16 राज्यों और 3 UTs में शुरू होगा SIR का तीसरा चरण, जानें आपका नाम कटेगा या रहेगा सुरक्षित

चुनाव आयोग ने देश में वोटर लिस्ट को अपडेट और जांचने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की। यह इस प्रक्रिया का तीसरा चरण होगा।

इस चरण के तहत हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, मणिपुर समेत कई बड़े राज्यों में वोटर लिस्ट की पूरी जांच की जाएगी। पूरी प्रक्रिया 30 मई से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया जाएगा।

 

क्या है SIR और क्यों जरूरी माना जा रहा है?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें वोटर लिस्ट को पूरी तरह से जांचा और अपडेट किया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि लिस्ट में केवल सही और पात्र मतदाताओं के नाम ही हों।

चुनाव आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है क्योंकि कई बार वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट नाम, गलत जानकारी या मृत व्यक्तियों के नाम रह जाते हैं।

भारत में यह प्रक्रिया करीब 21 साल बाद बड़े स्तर पर की जा रही है। इससे पहले ऐसा देशव्यापी अभियान 2002 से 2004 के बीच चलाया गया था।

third phase of SIR will begin in 16 states and 3 UTs

कितने राज्यों में होगा यह तीसरा चरण?

इस तीसरे चरण में 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल किए गए हैं। इनमें वे राज्य भी हैं जहां आने वाले वर्षों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल चुनाव प्रस्तावित हैं। वहीं कुछ राज्यों जैसे महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा और ओडिशा में 2028 और 2029 में चुनाव होने हैं। दिल्ली में यह प्रक्रिया 2030 तक जुड़े चुनावी ढांचे को ध्यान में रखकर की जा रही है।

कितने लोग होंगे शामिल?

चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी की है। इसके लिए लगभग 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तैनात किए जाएंगे।

इनकी मदद के लिए 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी लगाए जाएंगे, जिन्हें राजनीतिक दलों द्वारा नामित किया जाता है। ये एजेंट घर-घर जाकर वोटर लिस्ट की जांच और सुधार में मदद करेंगे।

 

पहले दो चरणों में क्या हुआ?

चुनाव आयोग ने बताया कि पहले दो चरणों में देश के 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर किए जा चुके हैं। इन चरणों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं की जांच की गई थी।

इस दौरान 6 लाख से ज्यादा BLO और 9 लाख से ज्यादा BLA इस प्रक्रिया में शामिल रहे। आयोग का दावा है कि इससे वोटर लिस्ट की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और गलत नामों को हटाया गया है।

 

किन राज्यों में आगे चुनाव होंगे?

SIR के तहत शामिल राज्यों की चुनाव समयरेखा भी सामने आई है।

  • 2027: मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड
  • 2028: कर्नाटक, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा, तेलंगाना
  • 2029: आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, ओडिशा, सिक्किम, झारखंड
  • 2030: दिल्ली

चंडीगढ़, दादरा नगर हवेली और दमन-दीव में विधानसभा चुनाव नहीं होते, इसलिए इन्हें इस सूची से अलग रखा गया है।

किन राज्यों में पूरी प्रक्रिया खत्म होगी?

तीसरे चरण के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर देश के लगभग सभी हिस्सों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इन तीन क्षेत्रों में मौसम और अन्य प्रशासनिक कारणों से बाद में प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 

चुनाव आयोग का बड़ा दावा

चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का मकसद चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाना है। आयोग के मुताबिक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी योग्य मतदाता वोट देने से वंचित न रहे और किसी फर्जी या गलत नाम को सूची में जगह न मिले।

 

राजनीतिक महत्व भी बढ़ा

इस प्रक्रिया को सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। क्योंकि यह सीधे वोटर सूची से जुड़ा मामला है, जिसका असर आने वाले चुनावों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब इतने बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट अपडेट होती है, तो कई जगहों पर नए मतदाता जुड़ते हैं और कुछ पुराने नाम हटाए जाते हैं, जिससे चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं।