Lalu Yadav Security: लालू-राबड़ी को फिर मिली Z कैटेगरी सुरक्षा, जानिए क्यों बदला बिहार सरकार का फैसला और क्या होता है यह सिक्योरिटी कवर?

Lalu Yadav Security

Lalu Yadav Security: बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की Z कैटेगरी सुरक्षा एक बार फिर बहाल कर दी है। इसके साथ ही दोनों को दोबारा बुलेटप्रूफ वाहन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में बिहार सरकार ने शुक्रवार शाम आधिकारिक अधिसूचना जारी की।

करीब एक महीने पहले राज्य सरकार ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद दोनों नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया था। उस फैसले के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था। अब सरकार ने अपना फैसला बदलते हुए पहले जैसी सुरक्षा व्यवस्था फिर से लागू कर दी है।

 

सुरक्षा में बदलाव के बाद क्यों बढ़ा विवाद

बिहार सरकार ने हाल ही में राज्य के वीवीआईपी नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस समीक्षा के दौरान लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी घटा दी गई थी। पहले उन्हें Z कैटेगरी सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन समीक्षा के बाद उन्हें बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीमित सुरक्षा दी गई।

नई व्यवस्था में एस्कॉर्ट वाहन, बुलेटप्रूफ कार और करीब 8 से 16 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का प्रावधान था। इसी दौरान लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की Y कैटेगरी सुरक्षा भी वापस ले ली गई थी।

राजद ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के प्रमुख नेताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।

लालू परिवार ने लौटा दी थी सरकारी सुरक्षा

सुरक्षा श्रेणी घटाए जाने के विरोध में लालू यादव और राबड़ी देवी ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई नई सुरक्षा व्यवस्था स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया था। इसके बाद सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपने सुरक्षा कर्मियों को लौटा दिया था। इस कदम को राजद ने सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध के रूप में पेश किया।

 

आवास विवाद के बीच बढ़ी थी सियासत

सुरक्षा विवाद ऐसे समय सामने आया था, जब राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस भी दिया गया था।

सरकार ने पहले 29 मई को बंगला खाली करने का आदेश जारी किया था। बाद में दोबारा नोटिस जारी कर 15 दिन का अंतिम समय दिया गया। हालांकि, इस बीच लालू यादव और राबड़ी देवी अपने कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में शिफ्ट हो गए, जबकि तेजस्वी यादव पहले ही 1 पोलो रोड स्थित नए आवास में रहने लगे थे। इसी दौरान सुरक्षा में कटौती और सरकारी आवास विवाद दोनों मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।

 

अब क्या बदला है

ताजा फैसले में बिहार सरकार ने लालू यादव और राबड़ी देवी को फिर से Z कैटेगरी सुरक्षा बहाल कर दी है। इसके तहत दोनों को पहले की तरह बुलेटप्रूफ वाहन और उच्च स्तरीय सुरक्षा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने की पुष्टि की है।

 

VIP Security Cover कैसे तय किया जाता है?

लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में बदलाव के बाद एक सवाल उठ रहा है कि आखिर नेताओं और वीआईपी लोगों की सुरक्षा श्रेणी तय कैसे होती है। भारत में इसे आमतौर पर VIP Security Cover कहा जाता है, जो उन लोगों को दिया जाता है जिनके पद, राजनीतिक महत्व या सुरक्षा जोखिम को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत मानी जाती है।

देश में सुरक्षा कवर की छह प्रमुख श्रेणियां होती हैं – X, Y, Y+, Z, Z+ और SPG। इनमें SPG सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री और उनके निकट परिवार के लिए होती है, जबकि अन्य श्रेणियां केंद्र या राज्य सरकार की सुरक्षा समीक्षा के आधार पर दी जाती हैं।

किसी व्यक्ति को कितनी सुरक्षा मिलेगी, इसका फैसला सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है। केंद्र स्तर पर गृह मंत्रालय (MHA) को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) जैसी एजेंसियों से इनपुट मिलते हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर खतरे का आकलन किया जाता है और फिर सुरक्षा श्रेणी तय की जाती है। हालांकि इन सुरक्षा आकलनों को सार्वजनिक नहीं किया जाता।

सुरक्षा कवर केवल बॉडीगार्ड तक सीमित नहीं होता। इसमें आवास की सुरक्षा, यात्रा के दौरान एस्कॉर्ट, कार्यालय सुरक्षा और दूसरे राज्यों में यात्रा के समय सुरक्षा व्यवस्था भी शामिल हो सकती है। सुरक्षा श्रेणी के अनुसार सुरक्षाकर्मियों की संख्या बदलती रहती है। उदाहरण के लिए X श्रेणी में आमतौर पर एक सुरक्षाकर्मी होता है, जबकि Z+ श्रेणी में कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा, एस्कॉर्ट वाहन और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाते हैं।

VIP सुरक्षा व्यवस्था में राज्य पुलिस के अलावा केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी भूमिका होती है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल जरूरत के अनुसार सुरक्षा प्रदान करते हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने NSG को VIP ड्यूटी से धीरे-धीरे कम करने की नीति अपनाई है ताकि वह अपने मूल आतंकवाद-रोधी कार्यों पर अधिक ध्यान दे सके।

सुरक्षा कवर को लेकर समय-समय पर विवाद भी होते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि कई बार सुरक्षा वास्तविक खतरे की बजाय राजनीतिक या प्रतिष्ठा के आधार पर भी दी जाती है। वहीं सरकार का कहना है कि सुरक्षा श्रेणी पूरी तरह सुरक्षा एजेंसियों के आकलन और खतरे की समीक्षा पर आधारित होती है।

यही वजह है कि बिहार में राज्य सुरक्षा समिति की समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अन्य नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सरकार का दावा है कि यह फैसला सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर लिया गया है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक नजरिए से देख रहा है।

 

Z कैटेगरी सुरक्षा में क्या-क्या मिलता है

Z कैटेगरी देश की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा श्रेणियों में से एक मानी जाती है। इस सुरक्षा व्यवस्था में आमतौर पर करीब 22 प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाते हैं। इनमें 24 घंटे सुरक्षा देने वाले दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) शामिल रहते हैं। इसके अलावा घर की सुरक्षा के लिए हथियारबंद जवान तैनात रहते हैं।

यात्रा के दौरान 3 से 5 वाहनों का काफिला चलता है, जिसमें एक बुलेटप्रूफ वाहन भी शामिल होता है।

 

Y+ सुरक्षा Z से कैसे अलग होती है

Y+ सुरक्षा, Z कैटेगरी से एक स्तर नीचे मानी जाती है। इसमें सामान्यतः करीब 11 सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। सुरक्षा दल में तीन या उससे अधिक PSO, एक या दो कमांडो तथा प्रशिक्षित पुलिसकर्मी शामिल होते हैं। यात्रा के दौरान सीमित संख्या में सुरक्षा वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं।

यही कारण है कि Z कैटेगरी सुरक्षा, Y+ की तुलना में कहीं अधिक व्यापक और मजबूत मानी जाती है।

 

सुरक्षा व्यवस्था का फैसला कैसे लिया जाता है

किसी भी व्यक्ति को कौन-सी सुरक्षा मिलेगी, इसका फैसला केवल राजनीतिक आधार पर नहीं किया जाता। इसके लिए संबंधित एजेंसियां लगातार सुरक्षा इनपुट, खुफिया रिपोर्ट और संभावित खतरे का आकलन करती हैं।

इसी समीक्षा के आधार पर समय-समय पर किसी व्यक्ति की सुरक्षा बढ़ाई, घटाई या वापस बहाल की जा सकती है। लालू यादव और राबड़ी देवी के मामले में भी हालिया समीक्षा के बाद सरकार ने Z कैटेगरी सुरक्षा दोबारा लागू करने का फैसला लिया है।

 

FAQ

1.लालू यादव और राबड़ी देवी को कौन-सी सुरक्षा मिली है?
दोनों नेताओं को बिहार सरकार ने दोबारा Z कैटेगरी सुरक्षा बहाल की है। इसके साथ उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

 

2. Z कैटेगरी सुरक्षा में कितने सुरक्षाकर्मी होते हैं?
आमतौर पर Z कैटेगरी में करीब 22 प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी, दो PSO, हथियारबंद गार्ड और बुलेटप्रूफ वाहन सहित सुरक्षा काफिला शामिल होता है।

 

3. सुरक्षा पहले क्यों घटाई गई थी?
बिहार सरकार ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया था। इस फैसले का राजद ने विरोध किया था।

 

4. लालू परिवार ने सरकारी सुरक्षा क्यों लौटाई थी?
सुरक्षा श्रेणी घटाए जाने के विरोध में लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजस्वी यादव ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था स्वीकार नहीं की थी।

 

5. भारत में वीवीआईपी सुरक्षा कैसे तय होती है?
किसी भी व्यक्ति को मिलने वाली सुरक्षा उसकी Threat Perception यानी संभावित सुरक्षा खतरे के आकलन के आधार पर तय की जाती है। सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के बाद समय-समय पर इसमें बदलाव भी किया जा सकता है।