Pilot का Dope Test Positive, हवा में 300 फीट नीचे गई Flight… क्या अब बदलेंगे DGCA के नियम? 

Pilot Dope Test Positive

Air India की एक फ्लाइट में अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई गिरने और 24 यात्रियों व क्रू सदस्यों के घायल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। DGCA Dope Test Rules Review की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, क्योंकि इस घटना के बाद फ्लाइट के कमांडिंग पायलट के कन्फर्मेटरी टेस्ट में marijuana यानी cannabis के इस्तेमाल का संकेत मिला है। सरकार ने अब Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से भारत में पायलटों के psychoactive-substance testing framework की समीक्षा करने को कहा है। हालांकि, जांच अभी जारी है और केवल एक मेडिकल या टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर फ्लाइट में हुई घटना का कारण तय नहीं किया गया है।

Air India Pilot Tests Positive के बाद सरकार ने क्या किया?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने DGCA से कहा है कि वह दूसरे देशों में अपनाई जा रही psychoactive-substance testing व्यवस्था का अध्ययन करे और यह देखे कि भारत के मौजूदा नियमों को मजबूत या फिर से तैयार करने की जरूरत है या नहीं। सरकार की चिंता इसलिए बढ़ी है क्योंकि मौजूदा भारतीय व्यवस्था में उड़ान कर्मचारियों के लिए पहले से ही psychoactive substances की जांच का प्रावधान है। मंत्रालय यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त रूप से प्रभावी है। सरकार ने संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं की समीक्षा पूरी होने के बाद ही नियमों में बदलाव पर कोई फैसला लिया जाएगा।

Image: India Today

Air India Flight में आखिर हुआ क्या था?

यह मामला Air India की फ्लाइट AI2379 से जुड़ा है, जो 4 अगस्त को Phuket से Delhi जा रही थी। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे चला गया। इस घटना में 24 यात्रियों और क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद दोनों पायलटों का निर्धारित psychoactive-substance screening test कराया गया था। कमांडिंग पायलट की शुरुआती screening में ऐसा परिणाम आया, जिसके लिए confirmatory analysis जरूरी था। इसके बाद सैंपल को designated laboratory में भेजा गया। बाद में confirmatory test के भी positive होने की रिपोर्ट सामने आई। इसके बाद DGCA ने जांच और testing process पूरी होने तक दोनों पायलटों को flying roster से हटा दिया

DGCA Dope Test Rules Review क्यों जरूरी माना जा रहा है?

भारत में pilots और aviation personnel के लिए psychoactive-substance testing के नियम पहले से मौजूद हैं। मौजूदा framework के तहत positive test आने पर संबंधित aviation personnel को rehabilitation programme के लिए भेजा जाता है।

नियमों के अनुसार:

  • पहली बार positive test पर rehabilitation की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
  • दूसरी बार violation होने पर licence को तीन साल तक suspend किया जा सकता है।
  • तीसरी violation पर licence cancellation की कार्रवाई हो सकती है।

सरकार अब यह देखना चाहती है कि इन नियमों में testing, confirmatory analysis, medical assessment और आगे की कार्रवाई से जुड़े safeguards पर्याप्त हैं या नहीं। DGCA से दूसरे देशों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करने को कहना इसी व्यापक समीक्षा का हिस्सा है।

 

AAIB जांच में किन पहलुओं पर फोकस?

Air India की इस घटना की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB कर रहा है। जांच में Airbus और France की BEA तकनीकी सहायता दे रहे हैं।

AAIB केवल pilot के medical test पर निर्भर नहीं है। एजेंसी कई पहलुओं की जांच कर रही है, जिनमें शामिल हैं:

  • विमान के technical systems
  • Flight data
  • Operational records
  • Maintenance records
  • Medical information
  • Human factors
  • पायलटों और संबंधित लोगों के बयान

AAIB ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी एक जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। जांच स्वतंत्र और evidence-based तरीके से आगे बढ़ रही है।

 

क्या Positive Dope Test के बाद Pilot हमेशा Licence खो देता है?

नहीं। Positive test के बाद कार्रवाई परिस्थितियों और लागू नियमों के अनुसार होती है। मौजूदा framework में पहली positive finding के बाद rehabilitation का प्रावधान है, जबकि repeat violations पर ज्यादा कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में भी जांच और testing process पूरी होने तक दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और लागू aviation regulations के आधार पर तय होगी।

 

क्या इससे भारत के Aviation Safety Rules बदल सकते हैं?

सरकार ने फिलहाल नियमों में बदलाव का अंतिम फैसला नहीं लिया है। पहले DGCA अंतरराष्ट्रीय standards और दूसरे देशों की testing practices की समीक्षा करेगा। अगर समीक्षा में मौजूदा व्यवस्था में कोई कमी सामने आती है, तो testing frequency, laboratory procedures, confirmatory testing, rehabilitation और licence-related कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में बदलाव संभव हो सकते हैं। इसका उद्देश्य flight crew की fitness और aviation safety को और मजबूत करना है।

 

निष्कर्ष

Air India की फ्लाइट में हुई घटना और Air India Pilot Tests Positive की रिपोर्ट ने aviation safety में pilot fitness और drug-testing protocols पर नई बहस छेड़ दी है। सरकार का DGCA Dope Test Rules Review का फैसला इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि pilot के positive test और 300 फीट की altitude drop के बीच कोई सीधा संबंध था। AAIB की विस्तृत जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।

 

FAQ

  1. Air India Pilot के Dope Test Positive आने के बाद सरकार ने क्या कदम उठाया?
    सरकार ने DGCA को psychoactive-substance testing framework की समीक्षा करने को कहा है। DGCA दूसरे देशों में अपनाई जा रही testing practices का अध्ययन करेगा और देखेगा कि भारत के मौजूदा नियमों को मजबूत करने की जरूरत है या नहीं।
  2. DGCA से Dope Test Rules की समीक्षा क्यों कहा गया है?
    Air India की एक फ्लाइट में अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई गिरने के बाद कमांडिंग पायलट के confirmatory test में marijuana positive आने की रिपोर्ट सामने आई। इसी के बाद सरकार ने मौजूदा safeguards की समीक्षा का फैसला किया।
  3. Pilot Dope Test क्या होता है?
    यह जांच flight crew में psychoactive substances या प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के इस्तेमाल का पता लगाने के लिए की जाती है। Aviation safety के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पायलट उड़ान के लिए medically और mentally fit हों।
  4. Air India Pilot के Drug Test में कौन-सा Substance Positive मिला?
    रिपोर्टों के अनुसार confirmatory test में marijuana यानी cannabis का संकेत मिला। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पायलट उड़ान के समय नशे के प्रभाव में था। यह जांच का विषय है।
  5. भारत में Pilots के लिए DGCA के Drug Testing Rules क्या हैं?
    मौजूदा framework में positive test के बाद rehabilitation का प्रावधान है। दूसरी positive finding पर licence को तीन साल तक suspend किया जा सकता है, जबकि तीसरी violation पर licence cancellation की कार्रवाई हो सकती है।
  6. Pilot का Dope Test Positive आने पर क्या कार्रवाई होती है?
    Positive test के बाद संबंधित pilot को flying duties से हटाया जा सकता है और निर्धारित regulatory तथा rehabilitation प्रक्रिया अपनाई जाती है। Repeat violations पर नियमों के अनुसार ज्यादा कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
  7. क्या Dope Test Positive होने से Air India Flight incident का कारण साबित हो गया है?
    नहीं। Flight में हुई घटना के कारण का निर्धारण केवल dope test के आधार पर नहीं किया जा सकता। AAIB technical, operational, medical और human-factor evidence सहित सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।