America First Or Family: अमेरिका-कजाकिस्तान टंगस्टन डील विवाद में क्यों घिरा ट्रम्प परिवार – जानिए क्या है पूरा विवाद? 

America First Or Family

America First Or Family: अमेरिका की “America First” नीति एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। इस बार मामला कजाकिस्तान के विशाल टंगस्टन (Tungsten) भंडार से जुड़ी एक बड़ी खनन परियोजना का है। यह प्रोजेक्ट अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि टंगस्टन का इस्तेमाल मिसाइलों, फाइटर जेट, सेमीकंडक्टर, रक्षा उपकरणों और कई अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों में होता है। लेकिन इस डील के सामने आने के बाद यह आरोप लगने लगे हैं कि सरकारी स्तर पर हुई बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के परिवारों से जुड़ी कंपनियों ने भी इस परियोजना में वित्तीय हिस्सेदारी ले ली। इसी वजह से यह मामला अब केवल खनन परियोजना नहीं बल्कि हितों के टकराव (Conflict of Interest) की बहस बन गया है।

कजाकिस्तान की टंगस्टन डील क्या है?

अमेरिका और कजाकिस्तान के बीच हुए इस समझौते के तहत Kaz Resources को दुनिया के सबसे बड़े अविकसित टंगस्टन भंडारों में से एक विकसित करने का अधिकार मिला है। कंपनी का अनुमान है कि भविष्य में यह खदान हर साल करीब 12 हजार मीट्रिक टन टंगस्टन का उत्पादन कर सकती है, जो लगभग अमेरिका के पूरे साल के आयात के बराबर है।

अमेरिका लंबे समय से चीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है। चीन इस समय वैश्विक टंगस्टन बाजार पर मजबूत पकड़ रखता है और हाल के वर्षों में उसने कई महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण भी कड़ा किया है। ऐसे में कजाकिस्तान का यह प्रोजेक्ट अमेरिका की रणनीतिक और आर्थिक नीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

यह डील कैसे हुई?

रिपोर्ट्स के मुताबिक सितंबर 2025 में न्यूयॉर्क के सेंट रेजिस होटल में अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव के बीच अहम बैठक हुई। बताया गया कि इस बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी फोन पर बातचीत में शामिल हुए और उन्होंने कई महीनों से चल रही बातचीत को अंतिम रूप देने में मदद की।

इसके बाद 6 नवंबर 2025 को वॉशिंगटन में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए। इससे पहले ट्रम्प प्रशासन इस परियोजना को 1.6 अरब डॉलर तक की संघीय वित्तीय सहायता (Federal Financing) देने की तैयारी कर चुका था। हालांकि यह फंडिंग अभी अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में है और पैसा जारी नहीं हुआ है।

विवाद क्यों शुरू हुआ?

विवाद तब शुरू हुआ जब The New York Times ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि सरकारी बातचीत और समझौते के दौरान ट्रम्प और लुटनिक परिवारों से जुड़ी कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े कारोबार में निवेश किया।

रिपोर्ट के अनुसार Dominari Securities, जो Trump Tower से संचालित एक निवेश कंपनी है और जिसमें Donald Trump Jr. तथा Eric Trump की हिस्सेदारी बताई जाती है, उसने अन्य निवेशकों के साथ मिलकर कजाकिस्तान परियोजना से जुड़ी कंपनी में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।

इसी दौरान Cantor Fitzgerald, जो पहले हॉवर्ड लुटनिक के नेतृत्व में थी और अब उनके बेटों Brandon और Kyle Lutnick से जुड़ी बताई जाती है, ने इस परियोजना के प्रमुख निवेशकों में शामिल ASP Isotopes के लिए करीब 210 मिलियन डॉलर की नई पूंजी जुटाने में मदद की। ऐसे सौदों से निवेश बैंकों को करोड़ों डॉलर की फीस मिलने की संभावना रहती है।

यही वजह है कि आलोचक सवाल उठा रहे हैं कि जब अमेरिकी सरकार किसी रणनीतिक परियोजना को आगे बढ़ा रही थी, उसी समय सत्ता से जुड़े परिवारों की कंपनियां भी उसी प्रोजेक्ट में निवेश क्यों कर रही थीं।

ट्रम्प परिवार का क्या संबंध बताया जा रहा है?

रिपोर्ट्स के अनुसार Donald Trump Jr. और Eric Trump का संबंध Dominari Securities के माध्यम से इस परियोजना से जुड़ा हुआ है। बताया गया कि यह कंपनी Kaz Resources से जुड़े कॉर्पोरेट ढांचे में निवेश कर चुकी है और आगे चलकर बनने वाली संयुक्त कंपनी Kaz Resources Inc. का हिस्सा बन सकती है।

Image: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, साउथ आयरशायर में अपने नए रूप में तैयार किए गए ट्रंप टर्नबेरी गोल्फ़ कोर्स पर अपने बेटों एरिक (बाएं) और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ।

हालांकि Eric Trump ने कहा है कि वे केवल Passive Investor हैं और परियोजना के प्रबंधन या फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं है। Donald Trump Jr. ने भी कहा कि वे इस डील के संचालन में शामिल नहीं थे।

हॉवर्ड लुटनिक परिवार का कनेक्शन क्या है?

हॉवर्ड लुटनिक इस समय अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हैं। वे पहले Cantor Fitzgerald के प्रमुख रह चुके हैं। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि मंत्री बनने से पहले उन्होंने अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी और उन्होंने या उनके विभाग ने इस परियोजना की सरकारी फंडिंग को लेकर Cantor Fitzgerald से कोई बातचीत नहीं की।

Image : 2013 में ब्रैंडन लटनिक, हॉवर्ड लटनिक और काइल लटनिक, एक्ट्रेस और मॉडल जेनी मैकार्थी के साथ।

Cantor Fitzgerald ने भी कहा कि कंपनी ने सरकार की ओर से किसी फंडिंग फैसले को प्रभावित नहीं किया। फिर भी आलोचकों का कहना है कि सत्ता से जुड़े परिवारों और निजी निवेश के बीच इतनी नजदीकी अपने आप में कई सवाल खड़े करती है।

 

व्हाइट हाउस ने क्या कहा?

व्हाइट हाउस ने सभी आरोपों को खारिज किया है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता Kush Desai ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन का हर फैसला केवल अमेरिकी जनता और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर लिया जाता है।

उनके मुताबिक अमेरिका की प्राथमिकता अपनी Critical Supply Chain को सुरक्षित बनाना है और यह परियोजना उसी रणनीति का हिस्सा है। वाणिज्य विभाग ने भी दोहराया कि हॉवर्ड लुटनिक का इस निवेश से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

 

परियोजना से जुड़े कारोबारियों का पक्ष

Kaz Resources के Executive Chairman Pini Althaus ने कहा कि इस परियोजना पर अमेरिकी सरकार से बातचीत ट्रम्प प्रशासन से पहले बाइडेन प्रशासन के दौरान ही शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि परियोजना को किसी राजनीतिक प्रभाव से आगे नहीं बढ़ाया गया।

उन्होंने यह भी माना कि ट्रम्प परिवार से जुड़े निवेश को देखकर लोगों के मन में सवाल उठ सकते हैं, लेकिन उनका दावा है कि इसका सरकारी बातचीत या फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ा।

ब्रिटिश निवेशक Paul Mann ने भी कहा कि परियोजना का उद्देश्य अमेरिका को महत्वपूर्ण खनिज उपलब्ध कराना है और इसमें किसी तरह का हितों का टकराव नहीं है।

 

डेमोक्रेट्स जांच की मांग क्यों कर रहे हैं?

डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने इस मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर सरकार किसी परियोजना को अरबों डॉलर की सहायता देने की तैयारी कर रही है और उसी दौरान सत्ता से जुड़े परिवारों की कंपनियां उसमें निवेश कर रही हैं, तो इसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

डेमोक्रेट सांसद Maxine Dexter ने कहा कि कांग्रेस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि करदाताओं का पैसा केवल राष्ट्रीय हित के लिए इस्तेमाल हो, न कि सत्ता से जुड़े परिवारों या उनके व्यावसायिक साझेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए।

रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प या लुटनिक परिवारों से जुड़ी कंपनियों के वित्तीय हित ऐसे कम से कम 14 खनन प्रोजेक्ट्स में बताए गए हैं, जिन्हें अमेरिकी सरकार से 8.9 अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग, लोन या नियामकीय मंजूरी मिली है या मिलने की प्रक्रिया में है।

 

टंगस्टन अमेरिका के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

टंगस्टन दुनिया की सबसे मजबूत धातुओं में से एक है। यह अत्यधिक तापमान और दबाव को सहन कर सकता है। इसी वजह से इसका उपयोग मिसाइलों, फाइटर जेट, बख्तरबंद हथियारों, सेमीकंडक्टर, ड्रिलिंग उपकरण और कई रक्षा प्रणालियों में किया जाता है।

चूंकि चीन इस क्षेत्र में सबसे बड़ा उत्पादक है, इसलिए अमेरिका लंबे समय से वैकल्पिक स्रोत विकसित करने की कोशिश कर रहा है। कजाकिस्तान का यह प्रोजेक्ट उसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

 

निष्कर्ष

कजाकिस्तान की टंगस्टन परियोजना अमेरिका के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है क्योंकि इससे चीन पर निर्भरता कम करने और रक्षा उद्योग के लिए आवश्यक खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। लेकिन इस परियोजना के दौरान ट्रम्प और लुटनिक परिवारों से जुड़ी कंपनियों के निवेश सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया है।

व्हाइट हाउस, वाणिज्य विभाग और परियोजना से जुड़े कारोबारी किसी भी तरह के हितों के टकराव से इनकार कर रहे हैं। वहीं विपक्ष और कई विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय हित से जुड़े फैसलों में निजी व्यावसायिक हितों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। फिलहाल इस परियोजना को मिलने वाली 1.6 अरब डॉलर की सरकारी सहायता को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और खदान का निर्माण भी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में आने वाले समय में इस पूरे मामले पर राजनीतिक और कानूनी जांच और तेज होने की संभावना है।

FAQs:

यह विवाद कजाकिस्तान की टंगस्टन परियोजना से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि सरकारी बातचीत के दौरान ट्रम्प और लुटनिक परिवारों से जुड़ी कंपनियों ने भी वित्तीय लाभ की स्थिति बना ली।

क्योंकि इससे अमेरिका को रक्षा और सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए जरूरी टंगस्टन मिलेगा और चीन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार Donald Trump Jr. और Eric Trump से जुड़ी निवेश कंपनी Dominari Securities ने परियोजना से जुड़े कॉर्पोरेट ढांचे में हिस्सेदारी हासिल की है।

वे कांग्रेस से जांच की मांग कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सरकारी सहायता और निजी निवेश के बीच कहीं हितों का टकराव तो नहीं हुआ।

नहीं। प्रस्तावित फंडिंग को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और सरकारी सहायता जारी नहीं की गई है।