भारत में सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक नाम तेजी से चर्चा में है – “Cockroach Janta Party” यानी CJP। शुरुआत में इसे लोगों ने एक इंटरनेट मजाक समझा, लेकिन कुछ ही दिनों में यह ऑनलाइन विरोध का बड़ा चेहरा बन गया। बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगाई और सिस्टम से नाराज युवाओं ने इस आंदोलन को हाथों-हाथ लिया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर देश की सबसे चर्चित डिजिटल मुहिम बन गई।

सिर्फ छह दिनों के अंदर CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 1.34 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। यह संख्या कई बड़ी राजनीतिक पार्टियों से भी ज्यादा बताई जा रही है। तुलना करें तो Indian National Congress के इंस्टाग्राम पर करीब 1.33 करोड़, Bharatiya Janata Party के करीब 87 लाख और Aam Aadmi Party के लगभग 87 लाख फॉलोअर्स हैं।

आखिर कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
पूरा मामला 15 मई को सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने फर्जी डिग्री और सिस्टम में गलत तरीके से प्रवेश करने वाले लोगों को लेकर टिप्पणी की थी। इसी दौरान उन्होंने “parasites” और “cockroaches” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
कोर्ट की इस टिप्पणी के कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। कई युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे बेरोजगार युवाओं और सिस्टम की आलोचना करने वालों के खिलाफ बयान के रूप में देखा।
हालांकि बाद में CJI सूर्यकांत ने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका निशाना बेरोजगार युवा नहीं बल्कि फर्जी डिग्री लेकर सिस्टम में घुसने वाले लोग थे। लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर “कॉकरोच” शब्द एक नए विरोध के प्रतीक में बदल चुका था।
कैसे बनी Cockroach Janta Party?
इस वायरल विवाद के तुरंत बाद अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र Abhijeet Dipke ने “Cockroach Janta Party” नाम से एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक प्लेटफॉर्म शुरू किया।

अभिजीत बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की पढ़ाई कर रहे हैं। वे पहले 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वॉलंटियर के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सोशल मीडिया पर युवाओं का गुस्सा देखा, तो उन्हें लगा कि यह सिर्फ मजाक नहीं बल्कि एक बड़ी भावना है। इसके बाद उन्होंने CJP का लोगो, नारा, सोशल मीडिया कैंपेन और मजाकिया लेकिन राजनीतिक संदेशों वाला मैनिफेस्टो तैयार किया।
कुछ ही घंटों में “Main Bhi Cockroach” सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। इंस्टाग्राम, X और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म पर हजारों युवा खुद को “कॉकरोच” कहकर सिस्टम के खिलाफ नाराजगी जाहिर करने लगे।
पार्टी का नारा और अजीब लेकिन वायरल मैनिफेस्टो
Cockroach Janta Party का नारा है -“Secular, Socialist, Democratic, Lazy।”
पार्टी ने मजाकिया अंदाज में सदस्यता के लिए चार योग्यताएं भी बताईं –
- बेरोजगार होना
- आलसी होना
- हमेशा ऑनलाइन रहना
- प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालना
यही कारण है कि Gen Z और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच यह तेजी से वायरल हो गया।
CJP के 5 बड़े वादे
हालांकि पार्टी फिलहाल असली चुनावी पार्टी नहीं है, लेकिन इसने एक मैनिफेस्टो भी जारी किया है। इसमें कई विवादित और व्यंग्यात्मक वादे शामिल हैं।
पार्टी ने कहा है कि अगर वह सत्ता में आई तो रिटायरमेंट के बाद किसी भी मुख्य न्यायाधीश को राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा।
इसके अलावा दावा किया गया कि अगर किसी का वैध वोट हटाया गया तो चुनाव आयोग के अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
पार्टी ने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही है। साथ ही मीडिया की स्वतंत्रता और दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल तक रोक लगाने जैसे वादे भी किए गए।
हालांकि इनमें से कई बातें मजाक और व्यंग्य के रूप में देखी जा रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर इन्हें भारी समर्थन मिला।

क्यों युवाओं को पसंद आ रही CJP?
भारत में बेरोजगारी लंबे समय से बड़ा मुद्दा बनी हुई है। सरकारी नौकरियों में कम सीटें, भर्ती में देरी और बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों युवा पहले ही नाराज हैं।
ऐसे माहौल में “कॉकरोच” वाला शब्द कई युवाओं को इस बात का प्रतीक लगा कि सिस्टम उनकी परेशानियों को गंभीरता से नहीं समझता।
Reddit और दूसरे प्लेटफॉर्म पर कई यूजर्स ने लिखा कि यह आंदोलन सिर्फ मजाक नहीं बल्कि युवाओं के गुस्से की आवाज है। महंगाई, भ्रष्टाचार और राजनीतिक दूरी जैसे मुद्दों ने भी इस डिजिटल आंदोलन को मजबूत किया।
X अकाउंट हुआ ब्लॉक
CJP की लोकप्रियता बढ़ने के बीच उसका X अकाउंट भी चर्चा में आ गया। पार्टी के X अकाउंट पर करीब 1.93 लाख फॉलोअर्स हो चुके थे, लेकिन बाद में वह भारत में ब्लॉक कर दिया गया।

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि जैसा उन्हें डर था, वैसा ही हुआ। X की ओर से बताया गया कि अकाउंट को स्थानीय नियमों, कोर्ट आदेश या कानूनी शिकायत के आधार पर ब्लॉक किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। कई यूजर्स ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर देखा।
इंटरनेट से निकलकर सड़कों तक पहुंचा आंदोलन
हालांकि CJP अभी पूरी तरह इंटरनेट आधारित आंदोलन है, लेकिन इसके समर्थकों ने कुछ जगहों पर जमीन पर भी एक्टिविटी शुरू कर दी है।
दिल्ली में कुछ युवा कॉकरोच की पोशाक पहनकर यमुना किनारे सफाई अभियान करते नजर आए। उनका कहना था कि आंदोलन का मकसद केवल मजाक करना नहीं बल्कि राजनीतिक जागरूकता फैलाना भी है।
समर्थकों का कहना है कि अगर सिस्टम युवाओं की समस्याएं नहीं सुनेगा, तो इंटरनेट के जरिए ही नई तरह की राजनीति सामने आएगी।
क्या CJP सच में राजनीतिक पार्टी बन सकती है?
फिलहाल Cockroach Janta Party चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड पार्टी नहीं है। किसी भी राजनीतिक दल को आधिकारिक मान्यता पाने के लिए संगठन, राज्य स्तर की इकाइयां, वित्तीय जानकारी और कई कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
इस समय CJP पूरी तरह सोशल मीडिया और इंटरनेट पर आधारित आंदोलन है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन लोकप्रियता को लंबे समय तक राजनीतिक ताकत में बदलना आसान नहीं होता।
भारत में पहले भी कई डिजिटल आंदोलन कुछ समय बाद कमजोर पड़ चुके हैं। लेकिन CJP ने बेरोजगारी और युवाओं की नाराजगी पर राष्ट्रीय स्तर की बहस जरूर छेड़ दी है।
National Parasitic Front ने बढ़ाया मजाक का स्तर
CJP की लोकप्रियता के बीच एक और व्यंग्यात्मक समूह सामने आया – “National Parasitic Front” यानी NPF।
यह खुद को CJP की “विपक्षी पार्टी” बताता है। NPF इंटरनेट संस्कृति और राजनीति दोनों का मजाक उड़ाने वाले पोस्ट डाल रहा है।
इसके वायरल पोस्टों में “Ministry of Rizz” और “Ghosting Compensation through UPI” जैसे मजाकिया वादे शामिल हैं।
अब सोशल मीडिया पर CJP और NPF के बीच मीम वॉर चल रही है, जिसे कई लोग Gen Z की नई डिजिटल राजनीति बता रहे हैं।
मजाक से शुरू हुआ आंदोलन, अब बन चुका है विरोध की आवाज
Cockroach Janta Party का भविष्य क्या होगा, यह अभी साफ नहीं है। हो सकता है कुछ समय बाद यह ट्रेंड खत्म हो जाए, लेकिन फिलहाल इसने एक बात साफ कर दी है – देश का युवा वर्ग अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए नए तरीके खोज रहा है।
जो चीज एक मजाक के रूप में शुरू हुई थी, वह अब बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और राजनीतिक निराशा के खिलाफ डिजिटल विरोध का बड़ा प्रतीक बन चुकी है।
और शायद यही वजह है कि हजारों युवा अब मजाक में ही सही, लेकिन गर्व से कह रहे हैं – “मैं भी कॉकरोच।”
