चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने 1989 के Tiananmen लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई को कम्युनिस्ट पार्टी के उस फैसले के संदर्भ में पेश किया, जिसे उन्होंने सही ठहराया। सोमवार को Jiang Zemin की 100वीं जयंती के मौके पर दिए भाषण में Xi ने चीन की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए देशवासियों से “indomitable fighting spirit” यानी अडिग लड़ाकू भावना अपनाने का आह्वान किया।
Xi का यह बयान ऐसे समय आया है जब चीन में 1989 के Tiananmen Square crackdown की सार्वजनिक चर्चा और स्मरण पर लंबे समय से प्रतिबंध है। उनके भाषण में तत्कालीन घटनाओं को Jiang Zemin के राजनीतिक योगदान और कम्युनिस्ट पार्टी के फैसलों की सूची में शामिल किया गया।
Xi Jinping Tiananmen Crackdown पर क्या बोले?
करीब 40 मिनट के भाषण में Xi Jinping ने Jiang Zemin की विरासत को मौजूदा चीनी नेतृत्व की राजनीतिक और वैचारिक निरंतरता के रूप में पेश किया।
उन्होंने कहा कि चीन को बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए “indomitable fighting spirit” और असाधारण क्षमताओं के साथ आगे बढ़ना चाहिए। Xi ने राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की दृढ़ता से रक्षा करने की बात भी कही।
1989 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए Xi ने Jiang Zemin द्वारा उस समय कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय फैसलों का समर्थन किए जाने को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। उनके मुताबिक, Jiang ने Shanghai में स्थिरता बनाए रखने में प्रभावी भूमिका निभाई थी।
यानी Xi Jinping Tiananmen Crackdown को अपने भाषण में चीन की राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने वाले फैसले के संदर्भ में पेश करते नजर आए।

1989 में Tiananmen Square पर क्या हुआ था?
1989 में चीन में लोकतांत्रिक सुधारों और राजनीतिक स्वतंत्रता की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। Beijing का Tiananmen Square इन प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र बन गया था।
जून 1989 में चीनी सेना ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया। इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोग मारे गए, हालांकि मृतकों की सटीक संख्या को लेकर अलग–अलग अनुमान हैं।
चीन में आज भी इस घटना की सार्वजनिक स्मृति और जून में इसके आधिकारिक स्मरण पर प्रतिबंध है। Hong Kong और Macau में भी Tiananmen की सार्वजनिक commemorations पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
यही वजह है कि Xi Jinping द्वारा 1989 के घटनाक्रम को Jiang Zemin की विरासत और पार्टी के फैसले के संदर्भ में रखना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Xi ने क्यों जगाई ‘Fighting Spirit’ की बात?
Xi Jinping ने अपने भाषण में चीन की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि चीन को मुश्किल परिस्थितियों और बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
उनका Xi Jinping Fighting Spirit वाला संदेश ऐसे समय आया है जब चीन कई मोर्चों पर दबाव का सामना कर रहा है।
इनमें अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापारिक तनाव, Taiwan को लेकर बढ़ता तनाव, धीमी आर्थिक वृद्धि और जनसांख्यिकीय चुनौतियां शामिल हैं।
ऐसे में ‘fighting spirit’ का संदेश सिर्फ ऐतिहासिक संदर्भ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे चीन की मौजूदा रणनीतिक चुनौतियों के संदर्भ में भी देखा जा सकता है।
Jiang Zemin की 100वीं जयंती पर क्यों हुआ खास आयोजन?
Xi Jinping का यह भाषण पूर्व राष्ट्रपति Jiang Zemin की जन्मशती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में आया। Jiang Zemin ने 1993 से 2002 तक चीन का नेतृत्व किया था।
उनके कार्यकाल को तेज आर्थिक विकास, WTO में चीन के प्रवेश और अर्थव्यवस्था में बड़े बदलावों के दौर के रूप में देखा जाता है। उनके नेतृत्व में चीन ने घाटे में चल रही कई सरकारी कंपनियों में बदलाव किए और आवास व्यवस्था में भी बड़े सुधार किए।
हालांकि, Jiang की राजनीतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 1989 के बाद Shanghai में उनकी भूमिका से भी जुड़ा है। उस समय उन्होंने एक सुधारवादी अखबार पर कार्रवाई की थी, जिसने अधिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की मांग और लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों का समर्थन किया था।
China में Tiananmen की चर्चा आज भी क्यों संवेदनशील है?
Tiananmen Square Protests चीन के सबसे संवेदनशील राजनीतिक विषयों में शामिल हैं। सरकार ने लंबे समय से इस घटना की सार्वजनिक चर्चा और स्मरण को प्रतिबंधित किया हुआ है।
राज्य मीडिया ने Jiang Zemin की 100वीं जयंती से पहले उनकी जिंदगी और उपलब्धियों पर 12 हिस्सों की एक डॉक्यूमेंट्री श्रृंखला भी प्रसारित की। इसमें उनके राजनीतिक सफर और चीन के विकास में उनकी भूमिका पर जोर दिया गया।
ऐसे माहौल में Xi द्वारा 1989 के घटनाक्रम को Jiang की विरासत के हिस्से के रूप में प्रस्तुत करना चीन की मौजूदा राजनीतिक सोच की एक महत्वपूर्ण झलक देता है।
Xi Jinping के सामने आज कौन–सी बड़ी चुनौतियां हैं?
Jiang Zemin के दौर की उपलब्धियों को याद करते हुए Xi Jinping आज की चुनौतियों का भी सामना कर रहे हैं। चीन की अर्थव्यवस्था पर धीमी वृद्धि का दबाव है, जबकि अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापारिक रिश्तों में तनाव बना हुआ है।
इसके अलावा Taiwan का मुद्दा, बदलती वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं और चीन की घटती जनसंख्या भी Beijing के लिए बड़ी चुनौतियां हैं।
ऐसे समय में China Fighting Spirit Speech के जरिए Xi ने राष्ट्रीय एकजुटता, संप्रभुता और सुरक्षा पर जोर दिया है।
निष्कर्ष
Xi Jinping Tiananmen Crackdown को लेकर दिया गया संदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन के राष्ट्रपति ने 1989 के घटनाक्रम को Jiang Zemin की राजनीतिक विरासत और कम्युनिस्ट पार्टी के उस समय के फैसलों के संदर्भ में पेश किया। साथ ही उन्होंने चीन से ‘indomitable fighting spirit’ के साथ राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने का आह्वान किया।
Xi का यह संदेश चीन की मौजूदा चुनौतियों से भी जुड़ता है। व्यापारिक तनाव, Taiwan विवाद, आर्थिक सुस्ती और जनसांख्यिकीय बदलावों के बीच Beijing किस तरह अपनी राजनीतिक और रणनीतिक दिशा तय करता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा।
FAQs
- Xi Jinping Tiananmen Crackdown को लेकर क्या कहा गया?
Xi Jinping ने 1989 के घटनाक्रम को Jiang Zemin की राजनीतिक विरासत और उस समय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा लिए गए फैसलों के संदर्भ में पेश किया तथा चीन की स्थिरता और संप्रभुता की रक्षा पर जोर दिया। - 1989 में Tiananmen Square में क्या हुआ था?
1989 में Beijing के Tiananmen Square समेत कई जगहों पर लोकतंत्र और राजनीतिक सुधारों की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए थे। जून 1989 में चीनी सेना ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई। - Xi Jinping ने ‘Fighting Spirit’ की बात क्यों की?
Xi ने चीन की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा के लिए बड़ी चुनौतियों का सामना करने वाली अडिग भावना की जरूरत बताई। - Jiang Zemin की 100वीं जयंती क्यों मनाई गई?
Jiang Zemin का जन्म 1926 में हुआ था और उन्होंने 1993 से 2002 तक चीन का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में चीन की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव हुए और देश 2001 में WTO में शामिल हुआ। - क्या चीन में Tiananmen घटनाक्रम की सार्वजनिक चर्चा होती है?
चीन में 1989 के Tiananmen घटनाक्रम की सार्वजनिक चर्चा और स्मरण पर लंबे समय से प्रतिबंध है।
