Myanmar का बड़ा फैसला, China के इस Dam से डूब सकता है Singapore जितना इलाका! 

Myanmar Dam

म्यांमार में Myanmar China Backed Dam Project को 14 साल बाद फिर से शुरू करने की तैयारी ने पर्यावरण, विस्थापन और चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। काचिन राज्य में प्रस्तावित Myitsone Dam से बनने वाला जलाशय लगभग Singapore के बराबर क्षेत्र में फैल सकता है। करीब 6 GW बिजली पैदा करने वाली इस परियोजना को 2011 में बड़े जनविरोध के बाद रोक दिया गया था। अब सैन्य प्रमुख और राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की सरकार इसे अगले आठ वर्षों में पूरा करने की योजना पर आगे बढ़ रही है।

Myitsone Dam Project क्या है और 14 साल बाद क्यों लौटा?

Myitsone Dam म्यांमार के Kachin State में Mali और Nmai नदियों के संगम पर प्रस्तावित एक विशाल hydropower project है। यही दोनों नदियां आगे चलकर Irrawaddy River का मुख्य स्रोत बनती हैं। इस परियोजना पर 2009 में करीब 3.6 अरब डॉलर की अनुमानित लागत के साथ सहमति बनी थी। लेकिन 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति Thein Sein ने बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद निर्माण रोक दिया था। अब म्यांमार की सैन्य सरकार इसे फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना पर अधिकारियों के बीच निजी स्तर पर चर्चा हुई है और Kachin State के मुख्यमंत्री Khet Htein Nan ने भी परियोजना को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।

Image: Reuters

Myanmar China Backed Dam Project को लेकर फिर क्यों बढ़ा विवाद?

Myanmar China Backed Dam Project को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इससे म्यांमार को कितना फायदा मिलेगा और इसकी कीमत स्थानीय लोगों तथा पर्यावरण को कितनी चुकानी पड़ेगी। प्रस्तावित बांध करीब 152 मीटर ऊंचा होगा और इससे लगभग 6 GW बिजली पैदा करने की क्षमता होगी। म्यांमार की मौजूदा बिजली मांग करीब 10 GW है। यानी पूरी क्षमता पर यह बांध देश की वर्तमान बिजली मांग के आधे से ज्यादा के बराबर बिजली पैदा कर सकता है। लेकिन परियोजना के आलोचकों का कहना है कि इसका लाभ आम म्यांमार नागरिकों तक पहुंचेगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मूल समझौते के तहत बांध से पैदा होने वाली करीब 90 प्रतिशत बिजली चीन के दक्षिणी पावर ग्रिड को निर्यात की जानी थी। यही व्यवस्था पहले भी म्यांमार में काफी अलोकप्रिय रही थी, क्योंकि देश के कई हिस्से नियमित बिजली कटौती का सामना करते हैं।

Singapore जितना इलाका डूबने का खतरा, क्यों चिंतित हैं लोग?

Myitsone Dam से बनने वाला जलाशय बेहद बड़े क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण Singapore के लगभग बराबर क्षेत्र में पानी भरने की आशंका जताई जा रही है। इसका असर सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहेगा। स्थानीय पर्यावरण समूहों और जातीय समुदायों को डर है कि जलाशय बनने से-

  • बड़े पैमाने पर प्राकृतिक आवास नष्ट हो सकते हैं।
  • Irrawaddy River के प्राकृतिक प्रवाह में बदलाव आ सकता है।
  • स्थानीय समुदायों को विस्थापित होना पड़ सकता है।
  • खेती और आजीविका प्रभावित हो सकती है।
  • नदी पर निर्भर समुदायों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।

कई स्थानीय परिवारों की आजीविका नदी और आसपास की जमीन पर निर्भर है। इसलिए Myitsone Dam Environmental Impact को लेकर विरोध सिर्फ पर्यावरणीय नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक भी है।

 

China की भूमिका और बढ़ती लागत ने बढ़ाई चिंता

इस China Backed Myitsone Dam परियोजना को चीन लंबे समय से समर्थन देता रहा है। म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की चीन यात्रा के बाद परियोजना को फिर से शुरू करने की चर्चा तेज हुई। सरकार का कहना है कि परियोजना से देश की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और आर्थिक विकास को मदद मिलेगी। लेकिन परियोजना की लागत भी एक बड़ा सवाल बन चुकी है। मूल लागत करीब 3.6 अरब डॉलर आंकी गई थी। लेकिन एक दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद निर्माण लागत काफी बढ़ सकती है। International Renewable Energy Agency के एशियाई देशों के औसत हाइड्रोपावर निर्माण खर्च के आधार पर 6 GW की परियोजना की लागत करीब 11.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। यानी संभावित लागत शुरुआती अनुमान की तुलना में तीन गुने से ज्यादा हो सकती है।

 

भूकंप के खतरे के बीच कितना सुरक्षित है Myitsone Dam?

परियोजना की लोकेशन ने सुरक्षा संबंधी सवाल भी खड़े कर दिए हैं। प्रस्तावित बांध Myitkyina से करीब 37 किलोमीटर ऊपर की ओर बनाया जाना है और यह क्षेत्र सक्रिय भूगर्भीय संरचनाओं के करीब है। मार्च में म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने इन चिंताओं को और गंभीर बना दिया। उस भूकंप में हजारों लोगों की मौत हुई थी। आलोचकों को आशंका है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में इतने बड़े बांध और जलाशय को नुकसान होने पर नीचे की ओर रहने वाले समुदायों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। वहीं, Kachin State के अधिकारियों के मुताबिक चीन ने परियोजना में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों के इस्तेमाल का भरोसा दिया है ताकि भूकंपीय और भूगर्भीय जोखिमों से निपटा जा सके।

 

2011 में क्यों रोकना पड़ा था Myitsone Dam?

Myitsone Dam Suspended 2011 की कहानी म्यांमार में इस परियोजना को लेकर जनभावनाओं को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति Thein Sein ने बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद परियोजना को रोक दिया था। प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरणीय नुकसान, संभावित विस्थापन और चीन को होने वाले बिजली निर्यात को लेकर सवाल उठाए थे। अब सैन्य प्रशासन परियोजना के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। Kachin State में स्थानीय लोगों को परियोजना की जानकारी देने और उनकी चिंताओं को समझने के लिए कई बैठकें आयोजित की गई हैं। हालांकि, Myitsone Dam Controversy अभी खत्म नहीं हुई है। 5 मई को 49 नागरिक समाज संगठनों ने संयुक्त बयान जारी कर परियोजना को स्थायी रूप से रद्द करने की मांग की थी। उनका आरोप है कि परियोजना से आम लोगों को पर्याप्त फायदा नहीं मिलेगा, जबकि घरों, संपत्ति और आजीविका को भारी नुकसान हो सकता है।

 

Myanmar China Backed Dam Project पर आगे क्या?

म्यांमार सरकार के सामने अब एक कठिन संतुलन है एक तरफ देश में बिजली की भारी जरूरत और कमजोर ऊर्जा व्यवस्था है, तो दूसरी तरफ Myitsone Dam से जुड़े पर्यावरणीय, सामाजिक और भूकंपीय जोखिम हैं। अगर परियोजना दोबारा शुरू होती है तो सबसे अहम सवाल यह होगा कि बिजली का कितना हिस्सा म्यांमार को मिलेगा, स्थानीय लोगों के पुनर्वास की क्या व्यवस्था होगी और पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए कौन-से सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।

 

निष्कर्ष

Myanmar China Backed Dam Project का दोबारा शुरू होना केवल बिजली उत्पादन से जुड़ा फैसला नहीं है। इसके साथ म्यांमार की ऊर्जा जरूरतें, चीन के साथ उसके संबंध, स्थानीय समुदायों का विस्थापन, Irrawaddy River का पर्यावरण और भूकंपीय सुरक्षा जैसे कई बड़े सवाल जुड़े हैं। 14 साल पहले जिस Myitsone Dam को जनता के भारी विरोध के बाद रोक दिया गया था, उसका संभावित पुनरारंभ आने वाले समय में म्यांमार की राजनीति और पर्यावरण नीति दोनों के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।

 

FAQs

  1. Myanmar China Backed Dam Project कौन सा है?
    यह काचिन राज्य में प्रस्तावित Myitsone Hydropower Project है, जिसे चीन का समर्थन प्राप्त है और जिसकी क्षमता करीब 6 GW बताई गई है।
  2. Myitsone Dam Project को 2011 में क्यों रोका गया था?
    2011 में पर्यावरणीय नुकसान, संभावित विस्थापन और परियोजना से चीन को होने वाले बिजली निर्यात को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध हुआ था। इसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति Thein Sein ने निर्माण रोक दिया था।
  3. Myitsone Dam Restart का कारण क्या बताया जा रहा है?
    सरकार देश की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए परियोजना को महत्वपूर्ण मान रही है। चीन का समर्थन भी इसके पुनरारंभ में अहम माना जा रहा है।
  4. क्या Myitsone Dam से Singapore के बराबर क्षेत्र डूब सकता है?
    प्रस्तावित जलाशय का क्षेत्र लगभग Singapore के आकार के बराबर बताया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव की चिंता है।
  5. Myitsone Dam से कितनी बिजली पैदा हो सकती है?
    परियोजना की प्रस्तावित क्षमता करीब 6 GW है। यह म्यांमार की मौजूदा करीब 10 GW बिजली मांग के आधे से अधिक के बराबर है।
  6. China Backed Myitsone Dam Project में चीन की क्या भूमिका है?
    चीन ने परियोजना को लंबे समय से समर्थन दिया है। मूल समझौते में बांध से पैदा होने वाली करीब 90 प्रतिशत बिजली चीन के दक्षिणी पावर ग्रिड को निर्यात करने की योजना थी।