Iran CoinEx Crypto Transfers: दुनिया में क्रिप्टोकरेंसी को अक्सर एक नई वित्तीय क्रांति के रूप में देखा जाता है, लेकिन अब यही तकनीक अंतरराष्ट्रीय राजनीति, प्रतिबंधों (Sanctions), साइबर अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा के केंद्र में आ गई है। हाल ही में अमेरिकी अखबार Wall Street Journal की एक विस्तृत जांच में दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद अपने डिजिटल वित्तीय नेटवर्क को चलाने के लिए क्रिप्टो एक्सचेंज CoinEx का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ क्रिप्टो ट्रांजैक्शन का संबंध उत्तर कोरिया के हैकरों द्वारा किए गए लगभग 1.5 अरब डॉलर के सबसे बड़े क्रिप्टो हैक से भी जुड़ता है।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और CoinEx ने कई आरोपों से इनकार किया है, लेकिन इस पूरे मामले ने वैश्विक क्रिप्टो बाजार, अमेरिकी प्रतिबंध नीति और ईरान के वैकल्पिक वित्तीय नेटवर्क पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

Iran CoinEx Crypto Transfers: पूरा मामला कैसे सामने आया?
Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक ब्लॉकचेन रिसर्चर्स इस साल की शुरुआत में उन दो डिजिटल वॉलेट्स की जांच कर रहे थे जिन्हें ईरान के सेंट्रल बैंक से जुड़ा बताया गया। ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शन का विश्लेषण करने पर उन्हें पता चला कि इन वॉलेट्स तक पहुंचने वाला कुछ पैसा पहले Bybit नामक क्रिप्टो एक्सचेंज से चोरी हुए फंड का हिस्सा था।
Bybit से लगभग 1.5 अरब डॉलर की क्रिप्टो चोरी को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल चोरी माना जा रहा है। अमेरिकी और कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया के हैकर समूह को जिम्मेदार मानती हैं। जांचकर्ताओं का दावा है कि चोरी की गई यह राशि कई अलग-अलग डिजिटल वॉलेट्स और ट्रांजैक्शनों से गुजरते हुए आखिरकार उन वॉलेट्स तक पहुंची जिन्हें ईरानी संस्थाओं से जोड़ा गया।
इसके बाद यह पैसा फिर कई अन्य प्लेटफॉर्म्स पर ट्रांसफर किया गया, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण नाम CoinEx का सामने आया।

CoinEx क्या है और यह इतना महत्वपूर्ण क्यों बन गया?
CoinEx एक अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो एक्सचेंज है जिसकी स्थापना वर्ष 2017 में चीन के पूर्व Tencent इंजीनियर Haipo Yang ने की थी। वर्तमान में इसका मुख्यालय सेशेल्स (Seychelles) में स्थित है।

शुरुआत में यह एक सामान्य क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म था, लेकिन समय के साथ यह ईरान के सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल हो गया।
ब्लॉकचेन इंटेलिजेंस कंपनी TRM Labs के अनुसार वर्ष 2019 से अब तक ईरानी संस्थाओं से जुड़े वॉलेट्स ने CoinEx के जरिए लगभग 3.84 अरब डॉलर की क्रिप्टो ट्रांजैक्शन की है। यह आंकड़ा बताता है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच CoinEx ईरान के लिए वैश्विक डिजिटल बाजार तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया।
ईरान में क्रिप्टोकरेंसी इतनी लोकप्रिय क्यों हो गई?
ईरान पिछले कई वर्षों से अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इन प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली तक उसकी पहुंच काफी सीमित हो चुकी है। दूसरी ओर ईरानी मुद्रा रियाल (Rial) लगातार कमजोर होती जा रही है।
ऐसे में बड़ी संख्या में लोग अपनी बचत सुरक्षित रखने और निवेश करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी की ओर बढ़े। विभिन्न शोधों के अनुसार आज ईरान की लगभग 13 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में क्रिप्टोकरेंसी रखती है। वर्ष 2025 तक ईरान का कुल क्रिप्टो बाजार 8 से 10 अरब डॉलर के बीच पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
यही वजह है कि CoinEx जैसे विदेशी प्लेटफॉर्म ईरानी नागरिकों और व्यवसायों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुए।
क्या CoinEx ने ईरान में अपना नेटवर्क बनाया था?
Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार CoinEx ने ईरान में अपने यूजर बेस को बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर भी नियुक्त किए थे।
हालांकि CoinEx ने इस दावे को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने कभी ईरान में कोई कार्यालय नहीं खोला और न ही उसने जानबूझकर वहां बिजनेस डेवलपमेंट स्टाफ नियुक्त किया।
इसके बावजूद जांचकर्ताओं का कहना है कि CoinEx लंबे समय तक ईरानी यूजर्स के बीच सक्रिय रूप से इस्तेमाल होता रहा।
Nobitex और CoinEx का संबंध क्यों चर्चा में है?
जांच में सबसे महत्वपूर्ण नाम Nobitex का भी सामने आया। Nobitex ईरान का सबसे बड़ा घरेलू क्रिप्टो एक्सचेंज माना जाता है। TRM Labs के अनुसार केवल पिछले वर्ष ही Nobitex और CoinEx के बीच लगभग 763 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो ट्रांजैक्शन हुई।

CoinEx ने इस आंकड़े पर भी सवाल उठाए हैं। कंपनी का कहना है कि TRM Labs की गणना पूरी तरह सही नहीं है और दूसरी विश्लेषण कंपनियों ने इससे कम ट्रांजैक्शन वॉल्यूम बताया है।
फिर भी CoinEx ने स्वीकार किया कि वर्ष 2025 में Nobitex उसका सबसे बड़ा विदेशी ट्रेडिंग पार्टनर था।
अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़े लोगों के साथ भी मिले लेन-देन
Wall Street Journal की जांच में दावा किया गया कि CoinEx के कुछ वॉलेट्स ने उन लोगों और संस्थाओं के साथ भी ट्रांजैक्शन किए जिन्हें बाद में अमेरिका ने प्रतिबंधित कर दिया।
इनमें अलीरेजा देरख्शान (Alireza Derakhshan) का नाम शामिल है, जिन पर अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी तेल बिक्री नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप लगाया था।
इसी तरह CoinEx के वॉलेट्स ने Zedcex नामक एक्सचेंज से भी ट्रांजैक्शन किए। यह एक्सचेंज ईरानी कारोबारी बाबक ज़ंजानी (Babak Zanjani) से जुड़ा बताया जाता है। ज़ंजानी खुद को ईरान के प्रतिबंधों से बचने की रणनीति तैयार करने वाला व्यक्ति बता चुके हैं।
बाद में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने देरख्शान, ज़ंजानी और Zedcex पर प्रतिबंध लगाए। हालांकि Wall Street Journal के अनुसार CoinEx के साथ हुए अधिकांश ट्रांजैक्शन इन प्रतिबंधों से पहले के थे।
CoinEx ने स्पष्ट किया है कि उसने कभी भी ईरानी सरकार या किसी प्रतिबंधित संस्था की मदद नहीं की।
अमेरिकी प्रतिबंधों के लिए क्यों बन रही है नई चुनौती?
यह पूरा मामला अमेरिका के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से अलग काम करती है।
यदि कोई देश अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली से बाहर कर दिया जाए, तब भी वह डिजिटल वॉलेट्स और क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए वैश्विक स्तर पर फंड ट्रांसफर कर सकता है। यही कारण है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान ने क्रिप्टो नेटवर्क का इस्तेमाल जारी रखा।
अमेरिका पहले भी Binance जैसे बड़े एक्सचेंज पर कार्रवाई कर चुका है क्योंकि वहां ईरानी यूजर्स सक्रिय पाए गए थे। बाद में Binance ने अपने नियम कड़े कर दिए, जिसके बाद CoinEx ईरानी यूजर्स के लिए सबसे बड़ा विदेशी प्लेटफॉर्म बन गया।
इंटरनेट बंद होने के बाद भी ट्रांजैक्शन क्यों जारी रहे?
फरवरी में अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों के बाद ईरान ने देशभर में इंटरनेट सेवाओं पर कई प्रतिबंध लगाए थे।
इसके बावजूद TRM Labs की रिपोर्ट में दावा किया गया कि इंटरनेट ब्लैकआउट के दौरान CoinEx और Nobitex के बीच होने वाले ट्रांजैक्शनों का औसत आकार पहले की तुलना में और बड़ा हो गया।
हालांकि CoinEx ने इस निष्कर्ष से भी असहमति जताई और कहा कि उसके रिकॉर्ड में ऐसा कोई असामान्य बदलाव दिखाई नहीं देता।
अब CoinEx ने ईरान से दूरी क्यों बनानी शुरू कर दी?
हाल के सप्ताहों में CoinEx ने ईरानी यूजर्स के लिए अपनी नीति बदल दी है। कंपनी ने फारसी भाषा वाले अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए नए KYC (Know Your Customer) नियमों की जानकारी दी। CoinEx के प्रतिनिधि Haipo Yang ने बताया कि अब प्लेटफॉर्म ईरान से नए यूजर्स का पंजीकरण स्वीकार नहीं करेगा और जिन मौजूदा यूजर्स की पहचान ईरानी के रूप में होगी, उनके अकाउंट भी हटाए जाएंगे।
Yang के अनुसार यह फैसला अमेरिका द्वारा Nobitex पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि कंपनी को महसूस हुआ कि अब जोखिम पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। इसी कारण फारसी भाषा वाले CoinEx अकाउंट्स भी बंद किए जाएंगे।
भारत और दुनिया के लिए इसका क्या महत्व है?
यह मामला केवल ईरान या CoinEx तक सीमित नहीं है। यह दिखाता है कि डिजिटल करेंसी और ब्लॉकचेन तकनीक अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति, आर्थिक प्रतिबंधों और राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुकी है।
यदि किसी देश को पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर कर दिया जाता है, तो वह क्रिप्टो नेटवर्क के जरिए वैश्विक वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकता है। इसी कारण अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश अब क्रिप्टो एक्सचेंजों पर पहले से कहीं अधिक सख्त निगरानी रख रहे हैं।
दूसरी ओर यह भी साफ है कि केवल प्रतिबंध लगाना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि डिजिटल एसेट्स की वैश्विक प्रकृति के कारण उन्हें पूरी तरह नियंत्रित करना बेहद कठिन होता जा रहा है।
निष्कर्ष
Iran CoinEx Crypto Transfers का मामला यह दिखाता है कि आज की दुनिया में क्रिप्टोकरेंसी केवल निवेश का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह वैश्विक प्रतिबंधों, भू-राजनीति और साइबर सुरक्षा से भी गहराई से जुड़ चुकी है। Wall Street Journal और TRM Labs की जांच ने CoinEx, Nobitex और ईरानी डिजिटल नेटवर्क के बीच कई महत्वपूर्ण कड़ियों की ओर इशारा किया है। हालांकि CoinEx ने अधिकांश आरोपों से इनकार किया है और कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। आने वाले समय में यह मामला इस बात की परीक्षा भी होगा कि दुनिया की बड़ी शक्तियां डिजिटल करेंसी के बढ़ते इस्तेमाल और प्रतिबंधों से बचने के नए तरीकों से कैसे निपटती हैं।
FAQs
क्या CoinEx क्या है?
CoinEx एक अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज है जिसकी स्थापना 2017 में हुई थी। यह विभिन्न देशों के यूजर्स को डिजिटल एसेट्स की खरीद-बिक्री और ट्रांसफर की सुविधा देता है।
ईरान ने CoinEx के जरिए धन कैसे ट्रांसफर किया?
Wall Street Journal की जांच के अनुसार ईरान से जुड़े कई डिजिटल वॉलेट्स और Nobitex जैसे एक्सचेंज ने CoinEx के जरिए बड़ी मात्रा में क्रिप्टो ट्रांजैक्शन किए। हालांकि CoinEx ने कई आरोपों को खारिज किया है।
Crypto Transfers का मामला क्या है?
जांच में दावा किया गया कि उत्तर कोरिया द्वारा Bybit से चोरी किए गए कुछ फंड कई ट्रांजैक्शनों के बाद ईरान से जुड़े वॉलेट्स तक पहुंचे और बाद में CoinEx सहित अन्य प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया गया।
क्या यह अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने का तरीका था?
अमेरिकी अधिकारियों और कई ब्लॉकचेन विश्लेषकों का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी प्रतिबंधों से बचने का एक संभावित माध्यम बन सकती है। हालांकि इस मामले में कई आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस मामले का वैश्विक क्रिप्टो बाजार पर क्या असर पड़ सकता है?
इस मामले के बाद दुनिया भर के क्रिप्टो एक्सचेंजों पर KYC, एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग नियम और प्रतिबंधों के अनुपालन को लेकर निगरानी और सख्ती बढ़ने की संभावना है।

