National ID Card India Nepal Travel: भारत और नेपाल के बीच दशकों से बिना वीजा (Visa-Free) यात्रा की व्यवस्था लागू है, लेकिन अब इस व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नेपाल सरकार ने भारत से औपचारिक अनुरोध किया है कि उसके बायोमेट्रिक नेशनल आइडेंटिटी कार्ड (National Identity Card-NID) को भी सीमा पार यात्रा के लिए आधिकारिक दस्तावेज के रूप में मान्यता दी जाए। यदि भारत इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो नेपाली नागरिक पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाणपत्र (Citizenship Certificate) के साथ-साथ केवल राष्ट्रीय पहचान पत्र के आधार पर भी भारत आ-जा सकेंगे। फिलहाल नई दिल्ली इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है और अंतिम निर्णय का इंतजार है।

नेपाल ने भारत के सामने क्या प्रस्ताव रखा है?
नेपाल के आव्रजन विभाग (Department of Immigration-DoI) ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजा है। इसमें अनुरोध किया गया है कि नेपाल के National Identity Card को भारत-नेपाल सीमा पार यात्रा के लिए तीसरे वैध यात्रा दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए।
नेपाल के आव्रजन विभाग के महानिदेशक रामचन्द्र तिवारी के अनुसार यह प्रस्ताव पहले ही भारत को भेजा जा चुका है और अब नेपाल भारतीय सरकार की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। हाल ही में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने भी इस विषय पर नेपाल के अधिकारियों से चर्चा की और प्रस्ताव को नई दिल्ली भेजे जाने की पुष्टि की। नेपाली अधिकारियों का कहना है कि बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन अंतिम फैसला भारत सरकार को लेना है।
अभी भारत-नेपाल यात्रा के क्या नियम हैं?
दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के यहां जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती। हालांकि यात्रा के लिए कुछ निर्धारित पहचान दस्तावेज अनिवार्य हैं।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार नेपाली नागरिकों को भारत आने के लिए पासपोर्ट या मूल नागरिकता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है, विशेषकर हवाई यात्रा के दौरान। दूसरी ओर भारतीय नागरिकों को नेपाल जाने के लिए वैध भारतीय पासपोर्ट या चुनाव आयोग द्वारा जारी मूल फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र (Voter ID Card) दिखाना होता है। आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज हवाई यात्रा के लिए स्वीकार नहीं किए जाते।
नेपाल इस बदलाव को क्यों जरूरी मान रहा है?
नेपाल सरकार पिछले कुछ वर्षों से National Identity Card को देश का मुख्य पहचान दस्तावेज बनाने की दिशा में काम कर रही है। बैंक खाता खोलने, भूमि पंजीकरण, पासपोर्ट बनवाने और कई सरकारी सेवाओं के लिए यह कार्ड धीरे-धीरे अनिवार्य किया जा रहा है। सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य नागरिकता प्रमाणपत्र की जगह इसी एक डिजिटल पहचान प्रणाली को लागू करना है।
नेपाल का मानना है कि यदि भारत भी इस कार्ड को स्वीकार कर लेता है तो लोगों को अलग-अलग दस्तावेज रखने की आवश्यकता कम होगी और सीमा पार यात्रा अधिक आसान हो जाएगी।
National Identity Card में क्या खास है?
नेपाल का National Identity Card एक बायोमेट्रिक पहचान पत्र है। इसमें व्यक्ति के फिंगरप्रिंट, चेहरे की डिजिटल तस्वीर और आईरिस (आंख की पुतली) का बायोमेट्रिक डेटा दर्ज होता है। अधिकारियों का कहना है कि यह पारंपरिक नागरिकता प्रमाणपत्र की तुलना में अधिक सुरक्षित, सत्यापित और तकनीक आधारित पहचान प्रणाली है।
नेपाल ने इस परियोजना की शुरुआत 2009 में पंचथर जिले और सरकारी कर्मचारियों के बीच पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। अब तक 45 लाख से अधिक नागरिकों को यह कार्ड जारी किया जा चुका है, जबकि लगभग दो करोड़ लोगों ने आवेदन किया है।
भारत और नेपाल सीमा प्रबंधन पर भी कर रहे हैं चर्चा
नेपाल के गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार दोनों देशों के बीच केवल पहचान पत्र को मान्यता देने का मुद्दा ही नहीं, बल्कि सीमा पार आने-जाने वाले लोगों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने पर भी बातचीत चल रही है।
भारत और नेपाल के बीच लगभग 1,850 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है, जहां दोनों देशों के नागरिक लंबे समय से बिना वीजा यात्रा करते हैं। ऐसे में यदि डिजिटल पहचान प्रणाली लागू होती है तो सीमा प्रबंधन, यात्रियों के रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में भी मदद मिल सकती है।
अगर भारत मंजूरी देता है तो क्या बदलेगा?
भारत की मंजूरी मिलने पर National Identity Card नेपाली नागरिकों के लिए तीसरा आधिकारिक यात्रा दस्तावेज बन जाएगा। तब वे पासपोर्ट या नागरिकता प्रमाणपत्र के अलावा केवल NID के आधार पर भी भारत की यात्रा कर सकेंगे।
इससे उन लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी जिनके पास तत्काल पासपोर्ट उपलब्ध नहीं है या जो पहले से National Identity Card का उपयोग अन्य सरकारी सेवाओं में कर रहे हैं। नेपाली अधिकारियों का मानना है कि इससे भूमि और हवाई दोनों मार्गों से यात्रा अधिक सरल हो जाएगी।
भारत की ओर से अब तक क्या प्रतिक्रिया आई है?
अब तक भारत सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है और न ही इसे खारिज किया है। नेपाल के अनुसार प्रस्ताव औपचारिक रूप से नई दिल्ली भेजा जा चुका है और भारतीय पक्ष इस पर विचार कर रहा है। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने नेपाल के साथ बातचीत में सकारात्मक रुख जरूर दिखाया है, लेकिन अंतिम निर्णय भारत सरकार के स्तर पर लिया जाएगा।
FAQs
1. नेपाल ने भारत से राष्ट्रीय पहचान पत्र के जरिए यात्रा की अनुमति क्यों मांगी है?
नेपाल चाहता है कि उसका बायोमेट्रिक National Identity Card भी पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाणपत्र की तरह भारत यात्रा के लिए वैध दस्तावेज माना जाए, ताकि सीमा पार यात्रा आसान हो सके।
2. वर्तमान में भारत-नेपाल सीमा पार करने के क्या नियम हैं?
नेपाली नागरिकों को भारत आने के लिए पासपोर्ट या नागरिकता प्रमाणपत्र और भारतीय नागरिकों को नेपाल जाने के लिए पासपोर्ट या मूल फोटोयुक्त Voter ID दिखानी होती है।
3. क्या पासपोर्ट के बिना भारत-नेपाल यात्रा संभव है?
हां। वर्तमान नियमों के तहत नेपाली नागरिक नागरिकता प्रमाणपत्र और भारतीय नागरिक मूल फोटोयुक्त Voter ID के आधार पर भी यात्रा कर सकते हैं। यदि भारत प्रस्ताव स्वीकार करता है तो नेपाली नागरिक National Identity Card का भी उपयोग कर सकेंगे।
4. राष्ट्रीय पहचान पत्र से यात्रा की व्यवस्था कैसे काम करेगी?
भारत की मंजूरी मिलने पर नेपाल का बायोमेट्रिक National Identity Card पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाणपत्र के साथ तीसरे वैध यात्रा दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
5. भारत सरकार की इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया है?
भारत सरकार ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। नेपाल के अनुसार प्रस्ताव नई दिल्ली भेजा जा चुका है और भारतीय पक्ष इस पर विचार कर रहा है।

