Slovakia Highest National Award: पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत-स्लोवाकिया रिश्तों के लिए क्यों है अहम?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया है। राजधानी ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति ने उन्हें ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ प्रदान किया। यह सम्मान ऐसे विदेशी नागरिकों को दिया जाता है जिन्होंने स्लोवाकिया के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सहयोग को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।

Slovakia Highest National Award

प्रधानमंत्री मोदी की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान मिला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत और स्लोवाकिया के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों की पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है। सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित किया और स्लोवाकिया की सरकार तथा वहां के नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

क्या है ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’?

‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ स्लोवाकिया का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है। इसकी शुरुआत 1993 में हुई थी, जब स्लोवाकिया एक स्वतंत्र देश के रूप में अस्तित्व में आया। यह सम्मान मुख्य रूप से उन विदेशी नागरिकों को दिया जाता है जिन्होंने स्लोवाकिया के साथ मित्रता, सहयोग और कूटनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने में विशेष भूमिका निभाई हो।

इस सम्मान का नाम स्लोवाकिया के राष्ट्रीय प्रतीक ‘व्हाइट डबल क्रॉस’ पर रखा गया है, जो देश की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके कई वर्ग हैं और फर्स्ट क्लास को सबसे प्रतिष्ठित श्रेणियों में गिना जाता है।

 

प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान क्यों दिया गया?

स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में योगदान के लिए सम्मानित किया है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, रक्षा, नवाचार और सांस्कृतिक सहयोग में लगातार विस्तार हुआ है।

दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम किया है और हालिया यात्रा के दौरान भी कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। ऐसे में यह सम्मान दोनों देशों की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।

 

भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिला नया आयाम

ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच विस्तृत बातचीत हुई। इस बैठक के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ यानी कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप के स्तर तक ले जाने का फैसला किया।

यह निर्णय दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और भविष्य की साझेदारी को दर्शाता है। इसके साथ ही प्रवासन, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रॉबर्ट फिको को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।

 

संयुक्त प्रेस वार्ता में क्या बोले पीएम मोदी?

संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा देने का फैसला किया है। उनके अनुसार यह फैसला दोनों देशों के साझा विश्वास और भविष्य की दिशा को दर्शाता है।

उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने में स्लोवाकिया के सहयोग की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने बताया कि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ‘इंडिया चेयर’ स्थापित की जा रही है, जो तकनीकी सहयोग का नया उदाहरण होगा।

रक्षा क्षेत्र में हुए सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है और इसी दिशा में एक लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के प्राचीन उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता को दर्शाता है।

 

भारत और स्लोवाकिया के बीच कितना व्यापार होता है?

भारत और स्लोवाकिया के आर्थिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच लगभग 17 हजार करोड़ रुपये का व्यापार दर्ज किया गया।

भारत ने स्लोवाकिया को करीब 14,500 करोड़ रुपये का निर्यात किया। इसमें ऑटोमोबाइल पार्ट्स, मोबाइल फोन, टेक्सटाइल और कपड़े प्रमुख रहे। दूसरी ओर भारत स्लोवाकिया से वाहन, औद्योगिक मशीनरी, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद और प्रोसेस्ड रबर आयात करता है।

स्लोवाकिया का ऑटोमोबाइल उद्योग उसकी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश में हर साल 10 लाख से अधिक यात्री वाहनों का उत्पादन होता है। यहां वोक्सवैगन, किआ, जगुआर लैंड रोवर और वोल्वो जैसी कंपनियों की फैक्ट्रियां मौजूद हैं।

 

स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय की क्या भूमिका है?

स्लोवाकिया में 9,200 से अधिक भारतीय रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या आईटी सेवाओं, तकनीकी विकास केंद्रों और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की है।

स्लोवाकिया शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा है। इसका लाभ यह है कि यहां वैध शेंगेन वीजा रखने वाले लोग यूरोप के 26 देशों की यात्रा कर सकते हैं। यही कारण है कि भारतीय पेशेवरों के लिए यह देश आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

 

श्रमिकों की कमी से बढ़ रही विदेशी कामगारों की मांग

स्लोवाकिया की कामकाजी आबादी में हर साल 15 से 20 हजार लोगों की कमी आ रही है। इसके चलते विदेशी कामगारों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत जैसे युवा आबादी वाले देशों के लिए रोजगार और सहयोग के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

 

1993 में स्वतंत्र देश बना था स्लोवाकिया

सेंट्रल यूरोप में स्थित स्लोवाकिया का क्षेत्रफल लगभग 49,035 वर्ग किलोमीटर है और इसकी आबादी करीब 54 लाख है। इसकी राजधानी ब्रातिस्लावा है।

स्लोवाकिया पहले ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य का हिस्सा था। प्रथम विश्व युद्ध के बाद यह चेकोस्लोवाकिया का हिस्सा बना। बाद में कई राजनीतिक बदलावों और लोकतांत्रिक आंदोलनों के बाद 1993 में शांतिपूर्ण विभाजन हुआ, जिसे ‘वेलवेट डिवोर्स’ कहा जाता है। इसके बाद चेकोस्लोवाकिया दो देशों—स्लोवाकिया और चेक रिपब्लिक—में बंट गया।

 

भारत-स्लोवाकिया संबंधों के लिए क्यों अहम है यह सम्मान?

प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सम्मान केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं माना जा रहा है। ऐसे सम्मान आमतौर पर उन नेताओं को दिए जाते हैं जिन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो।

स्लोवाकिया द्वारा अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया जाना इस बात का संकेत है कि वह भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है। व्यापार, तकनीक, रक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बना सकती है।

 

FAQ

Q. Which award did PM Modi receive in Slovakia?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया गया।

 

Q. Why was the award conferred on PM Modi?

यह सम्मान भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को मजबूत बनाने तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए दिया गया।

 

Q. What is Slovakia’s highest national award?

‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ स्लोवाकिया का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान माना जाता है, जो मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों को प्रदान किया जाता है।

 

Q. How does this strengthen India-Slovakia relations?

यह सम्मान दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास, कूटनीतिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। इससे भविष्य में सहयोग के नए अवसर बढ़ सकते हैं।

 

Q. What were the key outcomes of Modi’s Slovakia visit?

यात्रा के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा दिया, 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए और रक्षा, शिक्षा, डिजिटल तकनीक तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

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