Commonwealth Games 2026 – भारत का पूरा शेड्यूल, स्टार खिलाड़ी, मेडल की उम्मीदें और ग्लासगो गेम्स से जुड़ी हर बड़ी जानकारी !

Commonwealth Games 2026

Commonwealth Games 2026 आखिरकार शुरू हो चुके हैं। लेकिन इस बार के खेल पिछले संस्करणों से कई मायनों में अलग हैं। पहली बार प्रतियोगिता को सीमित बजट (Low-Cost Sustainable Model) के तहत आयोजित किया जा रहा है और इसमें केवल 10 खेल शामिल किए गए हैं। भारत के कई पारंपरिक मजबूत खेल—जैसे कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, क्रिकेट, टेबल टेनिस और शूटिंग—इस बार कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं। इसके बावजूद नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, तेजस्विन शंकर और कई अन्य भारतीय खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतने की बड़ी उम्मीद हैं। 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो (Glasgow) में आयोजित हो रहे इन खेलों में Commonwealth Sport के 74 सदस्य देश और क्षेत्र (Commonwealth Games Associations) हिस्सा ले रहे हैं। लगभग 3,000 एथलीट 10 खेलों की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। भारत के लिए यह संस्करण बेहद महत्वपूर्ण है। कम खेल होने के कारण पदकों की संख्या निश्चित रूप से प्रभावित होगी, लेकिन यह भारतीय एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो और पैरा स्पोर्ट्स के लिए अपनी ताकत साबित करने का बड़ा अवसर भी है। इस लेख के पहले भाग में हम जानेंगे कि Commonwealth Games क्या हैं, इनका इतिहास क्या है, Glasgow 2026 क्यों खास है, इस बार क्या बदलाव हुए हैं, कौन-कौन से खेल शामिल हैं, किन खेलों को हटाया गया है, Team India की तैयारी कैसी है और भारत की सबसे बड़ी मेडल उम्मीदें कौन हैं।

Commonwealth Games क्या हैं?

Commonwealth Games दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित Multi-Sport Events में से एक हैं। इनमें Commonwealth of Nations के सदस्य देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इन खेलों का आयोजन हर चार वर्ष में किया जाता है और इसका संचालन Commonwealth Sport (पूर्व में Commonwealth Games Federation – CGF) द्वारा किया जाता है। इन खेलों का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि सदस्य देशों के बीच खेल भावना, सांस्कृतिक सहयोग और मैत्री को बढ़ावा देना भी है। यही कारण है कि Commonwealth Games को अक्सर ओलंपिक के बाद दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजनों में गिना जाता है।

Commonwealth Games का इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास लगभग एक सदी पुराना है। पहली बार 1930 में कनाडा के Hamilton शहर में इन खेलों का आयोजन किया गया था। उस समय इनका नाम British Empire Games था। पहले संस्करण में केवल 11 देशों के लगभग 400 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। समय के साथ सदस्य देशों की संख्या बढ़ती गई और प्रतियोगिता का स्वरूप भी बदलता गया।

 

Commonwealth Games के नाम में बदलाव

  • 1930–1950: British Empire Games
  • 1954–1966: British Empire and Commonwealth Games
  • 1970–1974: British Commonwealth Games
  • 1978 से वर्तमान: Commonwealth Games

आज यह प्रतियोगिता दुनिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में गिनी जाती है।

भारत और Commonwealth Games का सफर

भारत ने पहली बार 1934 में लंदन में आयोजित Commonwealth Games में हिस्सा लिया था। इसके बाद से भारत लगातार इन खेलों का हिस्सा रहा है। आज भारत को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद Commonwealth Games के सबसे सफल देशों में गिना जाता है। भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 दिल्ली Commonwealth Games में रहा था। मेजबान देश होने के कारण भारत ने उस संस्करण में 101 पदक जीते थे।

 

Delhi Commonwealth Games 2010

  • कुल पदक – 101
  • स्वर्ण – 38
  • रजत – 27
  • कांस्य – 36

वहीं Birmingham Commonwealth Games 2022 में भारत ने कुल 61 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया था।

 

Birmingham 2022

  • कुल पदक – 61
  • Gold – 22
  • Silver – 16
  • Bronze – 23

हालांकि इस बार कई मजबूत खेल कार्यक्रम से बाहर हैं, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए 2022 जैसी पदक संख्या दोहराना चुनौतीपूर्ण होगा।

 

Glasgow 2026 क्यों है खास?

Glasgow 2026 कई कारणों से Commonwealth Games के इतिहास का एक अलग संस्करण माना जा रहा है। दरअसल, 2026 Commonwealth Games की मेजबानी पहले ऑस्ट्रेलिया के Victoria State को मिली थी। लेकिन आयोजन लागत में भारी वृद्धि के कारण विक्टोरिया सरकार ने मेजबानी वापस लेने का फैसला किया। इसके बाद स्कॉटलैंड के शहर Glasgow ने सीमित बजट और पहले से मौजूद खेल सुविधाओं के आधार पर आयोजन की जिम्मेदारी स्वीकार की। इसी कारण इस बार प्रतियोगिता को Low-Cost Sustainable Model के तहत आयोजित किया जा रहा है। इस मॉडल का उद्देश्य भविष्य में उन देशों के लिए भी Commonwealth Games की मेजबानी संभव बनाना है, जो अत्यधिक खर्च वहन नहीं कर सकते।

 

Commonwealth Games 2026 में क्या बदला?

Glasgow 2026 पिछले संस्करणों से कई मायनों में अलग है। सबसे बड़ा बदलाव प्रतियोगिता में शामिल खेलों की संख्या है। Birmingham 2022 में जहां 20 खेल आयोजित हुए थे, वहीं Glasgow 2026 में केवल 10 खेल शामिल किए गए हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य आयोजन लागत कम रखना और मौजूदा खेल सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करना है।

 

Commonwealth Games 2026 में कौनकौन से खेल शामिल हैं?

इस बार निम्नलिखित 10 खेल आयोजित किए जा रहे हैं-

  • Athletics & Para Athletics
  • Swimming & Para Swimming
  • Artistic Gymnastics
  • Track Cycling & Para Track Cycling
  • Boxing
  • Weightlifting & Para Powerlifting
  • Judo
  • Bowls & Para Bowls
  • Netball
  • 3×3 Basketball एवं 3×3 Wheelchair Basketball

 

इस बार कौन से बड़े खेल नहीं हैं?

भारत के लिए सबसे बड़ा झटका यह है कि कई ऐसे खेल इस बार कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं जिनमें भारत लगातार पदक जीतता रहा है।

इनमें शामिल हैं-

  • Wrestling
  • Badminton
  • Hockey
  • Cricket
  • Table Tennis
  • Shooting
  • Squash
  • Archery
  • Road Cycling

यही कारण है कि इस बार भारत की कुल पदक संख्या 2022 की तुलना में कम रहने की संभावना जताई जा रही है।

 

Glasgow 2026 के प्रमुख प्रतियोगिता स्थल (Venues)

इस बार अधिकांश प्रतियोगिताएं Glasgow के पहले से विकसित खेल परिसरों में आयोजित की जा रही हैं।

मुख्य प्रतियोगिता स्थल-

  • Scottish Event Campus (SEC) – कई इनडोर स्पर्धाएं
  • OVO Hydro – उद्घाटन और समापन समारोह
  • Emirates Arena – Athletics और Indoor Events
  • Sir Chris Hoy Velodrome – Track Cycling
  • Tollcross International Swimming Centre – Swimming
  • Scotstoun Sports Campus – Bowls
  • Kelvingrove Lawn Bowls Centre – Lawn Bowls

मौजूदा सुविधाओं के उपयोग से आयोजन लागत को काफी कम किया गया है।

 

Commonwealth Games 2026 में Team India

भारत इस बार लगभग 125 खिलाड़ियों के दल के साथ Glasgow पहुंचा है।

टीम में लगभग-

  • 77 पुरुष खिलाड़ी
  • 48 महिला खिलाड़ी

शामिल हैं। भारत आठ सक्षम (Able-bodied) खेलों के अलावा कई पैरा स्पर्धाओं में भी चुनौती पेश करेगा।

इस बार भारतीय दल का सबसे बड़ा भरोसा इन खेलों पर रहेगा-

  • Athletics
  • Boxing
  • Weightlifting
  • Judo
  • Para Sports

 

भारत की सबसे बड़ी मेडल उम्मीदें

हालांकि इस बार भारत के कई पारंपरिक पदक वाले खेल कार्यक्रम से बाहर हैं, लेकिन कई विश्वस्तरीय खिलाड़ी अभी भी भारतीय चुनौती को मजबूत बनाते हैं।

 

  1. नीरज चोपड़ा (Athletics – Javelin Throw)

ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा भारत की सबसे बड़ी स्वर्ण पदक उम्मीद हैं। उन्होंने 2018 Commonwealth Games में भी गोल्ड मेडल जीता था और इस बार भी जैवलिन थ्रो के सबसे बड़े दावेदारों में शामिल हैं।

संभावित पदक: 🥇 Gold (मजबूत दावेदार)

 

  1. मीराबाई चानू (Weightlifting)

टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता और Commonwealth Games की दो बार की चैंपियन मीराबाई चानू से एक बार फिर स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है।

संभावित पदक: 🥇 Gold

 

  1. लवलीना बोरगोहेन (Boxing)

ओलंपिक पदक विजेता लवलीना भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं।

संभावित पदक: 🥇 Gold / 🥈 Silver

 

  1. तेजस्विन शंकर (Athletics)

हाई जंप और संयुक्त स्पर्धाओं में भारत के प्रमुख दावेदार।

संभावित पदक: 🥉 Bronze से 🥈 Silver (प्रतिस्पर्धा पर निर्भर)

 

  1. बिंदियारानी देवी (Weightlifting)

भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम की मजबूत खिलाड़ी।

संभावित पदक: 🥈 Silver / 🥉 Bronze

 

  1. तूलिका मान (Judo)

जूडो में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में शामिल।

संभावित पदक: 🥉 Bronze से 🥈 Silver

 

  1. मुरली श्रीशंकर (Long Jump)

यदि पूरी तरह फिट रहते हैं तो भारत के लिए पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।

संभावित पदक: 🥈 Silver / 🥉 Bronze

 

क्या भारत 2022 जैसा प्रदर्शन दोहरा पाएगा?

यही इस बार का सबसे बड़ा सवाल है। 2022 Birmingham Commonwealth Games में भारत ने जिन खेलों से सबसे अधिक पदक जीते थे, उनमें बैडमिंटन, कुश्ती, हॉकी, टेबल टेनिस और क्रिकेट शामिल थे। लेकिन Glasgow 2026 में ये सभी खेल कार्यक्रम से बाहर हैं।

ऐसे में अधिकांश खेल विश्लेषकों का मानना है कि भारत के लिए 61 पदकों का आंकड़ा दोहराना मुश्किल होगा। हालांकि, यदि एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग और पैरा स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं, तो भारत सम्मानजनक पदक संख्या हासिल कर सकता है।

 

Commonwealth Games 2026: भारत का Day-wise Schedule

Commonwealth Games में भारत का रिकॉर्ड

भारत ने पहली बार 1934 में Commonwealth Games में हिस्सा लिया था। अब तक भारत

  • 18 से अधिक संस्करणों में भाग ले चुका है।
  • 600 से अधिक पदक जीत चुका है।
  • ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद सबसे सफल देशों में शामिल रहा है।

 

भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

Delhi 2010

  • Gold – 38
  • Silver – 27
  • Bronze – 36

कुल 101 पदक यही भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

 

Birmingham 2022

  • Gold – 22
  • Silver – 16
  • Bronze – 23

कुल 61 पदक भारत चौथे स्थान पर रहा।

 

Glasgow 2026 में भारत की सबसे बड़ी चुनौती

इस बार भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल पदक जीतना नहीं है।

बल्कि-

  • कम खेलों में अधिकतम पदक जीतना।
  • ओलंपिक स्तर के खिलाड़ियों से स्वर्ण पदक की उम्मीदों पर खरा उतरना।
  • युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर स्थापित करना।
  • एथलेटिक्स और पैरा स्पोर्ट्स में लगातार सुधार दिखाना।

भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए मजबूत टीम तैयार करना।

Glasgow 2026 क्यों याद रखा जाएगा?

इस संस्करण को कई कारणों से याद किया जाएगा-

  • सबसे छोटे Commonwealth Games प्रारूपों में से एक।
  • केवल 10 खेल।
  • Low-Cost Sustainable Model।
  • मौजूदा खेल परिसरों का उपयोग।
  • भविष्य की मेजबानी के लिए नया आर्थिक मॉडल।

 

निष्कर्ष

Commonwealth Games 2026 भारत के लिए केवल एक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह सीमित खेलों के बीच अपनी वास्तविक खेल क्षमता साबित करने का अवसर भी है। इस बार भारत के कई पारंपरिक पदक वाले खेल कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए मुकाबला पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। इसके बावजूद नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, बिंदियारानी देवी और कई अन्य खिलाड़ी देश की उम्मीदों का केंद्र हैं। यदि भारत अपनी मजबूत स्पर्धाओं—एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो और पैरा खेलों—में अपेक्षित प्रदर्शन करता है, तो Glasgow 2026 भारतीय खेल इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ सकता है।

FAQs:

23 जुलाई 2026 से 2 अगस्त 2026 तक।

भारतीय दल में लगभग 124–125 खिलाड़ी हैं। अंतिम संख्या प्रतियोगिता से पहले हुए बदलावों (जैसे डोपिंग या पात्रता संबंधी मामलों) के कारण अपडेट हो सकती है।

  • नीरज चोपड़ा
  • मीराबाई चानू
  • लवलीना बोरगोहेन

कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, क्रिकेट, शूटिंग, टेबल टेनिस, स्क्वैश, तीरंदाजी और रोड साइक्लिंग।