Kejriwal Criminal Contempt Case: दिल्ली हाईकोर्ट की AAP नेताओं को 4 हफ्ते की मोहलत – जानिए क्या है केजरीवाल के खिलाफ क्रिमिनल कंटेंप्ट का मामला? 

Kejriwal Criminal Contempt Case

Kejriwal Criminal Contempt Case : दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) के अन्य नेताओं को क्रिमिनल कंटेंप्ट मामले में जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। यह मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। कोर्ट ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह अवमानना कार्यवाही का आधार बनी सामग्री केजरीवाल समेत सभी नेताओं को उपलब्ध कराए। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

इस मामले में अरविंद केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, विनय मिश्रा और दुर्गेश पाठक को भी पक्ष बनाया गया है।

कोर्ट ने चार सप्ताह का समय क्यों दिया?

जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की पीठ ने यह आदेश तब दिया, जब केजरीवाल के वकील विक्रम चौधरी और अन्य नेताओं के वकीलों ने कहा कि उन्हें अभी तक वह सामग्री नहीं मिली है, जिसके आधार पर अवमानना कार्यवाही शुरू की गई है।

इसके बाद कोर्ट ने रजिस्ट्री को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया और जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया।

 

मामला किस विवाद से जुड़ा है?

यह विवाद दिल्ली आबकारी नीति (Excise Policy) मामले की सुनवाई के दौरान शुरू हुआ। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल और अन्य आरोपियों को इस मामले में डिस्चार्ज कर दिया था। इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।

9 मार्च को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें CBI अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़ी कार्यवाही को भी टाल दिया गया।

 

केजरीवाल ने जज बदलने की मांग की थी

इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने मामले को जस्टिस शर्मा की पीठ से दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की थी। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने 13 मार्च को इस मांग को खारिज कर दिया।

5 अप्रैल को केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं ने जस्टिस शर्मा से मामले की सुनवाई से अलग होने यानी Recusal (हटने) की मांग की। जस्टिस शर्मा ने 20 अप्रैल को इस मांग को भी खारिज कर दिया।

 

जस्टिस शर्मा ने क्यों शुरू की अवमानना कार्यवाही?

14 मई को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोशल मीडिया पर कथित अपमानजनक, मानहानिकारक और न्यायालय की गरिमा को प्रभावित करने वाली पोस्ट को लेकर आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) की कार्यवाही शुरू की।

इसके बाद जस्टिस शर्मा ने खुद को आबकारी नीति मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। उन्होंने कहा कि जिस न्यायाधीश ने अपने खिलाफ कथित अपमानजनक सामग्री को लेकर अवमानना कार्यवाही शुरू की है, वह उसी मामले की आगे सुनवाई नहीं कर सकता।

 

आपराधिक अवमानना क्या होती है?

आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) ऐसी कार्रवाई है, जिसमें किसी बयान या कृत्य से अदालत की गरिमा को नुकसान पहुंचने, न्याय प्रक्रिया में बाधा आने या अदालत के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश का आरोप होता है।

यह कार्रवाई Contempt of Courts Act, 1971 के तहत की जाती है।

 

इस मामले में AAP नेताओं पर क्या आरोप हैं?

अवमानना कार्यवाही में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को निशाना बनाया गया और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

इस मामले में केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, विनय मिश्रा और दुर्गेश पाठक भी पक्षकार हैं।

वहीं, AAP नेताओं की ओर से अभी जवाब दाखिल किया जाना बाकी है। कोर्ट आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगा।

 

एक और याचिका में अवमानना कार्रवाई की मांग

अवमानना कार्यवाही शुरू होने के बाद वकील अशोक चैतन्य ने भी केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय और एक पत्रकार के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की।

याचिका में आरोप लगाया गया कि इन लोगों ने मिलकर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को निशाना बनाने का अभियान चलाया।

 

अगली सुनवाई कब होगी?

दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर के लिए तय की है। इससे पहले केजरीवाल और अन्य AAP नेताओं को अपना जवाब दाखिल करना होगा।

 

FAQs

1. अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला क्या है?

यह मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने इसी मामले में आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की है।

 

2. दिल्ली हाईकोर्ट ने चार सप्ताह का समय क्यों दिया?

केजरीवाल और अन्य नेताओं के वकीलों ने कहा था कि उन्हें अवमानना कार्यवाही का आधार बनी सामग्री नहीं मिली है। इसके बाद कोर्ट ने दस्तावेज उपलब्ध कराने और जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया।

 

3. इस मामले में कौन-कौन से AAP नेता शामिल हैं?

अरविंद केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, विनय मिश्रा और दुर्गेश पाठक शामिल हैं।

 

4. याचिका किसने दायर की है?

अवमानना कार्यवाही जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कथित सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर शुरू की। इसके अलावा वकील अशोक चैतन्य ने भी कुछ नेताओं के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की है।

 

5. अगली सुनवाई कब होगी?

मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

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