Lalit Modi return to India interview इन दिनों चर्चा में है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने ANI को दिए एक इंटरव्यू में अपने ऊपर लगे आरोपों, भारत वापसी, राजनीतिक विवादों, IPL की शुरुआत और यहां तक कि दाऊद इब्राहिम से जुड़ी धमकियों तक कई मुद्दों पर खुलकर बात की।

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ललित मोदी ने साफ कहा कि उन्हें “भगोड़ा” कहना गलत है क्योंकि उनके खिलाफ आज तक किसी अदालत ने कोई सजा नहीं सुनाई है। उन्होंने दावा किया कि उनके बारे में बनी छवि कानूनी तथ्यों से ज्यादा मीडिया की वजह से बनी है। साथ ही उन्होंने कहा कि IPL आज जिस ऊंचाई पर है, उसे बनाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका रही है और वह आज भी इस टूर्नामेंट को अपने बच्चे की तरह मानते हैं।

Lalit Modi return to India interview में भगोड़ा कहे जाने पर क्या बोले?
इंटरव्यू के दौरान ललित मोदी ने सबसे पहले उस सवाल का जवाब दिया जो पिछले कई सालों से उनके साथ जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह से फरार नहीं हैं।
उनके मुताबिक अगर कोई व्यक्ति वास्तव में कानून से भाग रहा हो तो वह दुनिया भर में खुलकर यात्रा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की पहुंच बहुत लंबी है और यदि उनके खिलाफ कोई ठोस मामला होता तो अब तक कार्रवाई हो चुकी होती।
ललित मोदी ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगातार आरोप लगाए जाते हैं लेकिन आज तक किसी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया। उनका मानना है कि मीडिया ने उन्हें “भगोड़ा” की छवि देकर पेश किया, जबकि कानूनी स्थिति कुछ और है।
भारत वापसी को लेकर क्या है ललित मोदी का रुख?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भारत लौटकर अपना नाम साफ करना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब वह वापसी करना चाहते थे, लेकिन अब उनकी प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि अब उन्हें किसी को कुछ साबित करने की जरूरत महसूस नहीं होती। ललित मोदी का कहना था कि अगर 17 साल में भी एजेंसियां उन्हें अदालत तक नहीं ले जा सकीं, तो आज अचानक गिरफ्तारी की बात करना समझ से परे है।
उनके मुताबिक यदि उनके खिलाफ कोई मजबूत सबूत होता तो वह अब तक सामने आ चुका होता।
IPL को लेकर क्या बोले ललित मोदी?
IPL की चर्चा आते ही ललित मोदी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि IPL उनके लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि उनके बच्चे की तरह है।
उन्होंने बताया कि आज भी वह IPL के मैच देखते हैं और टूर्नामेंट की प्रगति पर नजर रखते हैं। उनके अनुसार भले ही वह अब IPL प्रशासन का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन इसकी सफलता उन्हें गर्व महसूस कराती है।
ललित मोदी ने कहा कि उनके पिता एक सफल कारोबारी थे, लेकिन आज दुनिया उनके परिवार को ललित मोदी और IPL की वजह से पहचानती है। उनका मानना है कि IPL ने भारतीय क्रिकेट और खेल कारोबार दोनों की तस्वीर बदल दी।
IPL controversy founder पर क्या बोले?
ललित मोदी ने IPL के शुरुआती वर्षों को याद करते हुए कहा कि टी-20 क्रिकेट को लेकर शुरुआत में खिलाड़ियों के बीच ज्यादा उत्साह नहीं था।
उन्होंने दावा किया कि 2007 टी-20 विश्व कप से पहले भारतीय टीम के कई वरिष्ठ खिलाड़ी इस फॉर्मेट को गंभीरता से नहीं लेते थे। उन्होंने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से बात की और उन्हें इस नए फॉर्मेट में खेलने के लिए मनाने की कोशिश की।
आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और टी-20 क्रिकेट दुनिया का सबसे लोकप्रिय क्रिकेट फॉर्मेट बन चुका है।
पी. चिदंबरम और कांग्रेस सरकार पर लगाए आरोप
इंटरव्यू में ललित मोदी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम का भी जिक्र किया।
उनका दावा है कि 2009 में जब आम चुनावों के दौरान IPL को सुरक्षा देने से इनकार किया गया, तभी से उनके और तत्कालीन सरकार के रिश्ते खराब होने शुरू हुए।
ललित मोदी के अनुसार IPL को दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट करने से पहले कार्यक्रम में 150 से ज्यादा बदलाव किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राजनीतिक कारणों से उनके खिलाफ माहौल बनाया गया।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया इंटरव्यू का हिस्सा नहीं थी।
शशि थरूर और कोच्चि IPL टीम विवाद पर बड़ा दावा
ललित मोदी ने 2010 में हुए कोच्चि टस्कर्स IPL फ्रेंचाइजी विवाद पर भी विस्तार से बात की।
उन्होंने दावा किया कि टीम की मालिकाना संरचना को लेकर उन्हें कई सवाल थे और इसी दौरान उनका नाम तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और उनकी दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर से जुड़े विवाद में आया।
ललित मोदी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने फ्रेंचाइजी के कुछ हिस्सेदारों के बारे में सवाल उठाए तो उन पर दबाव बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी विवाद के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ गया।
हालांकि यह ललित मोदी के व्यक्तिगत दावे हैं और इन पर पहले भी अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देते रहे हैं।
Lalit Modi legal case update: जांच और कानूनी स्थिति क्या है?
ललित मोदी ने भारतीय न्याय व्यवस्था की धीमी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्षों तक मामलों का लंबित रहना भी एक प्रकार की सजा बन जाता है।
उनका कहना है कि यदि वह इतने बड़े अपराधी होते, जैसा कि अक्सर बताया जाता है, तो अब तक उनके खिलाफ मुकदमा चलाकर अदालत से फैसला आ चुका होता।
हालांकि दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियां उनसे जुड़े मामलों की जांच जारी रखे हुए हैं। वित्तीय अनियमितताओं, विदेशी मुद्रा नियमों के कथित उल्लंघन और अन्य आरोपों से जुड़े मामलों पर जांच अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
दाऊद इब्राहिम से धमकी मिलने के दावे पर क्या कहा?
इंटरव्यू का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जिसमें ललित मोदी ने दाऊद इब्राहिम और सट्टेबाजी सिंडिकेट को लेकर दावे किए।
उन्होंने कहा कि IPL के शुरुआती वर्षों में उन्होंने कई संदिग्ध लोगों की एंट्री पर रोक लगाई थी, जिससे सट्टेबाजी से जुड़े लोगों को नुकसान हुआ।
ललित मोदी का दावा है कि उन्हें करोड़ों डॉलर की पेशकश की गई थी ताकि वह आंखें बंद कर लें, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में उनकी जान लेने की कई कोशिशें हुईं।
ललित मोदी के अनुसार उन्हें एक IPL फ्रेंचाइजी दिलाने के लिए दबाव बनाया गया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस इंटरव्यू में नहीं की गई।
नरेंद्र मोदी से संबंधों पर क्या बोले?
ललित मोदी से जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी जितनी भी बातचीत हुई, वह क्रिकेट तक सीमित थी।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी क्रिकेट के बड़े प्रशंसक रहे हैं और अहमदाबाद में विश्वस्तरीय क्रिकेट ढांचा विकसित करने में उनकी रुचि हमेशा रही है। ललित मोदी के अनुसार दोनों के बीच क्रिकेट के अलावा किसी अन्य विषय पर विशेष चर्चा नहीं होती थी।
रणवीर सिंह निभा सकते हैं ललित मोदी का किरदार
ललित मोदी ने अपनी प्रस्तावित बायोपिक पर भी बात की। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और फिलहाल इसकी स्क्रिप्ट लिखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि अभिनेता रणवीर सिंह ने उनका किरदार निभाने में रुचि दिखाई थी और वह उनसे मिलने लंदन भी आए थे। ललित मोदी का मानना है कि अगर रणवीर सिंह समय निकाल सकें तो वह इस भूमिका के लिए उपयुक्त रहेंगे।
विवादों के बीच फिर सुर्खियों में ललित मोदी
Lalit Modi return to India interview सिर्फ भारत वापसी तक सीमित नहीं रहा। इस बातचीत में उन्होंने IPL की शुरुआत, राजनीतिक विवादों, शशि थरूर प्रकरण, दाऊद इब्राहिम से जुड़ी धमकियों, कानूनी मामलों और अपनी बायोपिक तक कई विषयों पर खुलकर बात की।
एक तरफ ललित मोदी खुद को निर्दोष बताते हुए कहते हैं कि उनके खिलाफ कोई सजा नहीं हुई है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय एजेंसियों की जांच अभी भी जारी है। ऐसे में अंतिम सच का फैसला अदालतों और कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए ही सामने आएगा। फिलहाल उनके ताजा इंटरव्यू ने एक बार फिर उन्हें राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
FAQs
Why is Lalit Modi called a fugitive?
ललित मोदी पर वर्षों से वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि उनका कहना है कि उन्हें किसी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है।
Will Lalit Modi return to India?
इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी भारत लौटने की कोई योजना नहीं है और उनकी प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं।
Lalit Modi legal case status 2026 क्या है?
विभिन्न एजेंसियां उनसे जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं, जबकि ललित मोदी खुद को निर्दोष बताते हैं।
What did Lalit Modi say about India return?
उन्होंने कहा कि एक समय वह भारत लौटना चाहते थे, लेकिन अब उन्हें खुद को साबित करने की आवश्यकता महसूस नहीं होती।
IPL founder controversy explained
IPL के शुरुआती वर्षों में फ्रेंचाइजी, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक फैसलों को लेकर कई विवाद सामने आए थे, जिनकी जांच अलग-अलग एजेंसियों द्वारा की गई या की जा रही है।

