Bitcoin 74,000 डॉलर पार : US-ईरान तनाव घटते ही क्यों उछला क्रिप्टो मार्केट?

दुनिया भर के निवेशकों की नजर इस समय एक बार फिर क्रिप्टो बाजार पर टिक गई है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में कमी आने की उम्मीद के बीच Bitcoin की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। बाजार में सकारात्मक माहौल बनते ही निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इसका सीधा असर सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin पर पड़ा।
हाल ही में Bitcoin की कीमत करीब 74,901 डॉलर तक पहुंच गई, जो पिछले चार हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि इसके बाद कीमत थोड़ी नरम पड़ी और यह लगभग 74,400 डॉलर के आसपास ट्रेड करती नजर आई। केवल Bitcoin ही नहीं, बल्कि अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भी तेजी देखी गई। Ether में करीब 5% की बढ़त दर्ज की गई और इसकी कीमत 2,370 डॉलर तक पहुंच गई।


क्यों आई अचानक तेजी?
इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी की उम्मीद है। खबरों के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान बातचीत के लिए आगे आया है। इससे बाजार में यह उम्मीद जगी कि दोनों देशों के बीच कोई समझौता हो सकता है।
हालांकि इसी बीच अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक घेराबंदी की घोषणा भी की है, लेकिन निवेशक इसे संभावित समाधान की दिशा में एक कदम के रूप में देख रहे हैं। यही वजह है कि एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी देखने को मिली।
जब वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद बनती है, तो निवेशक ज्यादा जोखिम लेने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसी वजह से Bitcoin जैसे ‘रिस्क एसेट’ में तेजी आती है।


हाल के महीनों में कैसा रहा Bitcoin का प्रदर्शन?
अगर पिछले कुछ महीनों पर नजर डालें, तो Bitcoin ने काफी उतार-चढ़ाव देखा है। अक्टूबर में अपने ऑल टाइम हाई 1,26,000 डॉलर तक पहुंचने के बाद इसकी कीमत में गिरावट आई थी। इसके बाद से यह करीब दो महीने तक एक सीमित दायरे में ही ट्रेड करता रहा।
लेकिन फरवरी के अंत से शुरू हुए अमेरिका-ईरान तनाव के बाद Bitcoin ने फिर से मजबूती दिखाई है। 27 फरवरी के बाद से इसमें 10% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है।
इसके मुकाबले सोने की कीमतों में लगभग 10% की गिरावट आई है, जबकि S&P 500 इंडेक्स में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। इससे साफ है कि इस दौर में Bitcoin ने पारंपरिक निवेश विकल्पों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

bitcoin crosses $74000

संस्थागत निवेशकों का भी बढ़ रहा भरोसा

इस तेजी के पीछे एक और बड़ा कारण है – बड़े निवेशकों की बढ़ती भागीदारी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bitcoin में ETF के जरिए 1 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश आया है।

इसके अलावा कुछ बड़ी कंपनियां भी लगातार Bitcoin खरीद रही हैं। उदाहरण के तौर पर, एक कॉरपोरेट कंपनी ने हाल ही में 14,000 Bitcoin खरीदे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़े खिलाड़ी इस समय बाजार को लेकर सकारात्मक नजरिया रख रहे हैं।

जब बड़े निवेशक बाजार में पैसा लगाते हैं, तो छोटे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है, जिससे कीमतों में और तेजी देखने को मिलती है।

 

आगे क्या संकेत दे रहा है बाजार?

विशेषज्ञों का मानना है कि Bitcoin फिलहाल एक महत्वपूर्ण स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है। 70,000 डॉलर के ऊपर बने रहना इसके लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।

अगर Bitcoin 74,000 से 75,000 डॉलर के स्तर को मजबूती से पार कर लेता है, तो यह आगे और तेजी का रास्ता खोल सकता है। इस स्थिति में कीमत 78,000 डॉलर तक भी जा सकती है।

हालांकि अगर यह स्तर पार नहीं कर पाता, तो कीमत में गिरावट भी देखने को मिल सकती है। ऐसे में यह फिर से 71,000 से 70,000 डॉलर के दायरे में आ सकता है।

 

क्या यह सही समय है निवेश का?

मौजूदा हालात को देखते हुए बाजार में सतर्क आशावाद (cautious optimism) बना हुआ है। यानी निवेशक पूरी तरह से जोखिम लेने के मूड में तो हैं, लेकिन वे अभी भी वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि Bitcoin में हर गिरावट पर तेजी से रिकवरी देखने को मिल रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि लंबे समय के निवेशक बाजार से बाहर नहीं निकल रहे, बल्कि गिरावट के दौरान खरीदारी कर रहे हैं।

 

निवेशकों के लिए क्या सीख?

इस समय Bitcoin का बाजार कई फैक्टर्स से प्रभावित हो रहा है – जैसे वैश्विक राजनीति, संस्थागत निवेश और तकनीकी स्तर। ऐसे में निवेश करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।

यह ध्यान रखना चाहिए कि क्रिप्टो बाजार काफी अस्थिर होता है और इसमें तेजी के साथ गिरावट भी आ सकती है। इसलिए बिना पूरी जानकारी और सलाह के निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

 

निष्कर्ष:

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी की उम्मीद ने Bitcoin बाजार में नई जान फूंक दी है। कीमतों में आई यह तेजी दिखाती है कि वैश्विक घटनाएं किस तरह निवेश के फैसलों को प्रभावित करती हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या Bitcoin 75,000 डॉलर के स्तर को पार कर पाएगा या फिर बाजार एक बार फिर गिरावट की ओर जाएगा।

 

Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी और समझ के उद्देश्य से लिखी गई है। इसमें दिए गए विचार और सुझाव अलग-अलग विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।