमेरिकी न्याय विभाग ने माना है कि इन आरोपों को अदालत में साबित करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं।

 

दोबारा नहीं खुलेगा मामला

अमेरिका में किसी केस का “with prejudice” खारिज होना काफी अहम माना जाता है। इसका अर्थ होता है कि अदालत उस मामले को स्थायी रूप से बंद कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों को मामले में ऐसा कोई मजबूत सबूत नहीं मिला, जिससे आरोपों को आगे बढ़ाया जा सके। साथ ही अमेरिका से जुड़े कानूनी संबंध भी स्पष्ट नहीं थे। इसी वजह से DOJ ने केस खत्म करने का फैसला लिया।

 

अडानी ग्रुप की कानूनी टीम ने कैसे बदला मामला?

पिछले कुछ महीनों में अडानी समूह ने अमेरिका की कई बड़ी कानूनी फर्मों की मदद ली थी। इनमें Sullivan & Cromwell, Nixon Peabody, Hecker Fink, Norton Rose Fulbright और Bracewell जैसी कंपनियां शामिल थीं।

इन कानूनी विशेषज्ञों ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने लगातार दस्तावेज और प्रस्तुतियां दीं। बताया जा रहा है कि इसी प्रक्रिया के दौरान जांच एजेंसियां आरोपों को लेकर कमजोर पड़ गईं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी के वकील रॉबर्ट जियुफ्रा ने अमेरिकी अधिकारियों को बताया था कि जब तक यह केस चलता रहेगा, तब तक अडानी समूह अमेरिका में बड़े निवेश आगे नहीं बढ़ा पाएगा।

All criminal charges against Gautam Adani and Sagar Adani dismissed

अमेरिका में निवेश योजना पर भी पड़ा था असर

गौतम अडानी ने 2024 के अमेरिकी चुनावों के बाद अमेरिका में 10 अरब डॉलर निवेश करने और करीब 15 हजार नौकरियां पैदा करने का वादा किया था।

लेकिन कानूनी विवाद की वजह से इस योजना पर असर पड़ने की आशंका थी। अब केस खत्म होने के बाद माना जा रहा है कि अडानी समूह अमेरिका समेत दूसरे देशों में अपने विस्तार की योजनाओं को फिर से तेज कर सकता है।

 

ईरान प्रतिबंध मामले में अलग से हुआ समझौता

इसी बीच अडानी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के साथ एक अलग मामले में समझौता भी किया है। कंपनी ने 27.5 करोड़ डॉलर का भुगतान कर उस जांच को सुलझाया, जिसमें ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन की आशंका जताई गई थी।

अमेरिकी एजेंसी OFAC के मुताबिक, जांच LPG यानी तरलीकृत पेट्रोलियम गैस की खरीद से जुड़ी थी। आरोप था कि दुबई की एक सप्लायर कंपनी के जरिए ओमान और इराक के नाम पर गैस सप्लाई दिखाई गई, जबकि उसका असली स्रोत ईरान हो सकता था।

हालांकि अडानी एंटरप्राइजेज ने जांच में सहयोग किया और आगे नियमों के पालन को मजबूत करने पर सहमति जताई।

 

पहले भी हुआ था एक और समझौता

इससे पहले अडानी समूह ने एक अमेरिकी सिविल केस में भी 1.8 करोड़ डॉलर देकर समझौता किया था। वह मामला सरकारी अधिकारियों को कथित रिश्वत देने से जुड़ा बताया गया था।

हालांकि अब सबसे बड़ा आपराधिक मामला खत्म हो जाने के बाद अडानी समूह को बड़ी राहत मिली है।

 

अडानी ग्रुप के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

पिछले कुछ वर्षों में अडानी समूह ने ऊर्जा, बंदरगाह, एयरपोर्ट, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से विस्तार किया है। अमेरिका में चल रहा यह केस कंपनी की वैश्विक छवि और निवेश योजनाओं पर दबाव बना रहा था।

अब मामला खत्म होने के बाद विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। साथ ही अमेरिका और यूरोप में नए प्रोजेक्ट्स को भी गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला अडानी समूह के लिए केवल कानूनी जीत नहीं, बल्कि कारोबारी दृष्टि से भी बड़ा मोड़ साबित हो सकता है