India LPG Production Amid Hormuz Crisis के बीच भारत सरकार ने घरेलू Cooking Gas की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सरकारी और निजी रिफाइनरियों तथा कच्चे तेल की कंपनियों को LPG उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 63,810 टन प्रतिदिन तक पहुंचाना है, ताकि Strait of Hormuz में जारी संकट के बीच आयात पर निर्भरता का दबाव कम किया जा सके।
सरकार के 13 अगस्त के नोटिफिकेशन के मुताबिक, रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए सभी तकनीकी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य उपाय लागू करने होंगे। इसमें जरूरत पड़ने पर नाफ्था जैसे feedstock के वैकल्पिक इस्तेमाल से LPG बनाने की संभावनाएं तलाशना भी शामिल है।
Hormuz Crisis के बीच India LPG Production क्यों बढ़ा रहा है?
भारत अपनी LPG खपत का करीब दो–तिहाई हिस्सा आयात करता है। वहीं, देश के LPG आयात का लगभग 90% Strait of Hormuz से होकर आता है।
Iran युद्ध और Hormuz में जारी अनिश्चितता ने भारत के लिए Cooking Gas Supply को लेकर जोखिम बढ़ा दिया है। इसी वजह से सरकार अब घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर Supply Chain को मजबूत करना चाहती है।
युद्ध से पहले भारतीय रिफाइनरियां करीब 36,000 टन LPG प्रतिदिन का उत्पादन कर रही थीं। अब यह उत्पादन बढ़कर करीब 54,000 टन प्रतिदिन तक पहुंच चुका है।
सरकार अब इसे और बढ़ाकर 63,810 टन प्रतिदिन के स्तर तक ले जाना चाहती है।

रिफाइनरियों को मिला बड़ा Production Target
सरकार ने अलग–अलग रिफाइनरियों के लिए उत्पादन के ऊपरी लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं। इनमें Reliance Industries की घरेलू बाजार पर केंद्रित इकाई को सबसे बड़ा लक्ष्य दिया गया है।
इसके अलावा सरकारी कंपनियों को भी घरेलू LPG Production बढ़ाने में योगदान देने को कहा गया है।
Oil and Natural Gas Corporation यानी ONGC, Oil India और गैस पाइपलाइन कंपनी GAIL India को भी राष्ट्रीय उत्पादन लक्ष्य में योगदान देना होगा। इन कंपनियों से मिलकर कुल लक्ष्य का करीब 10% योगदान देने की उम्मीद है।
सरकार ने कंपनियों को सिर्फ उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रखा है। उन्हें LPG के storage, evacuation और transportation infrastructure को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनियों को तय समयसीमा में काम करना होगा और सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में इन उत्पादन लक्ष्यों की समीक्षा करेगी।
भारत LPG के लिए Imports पर इतना निर्भर क्यों है?
भारत में LPG की मांग पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ी है। घरेलू Cooking Gas की जरूरत पूरी करने के लिए देश लंबे समय से आयात पर काफी निर्भर रहा है।
इसका एक कारण यह भी है कि रिफाइनरियों के लिए LPG का उत्पादन पेट्रोल और कुछ petrochemical feedstocks की तुलना में कम आकर्षक रहा है। इसलिए भारत ने घरेलू उत्पादन के साथ–साथ आयात पर भी निर्भरता बनाए रखी।
लेकिन Hormuz Crisis ने इस मॉडल की कमजोरी को उजागर कर दिया है।
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy routes में से एक है। यहां किसी भी लंबे समय तक disruption का असर भारत जैसे बड़े LPG importer पर पड़ सकता है।
इसी वजह से India LPG Production 2026 में घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
LPG Supply को लेकर सरकार की रणनीति क्या है?
सरकार की मौजूदा रणनीति को तीन हिस्सों में समझा जा सकता है–
पहला-Domestic Production बढ़ाना:
रिफाइनरियों को अपनी मौजूदा क्षमता से अधिक LPG उत्पादन करने के लिए तकनीकी और आर्थिक विकल्प तलाशने को कहा गया है।
दूसरा-Infrastructure मजबूत करना:
LPG storage, transportation और evacuation infrastructure का विस्तार किया जाएगा, ताकि ज्यादा उत्पादन को तेजी से बाजार तक पहुंचाया जा सके।
तीसरा-Import Risk कम करना:
Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर निर्भरता से पैदा होने वाले जोखिम को कम करने के लिए घरेलू Supply को मजबूत किया जा रहा है।
भारत ने Hormuz Crisis के बीच LPG की जरूरत पूरी करने के लिए अमेरिका और अल्जीरिया जैसे नए suppliers से भी खरीद बढ़ाने की कोशिश की है।
क्या भारत में LPG Shortage का खतरा है?
उपलब्ध जानकारी से यह नहीं कहा जा सकता कि भारत में LPG की तत्काल nationwide shortage होने वाली है। सरकार का मौजूदा कदम मुख्य रूप से supply security और contingency planning को मजबूत करने के लिए है।
घरेलू रिफाइनरियों का उत्पादन पहले ही युद्ध–पूर्व स्तर से काफी बढ़ चुका है और सरकार अब इसे और बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, अगर Strait of Hormuz में लंबे समय तक व्यवधान रहता है, तो भारत के लिए LPG imports, shipping routes और supply costs पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ाना एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।
आगे क्या बदलेगा?
India LPG Production Amid Hormuz Crisis का सबसे बड़ा लक्ष्य यही है कि वैश्विक संकट के बीच भारत के घरों तक Cooking Gas की Supply बाधित न हो।
63,810 टन प्रतिदिन का लक्ष्य हासिल होने पर घरेलू उत्पादन मौजूदा स्तर की तुलना में काफी बढ़ जाएगा। इसके साथ storage और transportation infrastructure को मजबूत करने से भारत को LPG Supply Chain में अधिक लचीलापन मिल सकता है।
हालांकि, Hormuz संकट कब तक जारी रहता है और वैश्विक LPG बाजार पर उसका कितना असर पड़ता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा।
निष्कर्ष
India LPG Production Amid Hormuz Crisis के बीच सरकार ने घरेलू रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। लक्ष्य 63,810 टन प्रतिदिन तक पहुंचने का है। यह कदम तत्काल संकट से निपटने के साथ–साथ भारत की लंबे समय से चली आ रही LPG import dependence को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
FAQs
- Hormuz Crisis के बीच India LPG Production क्यों बढ़ा रहा है?
भारत अपनी LPG खपत का करीब दो–तिहाई हिस्सा आयात करता है और उसके LPG आयात का बड़ा हिस्सा Strait of Hormuz से आता है। संकट के बीच Supply Security मजबूत करने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। - India LPG Production Amid Hormuz Crisis का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि Hormuz में जारी अनिश्चितता के बीच भारत घरेलू रिफाइनरियों से ज्यादा LPG उत्पादन करवाकर आयात पर निर्भरता और Supply disruption के जोखिम को कम करना चाहता है। - भारत ने Local Refineries को LPG Production बढ़ाने के लिए क्यों कहा है?
सरकार ने घरेलू LPG Supply बढ़ाने और वैश्विक समुद्री मार्गों पर निर्भरता से पैदा होने वाले जोखिम को कम करने के लिए रिफाइनरियों को उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए हैं। - भारत LPG के लिए Imports पर कितना निर्भर है?
दी गई जानकारी के अनुसार भारत अपनी LPG खपत का करीब दो–तिहाई हिस्सा आयात करता है। - क्या Hormuz Crisis के कारण India में LPG Shortage हो सकती है?
मौजूदा जानकारी में nationwide LPG shortage की पुष्टि नहीं है। सरकार Supply को सुरक्षित रखने के लिए घरेलू उत्पादन और infrastructure क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

