क्या अमेरिका में छपेगा ट्रम्प का $250 नोट? 150 साल पुराना नियम बदलने की तैयारी से मचा सियासी तूफान

अमेरिका में इन दिनों एक नया राजनीतिक और कानूनी विवाद तेजी से चर्चा में है। मामला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 डॉलर के नए नोट से जुड़ा है। अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ऐसे नोट के डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगर यह प्रस्ताव कानून बन जाता है, तो ट्रम्प 150 साल से ज्यादा समय बाद ऐसे पहले जीवित व्यक्ति होंगे जिनकी तस्वीर अमेरिकी करेंसी पर दिखाई दे सकती है।

हालांकि अभी यह केवल शुरुआती तैयारी मानी जा रही है, लेकिन इस खबर ने अमेरिका की राजनीति, कानूनी व्यवस्था और सरकारी संस्थानों में बड़ी बहस छेड़ दी है।

 

आखिर क्यों लाया गया 250 डॉलर के नोट का प्रस्ताव?

अमेरिका अगले साल अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। इसी मौके को यादगार बनाने के लिए रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने एक बिल पेश किया है। इस बिल में मांग की गई है कि 250 डॉलर का एक विशेष नोट जारी किया जाए, जिस पर राष्ट्रपति ट्रम्प की तस्वीर हो।

दावा किया जा रहा है कि यह नोट अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ और ट्रम्प के राजनीतिक प्रभाव को सम्मान देने के लिए तैयार किया जा रहा है।

ट्रेजरी विभाग की एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि विभाग इस प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए जरूरी तैयारी और जांच कर रहा है। इसी के तहत कुछ डिजाइन नमूने भी बनाए गए हैं।

 

डिजाइन में कैसी दिख रही है ट्रम्प की तस्वीर?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तैयार किए गए डिजाइन में ट्रम्प की तस्वीर नोट के बीच में रखी गई है। नोट के बाईं तरफ ट्रम्प के हस्ताक्षर और दाईं तरफ ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षर दिखाई देते हैं।

इस डिजाइन को ब्रिटिश कलाकार इयान अलेक्जेंडर ने तैयार किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने खुद इन डिजाइन को मंजूरी दी है।

हालांकि ट्रेजरी विभाग ने साफ कहा है कि यह केवल शुरुआती योजना का हिस्सा है और कांग्रेस की मंजूरी के बिना नोट छापने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी।

 

सबसे बड़ी रुकावट बना 1866 का कानून

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चुनौती अमेरिकी कानून है। अमेरिका में 1866 से एक नियम लागू है, जिसके अनुसार किसी भी जीवित व्यक्ति की तस्वीर अमेरिकी मुद्रा पर नहीं लगाई जा सकती।

यह नियम उस समय बनाया गया था जब ट्रेजरी विभाग के अधिकारी स्पेंसर क्लार्क ने खुद की तस्वीर नोटों पर लगवा दी थी। इसके बाद कांग्रेस ने सख्त कानून बनाकर जीवित लोगों की तस्वीरें करेंसी पर लगाने पर रोक लगा दी।

अब ट्रम्प के समर्थन में लाया गया नया बिल इसी पुराने नियम को बदलने की कोशिश कर रहा है।

 

कांग्रेस में फंसा हुआ है प्रस्ताव

रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन द्वारा पेश किया गया यह बिल पिछले एक साल से हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी में अटका हुआ है। अभी तक इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है।

अगर यह बिल आगे बढ़ता भी है, तो अमेरिकी सीनेट में इसे पास कराने के लिए 60 वोटों की जरूरत पड़ेगी। वहां डेमोक्रेटिक पार्टी इसका विरोध कर सकती है।

यही वजह है कि कई राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि 250 डॉलर का ट्रम्प नोट फिलहाल केवल एक राजनीतिक संदेश ज्यादा है, जबकि इसके वास्तविक रूप से लागू होने की संभावना कम दिखाई देती है।

Trump $250 note be printed in the US

ट्रम्प समर्थकों का क्या कहना है?

रिपब्लिकन नेताओं और ट्रम्प समर्थकों का कहना है कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर ऐसा नोट जारी करना ऐतिहासिक कदम होगा।

जो विल्सन ने कहा कि वह ट्रम्प की विरासत और अमेरिका की उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। उनके अनुसार ट्रम्प ने अमेरिका को मजबूत नेतृत्व दिया और यह नोट उसी का प्रतीक होगा।

ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी कहा कि उन्हें इसमें कुछ गलत नहीं लगता। उनका कहना है कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति की तस्वीर वाला विशेष नोट बनाना असामान्य नहीं होना चाहिए।

 

विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल

डेमोक्रेटिक पार्टी और कई आलोचकों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे अमेरिकी परंपरा और कानून दोनों कमजोर होंगे।

कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि ट्रम्प अपनी छवि को सरकारी संस्थानों और राष्ट्रीय प्रतीकों पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं।

विपक्ष का यह भी कहना है कि अगर किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर नोट पर लगती है, तो भविष्य में दूसरे नेता भी ऐसा करने की मांग कर सकते हैं, जिससे अमेरिकी मुद्रा राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन जाएगी।

 

केवल नोट ही नहीं, सिक्कों पर भी ट्रम्प की तैयारी

यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प की तस्वीर अमेरिकी मुद्रा से जोड़ने की कोशिश हुई हो। इससे पहले ट्रेजरी विभाग ने ट्रम्प की तस्वीर वाले 1 डॉलर के विशेष सिक्के और 24 कैरेट सोने के स्मारक सिक्के तैयार करने की योजना भी घोषित की थी।

इन सिक्कों को अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के जश्न से जोड़ा गया है। खास बात यह है कि स्मारक सिक्कों पर जीवित व्यक्ति की तस्वीर लगाने पर कानूनी रोक नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन डिजाइन को फाइन आर्ट्स कमीशन ने मंजूरी दी है। इस बोर्ड के सदस्य ट्रम्प द्वारा चुने गए थे।

 

करेंसी पर राष्ट्रपति की तस्वीर का इतिहास

अमेरिका में करेंसी पर आमतौर पर ऐसे नेताओं की तस्वीरें लगाई जाती हैं जिनका निधन हो चुका हो। जॉर्ज वॉशिंगटन, अब्राहम लिंकन और बेंजामिन फ्रैंकलिन जैसे ऐतिहासिक चेहरों को नोटों पर जगह मिली है।

हालांकि इतिहास में एक बार जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्के पर दिखाई गई थी। 1926 में राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर अमेरिका की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी किए गए विशेष सिक्के पर लगाई गई थी।

लेकिन नियमित चलन वाली मुद्रा पर किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर पिछले डेढ़ सौ साल में नहीं दिखाई गई।

 

ट्रम्प के हस्ताक्षर भी होंगे नए नोटों पर

मार्च में ट्रेजरी विभाग ने यह भी घोषणा की थी कि जून से छपने वाले नए 100 डॉलर नोटों पर ट्रम्प के हस्ताक्षर जोड़े जाएंगे।

यह भी अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर नियमित अमेरिकी करेंसी पर दिखाई देंगे।

सरकार का कहना है कि यह कदम भी अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के कार्यक्रमों का हिस्सा है।

 

क्या सच में बाजार में आएगा यह नोट?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कांग्रेस मंजूरी भी दे दे, तब भी नया नोट जारी करने में कई साल लग सकते हैं। अमेरिकी ब्यूरो ऑफ एनग्रेविंग एंड प्रिंटिंग के अनुसार किसी भी नई करेंसी को तैयार करने से पहले लंबी जांच, सुरक्षा परीक्षण और डिजाइन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

नोट का अंतिम डिजाइन सार्वजनिक करने से पहले भी कई महीने की तैयारी जरूरी होती है।

यानी फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि ट्रम्प की तस्वीर वाला 250 डॉलर का नोट कभी आम लोगों तक पहुंचेगा भी या नहीं।

 

अमेरिका में बढ़ी राजनीतिक बहस

इस पूरे विवाद ने अमेरिका में एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ ट्रम्प समर्थक इसे राष्ट्रवाद और सम्मान का प्रतीक बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ विरोधी इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ मान रहे हैं।

अब सबकी नजर कांग्रेस पर टिकी है। अगर बिल आगे बढ़ता है, तो आने वाले महीनों में यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति का बड़ा चुनावी हथियार भी बन सकता है।