भारत के Electronics Manufacturing सेक्टर को बड़ा बढ़ावा देते हुए केंद्र सरकार ने 31 applications approved under ECMS को मंजूरी दी है। इन प्रस्तावों के तहत करीब Rs.7,877 करोड़ का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। Kaynes Technology, Dixon Technologies, Wipro और Motherson जैसी कंपनियां Printed Circuit Boards, Camera Modules, Optical Transceivers और Electronic Enclosures जैसे अहम कंपोनेंट्स का निर्माण करेंगी। इस नए निवेश के साथ भारत में घरेलू Electronics Components Manufacturing को गति मिलने और वैश्विक Electronics Supply Chain में देश की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है।
31 Applications ECMS को मिली मंजूरी, Rs.7,877 करोड़ का निवेश
वित्त मंत्री ने कहा कि देश में बैंकिंग सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए मौजूदा समय काफी अनुकूल है, क्योंकि बैंकों की स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हुई है और Non-Performing Assets (NPAs) अब ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर हैं। सीतारमण ने कहा कि भारत जब Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब बैंकिंग सेक्टर की भूमिका भी बदलनी होगी। उन्होंने बैंक अधिकारियों से बैठक के दौरान ऐसे सुझाव देने को कहा, जिन्हें वास्तव में लागू किया जा सके। सरकार ने इस साल के बजट में Banking for Viksit Bharat पर एक हाई-पावर्ड कमेटी बनाने की घोषणा की थी। वित्त मंत्री के मुताबिक, इस कमेटी की घोषणा जल्द की जाएगी।

ECMS क्या है और भारत के Electronics Manufacturing के लिए क्यों अहम?
Electronics Components Manufacturing Scheme को केंद्र सरकार ने अप्रैल 2025 में अधिसूचित किया था। शुरुआत में इस योजना के लिए Rs.22,919 करोड़ का प्रोत्साहन आवंटित किया गया था। योजना को मिली मजबूत प्रतिक्रिया के बाद सरकार ने इसका कुल आवंटन बढ़ाकर Rs.40,000 करोड़ कर दिया। इस योजना का उद्देश्य भारत में Electronics Components की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना और देश को वैश्विक Electronics Supply Chain का अहम हिस्सा बनाना है। अब तक ECMS के तहत करीब 30 अलग-अलग Product Segments में 106 प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है। ये परियोजनाएं देश के 15 राज्यों में फैली हैं। इन 106 परियोजनाओं के जरिए कुल Rs.69,548 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई है। यह आंकड़ा योजना के शुरुआती Rs.59,350 करोड़ के निवेश लक्ष्य से भी ज्यादा है।
Kaynes, Dixon, Wipro और Motherson का क्या प्लान है?
नई मंजूर परियोजनाओं में कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। Kaynes Technology Printed Circuit Boards और उनसे जुड़े Materials के क्षेत्र में अपनी Manufacturing Capabilities का विस्तार करेगी। वहीं Dixon Technologies नोएडा में Smartphones और दूसरे Electronic Products में इस्तेमाल होने वाले Components का निर्माण करेगी। Wipro को Laminates के निर्माण से जुड़ी परियोजना के लिए मंजूरी मिली है। Laminates Printed Circuit Boards के लिए इस्तेमाल होने वाला महत्वपूर्ण Base Material है। इसके अलावा Motherson चेन्नई के पास Mobile Phones, IT Hardware और अन्य Electronic Products में इस्तेमाल होने वाले Enclosures का निर्माण करेगी। सरकार के मुताबिक इन कंपनियों की कुछ Facilities आने वाले महीनों में Operations शुरू कर सकती हैं।
Electronics Supply Chain में भारत की बड़ी छलांग?
भारत पिछले कुछ वर्षों में Smartphone Assembly से आगे बढ़कर Electronics Components के निर्माण पर जोर दे रहा है। ECMS इसी रणनीति का अहम हिस्सा है। Components का घरेलू उत्पादन बढ़ने से कंपनियों को भारत में ही महत्वपूर्ण Parts उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इससे Supply Chain मजबूत होने के साथ-साथ Import Dependence कम करने में भी मदद मिल सकती है। साथ ही, बड़े Manufacturing Projects से नई Production Facilities, Technology Transfer और रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। हालांकि, योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि स्वीकृत परियोजनाएं कितनी तेजी से Production में आती हैं और भारत में बने Components कितने प्रतिस्पर्धी और वैश्विक स्तर के बन पाते हैं।
भारत के Electronics Sector के लिए आगे क्या?
31 Applications ECMS की मंजूरी ऐसे समय में आई है जब भारत Electronics Manufacturing को देश की प्रमुख Growth Industries में बदलने की कोशिश कर रहा है। 106 स्वीकृत प्रस्तावों और Rs.69,548 करोड़ की निवेश प्रतिबद्धता से संकेत मिलता है कि Electronics Components Manufacturing में कंपनियों की रुचि बढ़ रही है। अगर इन परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन होता है, तो इससे भारत की घरेलू Electronics Supply Chain को मजबूती मिल सकती है और देश Global Electronics Manufacturing Ecosystem में अपनी भूमिका और बढ़ा सकता है।
निष्कर्ष
31 Applications ECMS की मंजूरी भारत के Electronics Manufacturing सेक्टर के लिए एक अहम कदम है। Rs.7,877 करोड़ के नए निवेश के साथ Kaynes, Dixon, Wipro और Motherson जैसी कंपनियों की परियोजनाएं घरेलू Components Manufacturing को नई गति दे सकती हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती इन Projects को तेजी से Production में लाना और भारत को Global Electronics Supply Chain में और मजबूत स्थान दिलाना होगी।
FAQs
- Electronics Components Manufacturing Scheme क्या है?
Electronics Components Manufacturing Scheme केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य भारत में Electronics Components के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और Import Dependence कम करना है। - Centre ने ECMS के तहत 31 और Applications को मंजूरी क्यों दी?
सरकार ने Electronics Components Manufacturing को बढ़ावा देने और देश में Manufacturing Capacity बढ़ाने के लिए 31 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी है। - 31 Applications ECMS के तहत कितना निवेश होगा?
नई मंजूर परियोजनाओं में करीब Rs.7,877 करोड़ का अतिरिक्त निवेश प्रस्तावित है। - ECMS से India Electronics Manufacturing को कैसे बढ़ावा मिलेगा?
इससे PCBs, Camera Modules, Optical Transceivers और Electronic Enclosures जैसे Components का घरेलू उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। - कौन-कौन सी बड़ी कंपनियां ECMS परियोजनाओं में शामिल हैं?
Kaynes Technology, Dixon Technologies, Wipro और Motherson जैसी कंपनियां विभिन्न Electronics Components के निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं में शामिल हैं। - ECMS के तहत अब तक कितने प्रस्ताव मंजूर हुए हैं?
अब तक 106 प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें करीब Rs.69,548 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता है।

