श्रीकाकुलम को मिलेगा पहला एयरपोर्ट, विरोध में उतरे किसान, जानिए क्यों?

Srikakulam Airport

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में पहली बार एयरपोर्ट बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत Srikakulam Airport Project को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि इससे निवेश, पर्यटन, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा जिले की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी। हालांकि, इस घोषणा के साथ ही किसानों और स्थानीय संगठनों का विरोध भी शुरू हो गया है। उनका कहना है कि यदि Greenfield Airport के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया, तो हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। ऐसे में यह परियोजना अब केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि विकास और खेती के बीच संतुलन की बड़ी बहस का विषय बन गई है।

 

Srikakulam Airport

पूरा मामला क्या है?

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किन्जारापु राममोहन नायडू (Kinjarapu Rammohan Naidu) ने घोषणा की है कि आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले को UDAN योजना के तहत पहला एयरपोर्ट मिलेगा। मंत्री के अनुसार प्रस्तावित Srikakulam Airport मंडासा (Mandasa) मंडल में विकसित किया जाएगा। हालांकि, भूमि अधिग्रहण और परियोजना से जुड़ी औपचारिक प्रक्रियाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं। सरकार का कहना है कि यह परियोजना जिले की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और पर्यटन, उद्योग तथा व्यापार को नई गति देगी। साथ ही भविष्य में कार्गो परिवहन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

UDAN योजना क्या है?

UDAN (Ude Desh Ka Aam Nagrik) केंद्र सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे और मध्यम शहरों को देश के हवाई नेटवर्क से जोड़ना है।

इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं-

  • छोटे शहरों तक सस्ती हवाई यात्रा उपलब्ध कराना।
  • क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देना।
  • पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहित करना।
  • नए एयरपोर्ट, हेलिपैड और एयरोड्रोम विकसित करना।

हाल ही में केंद्र सरकार ने संशोधित UDAN Scheme को अगले 10 वर्षों के लिए लगभग 29,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ मंजूरी दी है। इसके तहत देशभर में 100 नए एयरोड्रोम और 200 हेलिपैड विकसित किए जाने की योजना है।

श्रीकाकुलम में एयरपोर्ट क्यों बनाया जा रहा है?

श्रीकाकुलम आंध्र प्रदेश के उन जिलों में शामिल है, जहां अब तक कोई कमर्शियल एयरपोर्ट नहीं है। यहां के लोगों को हवाई यात्रा के लिए मुख्य रूप से विशाखापट्टनम और भुवनेश्वर जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है।

सरकार के अनुसार Srikakulam Airport Project से-

  • उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
  • पर्यटन का विस्तार होगा।
  • स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार बढ़ेगा।
  • निवेश आकर्षित होगा।
  • व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
  • क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

क्या श्रीकाकुलम में पहले कभी एयरपोर्ट था?

नहीं। श्रीकाकुलम जिले में पहले कभी कोई नियमित कमर्शियल एयरपोर्ट संचालित नहीं हुआ। कई वर्षों से यहां एयरपोर्ट बनाने की मांग की जा रही थी। वर्ष 2024 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने मंडासा और वज्रपुकोत्तूरु क्षेत्रों में संभावित भूमि का सर्वेक्षण भी किया था। अब पहली बार इस परियोजना को UDAN योजना के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।

 

Greenfield Airport क्या होता है?

Greenfield Airport वह नया हवाई अड्डा होता है, जिसे पूरी तरह नई भूमि पर शुरू से विकसित किया जाता है। यानी जहां पहले कोई एयरपोर्ट मौजूद नहीं होता। श्रीकाकुलम में प्रस्तावित एयरपोर्ट भी इसी श्रेणी की परियोजना माना जा रहा है।

 

अब तक क्याक्या हुआ?

  • वर्ष 2024 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने मंडासा और वज्रपुकोत्तूरु क्षेत्रों में संभावित भूमि का सर्वे किया।
  • केंद्र सरकार ने संशोधित UDAN योजना के माध्यम से क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने की नीति को आगे बढ़ाया।
  • केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किन्जारापु राममोहन नायडू ने श्रीकाकुलम में एयरपोर्ट विकसित करने की घोषणा की।
  • घोषणा के बाद किसानों और CPI(M) ने परियोजना का विरोध शुरू कर दिया।
  • फिलहाल भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और अंतिम स्थान से जुड़ी प्रक्रियाएं जारी हैं।

 

विरोध क्यों शुरू हुआ?

घोषणा के बाद Srikakulam Farmers Protest तेज हो गया है। विशेष रूप से CPI(M) और स्थानीय किसानों ने परियोजना का विरोध किया है। विरोध करने वालों का कहना है कि प्रस्तावित Greenfield Airport के लिए जिस क्षेत्र पर विचार किया जा रहा है, वह उद्दानम (Uddanam) क्षेत्र के करीब है। यह इलाका देश के प्रमुख काजू और नारियल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल माना जाता है। किसानों का आरोप है कि यदि बड़े पैमाने पर Land Acquisition किया गया, तो हजारों किसानों और कृषि श्रमिकों की आजीविका प्रभावित होगी।

 

उद्दानम क्षेत्र इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

उद्दानम श्रीकाकुलम की कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

इस क्षेत्र की प्रमुख विशेषताएं हैं-

  • बड़े पैमाने पर काजू उत्पादन।
  • नारियल की व्यापक खेती।
  • काजू प्रोसेसिंग उद्योग से हजारों लोगों को रोजगार।
  • बड़ी संख्या में परिवारों की खेती पर निर्भरता।

हाल ही में Uddanam Cashew को One District One Product (ODOP) के तहत राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिली है, जिससे इस क्षेत्र का आर्थिक महत्व और बढ़ गया है।

 

भूमि अधिग्रहण को लेकर क्या चिंता है?

परियोजना का सबसे बड़ा विवाद Land Acquisition को लेकर है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया, तो-

  • किसानों की आय प्रभावित होगी।
  • कृषि आधारित उद्योगों पर असर पड़ेगा।
  • ग्रामीण रोजगार कम हो सकता है।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है।

हालांकि, सरकार की ओर से अभी अंतिम भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और न ही अंतिम स्थान की औपचारिक घोषणा की गई है।

 

सरकार का पक्ष क्या है?

केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू के अनुसार Srikakulam Airport Project जिले के विकास के लिए आवश्यक है।

सरकार का मानना है कि-

  • एयरपोर्ट बनने से निवेश बढ़ेगा।
  • पर्यटन को नई गति मिलेगी।
  • उद्योगों का विस्तार होगा।
  • युवाओं को रोजगार मिलेगा।
  • भविष्य में क्षेत्र को एक मजबूत Andhra Pradesh Airport नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा।

सरकार इसे दीर्घकालिक Andhra Pradesh Infrastructure विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बता रही है।

 

किसानों और स्थानीय लोगों की मांग क्या है?

विरोध कर रहे किसानों और स्थानीय संगठनों की प्रमुख मांगें हैं-

  • उपजाऊ कृषि भूमि को बचाया जाए।
  • वैकल्पिक स्थान पर एयरपोर्ट बनाया जाए।
  • किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण न किया जाए।
  • परियोजना से पहले व्यापक जनसुनवाई कराई जाए।
  • किसानों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।

 

पलासा कार्गो एयरपोर्ट और टेक्कली एयरपोर्ट की चर्चा क्यों हो रही है?

पिछले कुछ वर्षों में श्रीकाकुलम क्षेत्र में Palasa Cargo Airport और Tekkali Airport जैसे प्रस्तावों को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है। हालांकि, इनमें से किसी भी परियोजना को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी। फिलहाल केंद्र सरकार UDAN योजना के तहत Srikakulam Airport Project को आगे बढ़ा रही है। अन्य प्रस्तावों पर अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।

 

अभी स्थिति क्या है?

फिलहाल सरकार ने परियोजना की घोषणा की है। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और अंतिम स्थान से जुड़ी प्रक्रियाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं। दूसरी ओर, स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो चुका है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि सरकार मौजूदा प्रस्ताव पर आगे बढ़ती है या स्थानीय आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए परियोजना में कोई बदलाव करती है।

 

निष्कर्ष

Srikakulam Airport Project केवल एक नए Andhra Pradesh Airport के निर्माण की योजना नहीं है। यह परियोजना विकास, निवेश, पर्यटन, उद्योग और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की उम्मीद लेकर आई है। वहीं दूसरी ओर, किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास की कीमत उपजाऊ कृषि भूमि और उनकी आजीविका के रूप में नहीं चुकाई जानी चाहिए। फिलहाल यह परियोजना शुरुआती चरण में है। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और स्थानीय सहमति जैसे मुद्दे आने वाले समय में इसकी दिशा तय करेंगे। यानी, श्रीकाकुलम एयरपोर्ट परियोजना अब केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं रह गई है, बल्कि यह विकास और किसानों की आजीविका के बीच संतुलन की भी एक बड़ी परीक्षा बन गई है।

FAQs:

यह केंद्र सरकार की UDAN योजना के तहत प्रस्तावित Srikakulam Airport Project है, जिसका उद्देश्य श्रीकाकुलम जिले को पहली बार हवाई संपर्क प्रदान करना है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के अनुसार प्रस्तावित एयरपोर्ट मंडासा (Mandasa) मंडल में विकसित किया जाएगा। हालांकि, भूमि अधिग्रहण और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं अभी जारी हैं।

किसानों का कहना है कि संभावित Land Acquisition से उपजाऊ कृषि भूमि और हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

सरकार ने अभी अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का अंतिम आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया है। भूमि चयन और अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

फिलहाल सरकार की ओर से स्थान बदलने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, स्थानीय लोग वैकल्पिक स्थान की मांग कर रहे हैं।

सरकार के अनुसार इस परियोजना से बेहतर हवाई संपर्क, निवेश, पर्यटन, उद्योग, व्यापार और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे श्रीकाकुलम के समग्र आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

नहीं। श्रीकाकुलम जिले में अब तक कोई नियमित कमर्शियल एयरपोर्ट संचालित नहीं हुआ है। यही कारण है कि यहां के लोगों को हवाई यात्रा के लिए मुख्य रूप से विशाखापट्टनम और भुवनेश्वर जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई वर्षों से यहां एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी और अब पहली बार इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।