Swiss Bank Deposits एक बार फिर चर्चा में हैं। Switzerland के Swiss National Bank (SNB) द्वारा जारी नए आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भारतीय ग्राहकों से जुड़े कुल फंड 8% घटकर 3.25 अरब Swiss Franc (करीब ₹36,800 करोड़) रह गए। हालांकि, इसी दौरान भारतीय व्यक्तियों और संस्थानों के सीधे ग्राहक खातों (Customer Deposits) में 50% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है– क्या इसका मतलब यह है कि विदेशों में रखा भारतीयों का काला धन कम हो गया है? आइए जानते हैं पूरी सच्चाई।
Swiss Bank Deposits क्या कहते हैं?
Swiss National Bank के अनुसार, 2025 के अंत तक भारतीय ग्राहकों से जुड़े कुल फंड 3.25 अरब Swiss Franc रहे, जो पिछले साल के मुकाबले 8% कम हैं। हालांकि, यह आंकड़ा Black Money का प्रत्यक्ष संकेत नहीं है क्योंकि इसमें बैंकों, कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य वैध वित्तीय देनदारियां भी शामिल होती हैं।
Swiss Bank Deposits में गिरावट क्यों आई?
SNB के आंकड़ों के अनुसार कुल भारतीय फंड में गिरावट की सबसे बड़ी वजह Amounts Due to Banks श्रेणी में कमी रही।
इस श्रेणी में वे फंड शामिल होते हैं जो विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से Swiss Banking सिस्टम में रखे जाते हैं।
मुख्य आंकड़े:
कुल Indian-linked Funds: 3.25 अरब Swiss Franc
2024 में यह आंकड़ा: 3.5 अरब Swiss Franc
सालाना गिरावट: 8%
Amounts Due to Banks: 2.6 अरब Swiss Franc
इस श्रेणी में लगभग 15% की गिरावट
यानी कुल गिरावट मुख्य रूप से संस्थागत बैंकिंग लेन-देन में कमी की वजह से आई है।
Indian Money in Swiss Banks: फिर Customer Deposits क्यों बढ़े?
दिलचस्प बात यह है कि जहां कुल Swiss Bank Deposits कम हुए, वहीं भारतीय व्यक्तियों और संस्थानों के सीधे बैंक खातों में जमा राशि 50% से अधिक बढ़कर 524 मिलियन Swiss Franc (करीब ₹6,000 करोड़) पहुंच गई।
हालांकि यह कुल भारतीय फंड का लगभग 16% ही है।
इसका मतलब यह नहीं कि अचानक भारतीयों ने Swiss Bank में पैसा जमा करना शुरू कर दिया, बल्कि अलग-अलग वित्तीय श्रेणियों में बदलाव देखने को मिला है।
क्या इसका मतलब Black Money कम हो गया?
नहीं। यही इस पूरी रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Swiss National Bank कई बार स्पष्ट कर चुका है कि Swiss Bank Deposits के ये आंकड़े Black Money का अनुमान नहीं हैं।
इनमें शामिल होते हैं:
- भारतीय व्यक्तियों के खाते
- कंपनियों के फंड
- बैंकों और वित्तीय संस्थानों की राशि
- Swiss बैंकों की भारतीय शाखाओं से जुड़े लेन-देन
- अन्य वित्तीय देनदारियां
इसके अलावा यदि कोई संपत्ति किसी तीसरे देश या जटिल अंतरराष्ट्रीय संरचना के जरिए रखी गई हो तो वह इन आंकड़ों में जरूरी नहीं कि शामिल हो।
इसलिए Indian Money in Swiss Banks और Black Money को एक ही चीज़ मानना गलत होगा।

Image Source: ITG
भारत और Switzerland के बीच Tax Information Exchange कैसे होता है?
Swiss Banking को लेकर पहले जैसी गोपनीयता अब नहीं रही।
भारत और Switzerland 2018 से Automatic Exchange of Information (AEOI) प्रणाली का हिस्सा हैं।
इस व्यवस्था के तहत:
- दोनों देश हर साल वित्तीय खातों की जानकारी साझा करते हैं।
- पहला डेटा आदान-प्रदान सितंबर 2019 में हुआ था।
तब से हर साल भारतीय कर अधिकारियों को जानकारी भेजी जाती है।
संदिग्ध वित्तीय मामलों में Switzerland भारतीय एजेंसियों के साथ अतिरिक्त जानकारी भी साझा करता है।
यानी आज का Swiss Banking सिस्टम पहले की तुलना में कहीं अधिक Financial Transparency वाला माना जाता है।
दूसरे देशों की तुलना में भारत कहां खड़ा है?
2025 के आंकड़ों के अनुसार:
- 🇬🇧 United Kingdom – 192 अरब Swiss Franc
- 🇺🇸 United States – 75 अरब Swiss Franc
- 🇫🇷 France – 63 अरब Swiss Franc
भारत 46वें स्थान पर है।
वहीं पड़ोसी देशों में:
- 🇵🇰 पाकिस्तान – 257 मिलियन Swiss Franc
- 🇧🇩 बांग्लादेश – 842 मिलियन Swiss Franc (43% की वृद्धि)
इससे साफ है कि भारत Swiss Banking सिस्टम में सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में शामिल नहीं है।
निष्कर्ष
Swiss Bank Deposits के नए आंकड़े यह जरूर दिखाते हैं कि भारतीय ग्राहकों से जुड़े कुल फंड में गिरावट आई है, लेकिन इसे सीधे Black Money से जोड़ना सही नहीं होगा। आज Switzerland और भारत के बीच Tax Information Exchange की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ी है। इसलिए Swiss Bank में मौजूद हर भारतीय फंड को अवैध या काले धन के रूप में देखना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।
FAQs
Q1. Swiss Bank में भारतीयों का पैसा क्यों घटा?
मुख्य वजह बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से रखे गए फंड में कमी है। कुल Indian-linked Funds 8% घटे हैं।
Q2. Swiss Bank के आंकड़े क्या बताते हैं?
आंकड़े बताते हैं कि कुल भारतीय फंड कम हुए हैं, लेकिन सीधे ग्राहक खातों में जमा राशि 50% से अधिक बढ़ी है।
Q3. क्या इसका संबंध Black Money से है?
नहीं। Swiss National Bank स्पष्ट कर चुका है कि ये आंकड़े Black Money का अनुमान नहीं हैं।
Q4. भारत और Switzerland के बीच सूचना साझाकरण कैसे होता है?
दोनों देश Automatic Exchange of Information (AEOI) के तहत हर साल वित्तीय खातों की जानकारी साझा करते हैं।
Q5. Swiss Bank Deposit Report क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रिपोर्ट भारतीय ग्राहकों से जुड़े Swiss Banking आंकड़ों, Financial Transparency और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गतिविधियों की स्थिति समझने में मदद करती है

