भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के वनडे करियर को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI की सीनियर चयन समिति ने रोहित को बता दिया है कि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज के बाद टीम प्रबंधन भविष्य की योजनाओं में युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता देना चाहता है। ऐसे में 19 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा का भारत के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है।
हालांकि इस मामले में अभी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि न तो BCCI और न ही रोहित शर्मा ने उनके वनडे संन्यास या टीम से बाहर किए जाने की आधिकारिक घोषणा की है। फिलहाल यह पूरा मामला मीडिया रिपोर्ट्स और बोर्ड से जुड़े अज्ञात सूत्रों के दावों पर आधारित है। इसलिए लॉर्ड्स वनडे को रोहित का निश्चित रूप से आखिरी मैच कहना जल्दबाजी होगी।

चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड दौरे के बाद आगे बढ़ने के दिए संकेत
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार BCCI की सीनियर चयन समिति ने पिछले सप्ताह रोहित शर्मा और भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर से उनके वनडे भविष्य को लेकर बातचीत की थी। चयनकर्ताओं ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि वे इंग्लैंड सीरीज के बाद रोहित से आगे बढ़ना चाहते हैं और 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों में युवा सलामी बल्लेबाजों को अवसर देना उनकी प्राथमिकता है।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि चयन समिति रोहित को 2027 विश्व कप की अपनी योजना का हिस्सा नहीं मान रही है। रोहित अभी वनडे क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते हैं, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि उन्होंने अपनी फिटनेस पर काफी काम किया है। चयनकर्ताओं ने अंतिम फैसला उनके ऊपर छोड़ते हुए संकेत दिया है कि यदि वह संन्यास नहीं लेते हैं, तब भी आगे की टीमों में उनका चयन निश्चित नहीं रहेगा।
BCCI अधिकारियों से बातचीत के बाद खुश नहीं थे रोहित
रिपोर्ट के मुताबिक रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज के दौरान BCCI के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से भी बातचीत की। वह चयनकर्ताओं के रुख और बोर्ड अधिकारियों से मिले जवाब से संतुष्ट नहीं थे।
इसका अर्थ यह नहीं है कि कोई औपचारिक विवाद या टकराव हो चुका है। अभी तक रोहित या बोर्ड की ओर से बैठक की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए उनके नाराज होने की बात को भी आधिकारिक बयान के बजाय रिपोर्टेड जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
यह मामला सामान्य चयन बैठक से अलग इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि रोहित पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वनडे अब एकमात्र अंतरराष्ट्रीय प्रारूप है, जिसमें वह भारत के लिए खेल रहे हैं। यदि उन्हें आगे वनडे टीम में नहीं चुना जाता, तो उनका अंतरराष्ट्रीय करियर स्वतः समाप्त होने की स्थिति में पहुंच सकता है।

लॉर्ड्स में खेला जा सकता है आखिरी मुकाबला
भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला रविवार, 19 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स में खेला जाना है। शुरुआती दो मैचों के बाद सीरीज 1-1 से बराबर है। ऐसे में यह मुकाबला सीरीज के नतीजे के साथ-साथ रोहित शर्मा के भविष्य के कारण भी खास बन गया है।
द इंडियन एक्सप्रेस ने संभावना जताई है कि यह रोहित का भारत के लिए आखिरी मैच हो सकता है। हालांकि चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से हटाने का कोई सार्वजनिक आदेश जारी नहीं किया है और रोहित ने भी संन्यास की घोषणा नहीं की है। इसलिए उनके भविष्य पर अंतिम तस्वीर लॉर्ड्स वनडे के बाद ही साफ होने की संभावना है।
इंग्लैंड दौरे में नहीं चला रोहित का बल्ला
रोहित शर्मा का इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे दौरा अब तक निराशाजनक रहा है। वह पहले मुकाबले में केवल 11 रन बना सके। कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में उन्होंने 47 गेंदों पर 26 रन बनाए। उनकी पारी में वह सामान्य आक्रामकता दिखाई नहीं दी, जिसके लिए रोहित जाने जाते हैं।
इंग्लैंड ने दूसरा वनडे चार विकेट से जीतकर सीरीज बराबर कर ली। इसी मुकाबले के बाद रोहित की बल्लेबाजी और उनके भविष्य को लेकर सवाल और तेज हो गए। वह पिछले 11 वनडे मैचों से शतक नहीं लगा पाए हैं।
भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने हालांकि रोहित का बचाव किया। उन्होंने कहा कि रोहित जैसे बड़े खिलाड़ी पर दो मैचों में रन नहीं बनाने से दबाव नहीं आता। कोटक के मुताबिक कार्डिफ में रोहित को अपनी पसंद की गेंदें नहीं मिलीं और वह लय हासिल नहीं कर सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि लॉर्ड्स में रोहित की बिल्कुल अलग पारी देखने को मिल सकती है।
हालिया प्रदर्शन पूरी तरह खराब नहीं रहा
इंग्लैंड दौरे में रोहित का बल्ला शांत रहा है, लेकिन इससे पहले उनके वनडे आंकड़े पूरी तरह निराशाजनक नहीं थे। अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में उन्होंने तीन मैचों में 143 रन बनाए थे। उनका औसत 47.66 रहा और उन्होंने एक अर्धशतक भी लगाया।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीन मैचों की वनडे सीरीज में रोहित ने 202 रन बनाए थे और वह सीरीज के सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्होंने तीन मैचों में 146 रन बनाए।
इन प्रदर्शनों के कारण यह कहना सही नहीं होगा कि रोहित लंबे समय से लगातार असफल रहे हैं। चयनकर्ताओं की चिंता केवल मौजूदा फॉर्म तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि उनकी उम्र, 2027 वर्ल्ड कप तक उपलब्धता, फिटनेस और युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की जरूरत भी इसका हिस्सा हो सकती है।
2027 वर्ल्ड कप तक 40 वर्ष से अधिक होगी उम्र
रोहित शर्मा अप्रैल 2026 में 39 वर्ष के हो चुके हैं। 2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित होना है। तब उनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक होगी।
भारतीय टीम प्रबंधन को अगले विश्व कप से पहले सलामी बल्लेबाजी का स्थायी संयोजन तैयार करना होगा। रोहित का अनुभव और वनडे रिकॉर्ड उनके पक्ष में है, लेकिन चयनकर्ताओं के सामने यह भी सवाल है कि क्या वह अगले डेढ़ वर्ष तक फिटनेस, फॉर्म और लगातार खेलने की क्षमता बनाए रख पाएंगे।
विश्व कप की परिस्थितियां भी अहम होंगी। दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल वाली पिचों पर भारत को ऐसे सलामी बल्लेबाजों की जरूरत होगी, जो नई गेंद के खिलाफ टिकने के साथ आक्रामक शुरुआत भी दे सकें। चयन समिति इसी कारण युवा विकल्पों को पर्याप्त मैच देने की योजना बना सकती है।
यशस्वी जायसवाल को माना जा रहा प्रमुख उत्तराधिकारी
युवा बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal को रोहित शर्मा के दीर्घकालिक उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में मौका मिलने पर चेन्नई में खेले गए तीसरे मैच में नाबाद 110 रन बनाए थे।
इसके बावजूद यशस्वी को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की टीम में शामिल नहीं किया गया। रिपोर्टों के अनुसार चयनकर्ता अब उन्हें नियमित रूप से अवसर देकर 2027 विश्व कप के लिए तैयार करना चाहते हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भी कहा गया कि चयन समिति रोहित की जगह यशस्वी जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका देने के पक्ष में है।
भारत के पास सलामी बल्लेबाजी के लिए शुभमन गिल भी मौजूद हैं, जो अब वनडे टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं। ऐसे में भविष्य में गिल और यशस्वी की बाएं-दाएं हाथ की जोड़ी को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि टीम संयोजन परिस्थितियों, प्रदर्शन और दूसरे खिलाड़ियों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
शुभमन गिल को पहले ही सौंपी जा चुकी है कप्तानी
रोहित शर्मा को पिछले वर्ष वनडे कप्तानी से हटाकर शुभमन गिल को टीम की कमान सौंप दी गई थी। यह बदलाव उस समय भारतीय टीम के भविष्य की तैयारी के रूप में देखा गया था।
चयन समिति और टीम प्रबंधन अब केवल कप्तानी ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी क्रम में भी पीढ़ीगत बदलाव की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। रोहित की जगह युवा सलामी बल्लेबाज को स्थायी अवसर देना इसी प्रक्रिया का अगला कदम हो सकता है।
हालांकि कप्तानी से हटाया जाना और टीम से बाहर किया जाना दो अलग फैसले हैं। रोहित ने कप्तानी छोड़ने के बाद भी बल्ले से उपयोगी प्रदर्शन किया था। इसलिए उनके चयन का अंतिम आधार अनुभव के साथ मौजूदा प्रदर्शन और विश्व कप की रणनीति ही होना चाहिए।
2023 वर्ल्ड कप में भारत को फाइनल तक पहुंचाया
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 2023 का वनडे वर्ल्ड कप शानदार तरीके से खेला था। टीम लगातार दस मैच जीतकर फाइनल में पहुंची थी, लेकिन अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार गई।
उस टूर्नामेंट में रोहित ने शीर्ष क्रम से बेहद आक्रामक बल्लेबाजी की। उनकी तेज शुरुआत ने विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल जैसे बल्लेबाजों को पारी संभालने का समय दिया। भारत का बल्लेबाजी तरीका काफी हद तक रोहित की आक्रामक सोच पर आधारित था।
रोहित ने अपनी कप्तानी में भारत को मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी दिलाया। इससे पहले उनके नेतृत्व में भारत ने 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीता था। टी20 विश्व कप जीतने के कुछ ही घंटे बाद उन्होंने इस प्रारूप से संन्यास की घोषणा कर दी थी।
वनडे वर्ल्ड कप जीतने का सपना अब भी अधूरा
रोहित शर्मा अपने लंबे करियर में भारत की वनडे वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा नहीं बन सके हैं। वर्ष 2011 में भारत ने घरेलू मैदान पर विश्व कप जीता था, लेकिन रोहित को उस टीम में जगह नहीं मिली थी।
इसके बाद वह 2015 और 2019 विश्व कप में भारतीय टीम के प्रमुख बल्लेबाज रहे, लेकिन दोनों बार भारत सेमीफाइनल में हार गया। वर्ष 2023 में उनकी कप्तानी में टीम फाइनल तक पहुंची, जहां ऑस्ट्रेलिया ने भारत का सपना तोड़ दिया।
यही कारण है कि रोहित कथित तौर पर 2027 विश्व कप तक खेलना चाहते हैं। यह उनके लिए वनडे विश्व कप जीतने का आखिरी अवसर हो सकता है। चयनकर्ताओं का आगे बढ़ने का फैसला उनके इस व्यक्तिगत लक्ष्य को मुश्किल बना सकता है।
आंकड़े बनाते हैं भारत के महानतम वनडे बल्लेबाजों में शामिल
रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे तक 287 मैचों में 11,757 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत लगभग 48.58 है। उनके नाम 33 शतक और 62 अर्धशतक दर्ज हैं।
वह वनडे क्रिकेट के इतिहास में तीन दोहरे शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं। उन्होंने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 173 गेंदों पर 264 रन बनाए थे। यह अब भी पुरुष वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है।
रोहित का वनडे करियर केवल बड़े आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उन्होंने मध्यक्रम के बल्लेबाज के रूप में शुरुआत की थी, लेकिन 2013 में सलामी बल्लेबाज बनाए जाने के बाद उनका करियर पूरी तरह बदल गया। इसके बाद वह आधुनिक वनडे क्रिकेट के सबसे सफल और प्रभावशाली सलामी बल्लेबाजों में शामिल हो गए।
फिटनेस और उम्र को लेकर पहले भी उठते रहे सवाल
रोहित की बल्लेबाजी क्षमता पर शायद ही किसी को संदेह हो, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी फिटनेस और उम्र को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से 7 मई 2025 को संन्यास की घोषणा की थी। इससे पहले 29 जून 2024 को टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ चुके थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित ने वनडे टीम में बने रहने के लिए अपनी फिटनेस पर मेहनत की है। इसके बावजूद चयन समिति लंबी अवधि की योजना में युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता देना चाहती है।
यह फैसला केवल एक खिलाड़ी को हटाने तक सीमित नहीं है। चयनकर्ताओं को यह भी तय करना होगा कि अनुभवी खिलाड़ी के रिकॉर्ड, बड़े मुकाबलों की क्षमता और ड्रेसिंग रूम में उनकी भूमिका की भरपाई किस तरह की जाएगी।
टीम प्रबंधन के बयान और चयनकर्ताओं की रिपोर्ट में अंतर
इस मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि चयनकर्ताओं के कथित रुख और भारतीय टीम प्रबंधन के सार्वजनिक बयान में अंतर दिखाई देता है।
एक ओर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयन समिति रोहित से आगे बढ़ना चाहती है। दूसरी ओर बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने उनका खुलकर समर्थन किया है और कहा है कि दो मैचों में रन न बनने से कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता।
यह भी संभव है कि टीम प्रबंधन मौजूदा सीरीज के दौरान खिलाड़ी पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहता हो। चयन संबंधी फैसले आमतौर पर चयन समिति करती है, जबकि कोचिंग स्टाफ का काम मौजूदा टीम के खिलाड़ियों का समर्थन करना होता है। इसलिए दोनों बातों को सीधे विरोधाभासी मानना आवश्यक नहीं है।
संन्यास और टीम से बाहर होने में है बड़ा अंतर
रोहित शर्मा के भविष्य पर चर्चा करते समय संन्यास और चयन न होने के बीच अंतर समझना जरूरी है। यदि रोहित स्वयं वनडे क्रिकेट छोड़ने की घोषणा करते हैं, तो वह औपचारिक संन्यास होगा।
यदि वह खेलना जारी रखना चाहते हैं, लेकिन चयनकर्ता उन्हें अगली सीरीज के लिए नहीं चुनते, तो तकनीकी रूप से उन्होंने संन्यास नहीं लिया होगा। वह घरेलू क्रिकेट में खेलकर या उपलब्ध रहकर वापसी का इंतजार कर सकते हैं।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चयनकर्ताओं ने फैसला रोहित के ऊपर छोड़ा है, लेकिन साथ ही संकेत दिया है कि इंग्लैंड दौरे के बाद वह उनकी योजना में नहीं हैं। यही स्थिति उनके भविष्य को लेकर असमंजस पैदा कर रही है।
BCCI की आधिकारिक घोषणा का इंतजार
अभी तक BCCI ने किसी बैठक, अल्टीमेटम या रोहित को 2027 विश्व कप की योजना से बाहर करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रोहित ने भी सार्वजनिक तौर पर यह नहीं कहा है कि वह लॉर्ड्स के बाद संन्यास लेने जा रहे हैं।
ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे “Last ODI” या “Retirement Confirmed” जैसे दावों को पक्की खबर नहीं माना जाना चाहिए। फिलहाल सत्यापित स्थिति केवल इतनी है कि एक प्रतिष्ठित अखबार ने बोर्ड सूत्रों के हवाले से चयनकर्ताओं के फैसले की रिपोर्ट दी है और रोहित का इंग्लैंड दौरे के बाद चयन अनिश्चित दिखाई दे रहा है।
लॉर्ड्स में उनकी पारी, सीरीज का नतीजा और मुकाबले के बाद रोहित तथा BCCI के बयान आगे की स्थिति तय कर सकते हैं।
भारतीय टीम पर पड़ेगा दूरगामी असर
यदि रोहित शर्मा का वनडे करियर समाप्त होता है, तो भारतीय टीम को केवल एक सलामी बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि लंबे अनुभव वाला बड़ा मैच खिलाड़ी भी खोना पड़ेगा।
रोहित नई गेंद के खिलाफ तेजी से रन बनाने, स्पिन के विरुद्ध लंबी पारी खेलने और बड़े टूर्नामेंट में दबाव संभालने की क्षमता रखते हैं। उनके हटने से भारतीय टीम का शीर्ष क्रम अधिक युवा हो जाएगा, लेकिन अनुभव की कमी भी दिखाई दे सकती है।
दूसरी ओर युवा खिलाड़ियों को नियमित अवसर मिलने से टीम को 2027 वर्ल्ड कप से पहले नया सलामी संयोजन तैयार करने का समय मिलेगा। शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और दूसरे युवा बल्लेबाजों को जिम्मेदारी संभालनी होगी।
लॉर्ड्स का मुकाबला तय कर सकता है कहानी का अगला अध्याय
रोहित शर्मा के लिए लॉर्ड्स का तीसरा वनडे साधारण मुकाबला नहीं रह गया है। एक बड़ी पारी उनके आलोचकों को जवाब दे सकती है, लेकिन केवल एक मैच के प्रदर्शन से चयनकर्ताओं की दीर्घकालिक योजना बदल जाएगी, यह निश्चित नहीं है।
यदि वह संन्यास की घोषणा करते हैं, तो लॉर्ड्स उनके महान वनडे करियर का भावनात्मक अंत बन सकता है। यदि वह खेलना जारी रखने का फैसला करते हैं, तो अगली टीम की घोषणा बताएगी कि चयनकर्ताओं ने वास्तव में उनसे आगे बढ़ने का निर्णय लिया है या अनुभव को एक और अवसर दिया जाएगा।
फिलहाल इतना तय है कि भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल वनडे बल्लेबाजों में शामिल रोहित शर्मा अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं।
FAQ
1. रोहित शर्मा BCCI की बैठक से नाराज क्यों थे?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चयनकर्ताओं ने रोहित शर्मा को बताया कि इंग्लैंड सीरीज के बाद वह भविष्य की वनडे योजनाओं और 2027 विश्व कप की टीम का हिस्सा नहीं माने जा रहे हैं। रोहित वनडे खेलना जारी रखना चाहते थे, इसलिए वह बोर्ड अधिकारियों से मिले जवाब से संतुष्ट नहीं बताए गए। हालांकि इस बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
2. BCCI की ‘Last ODI’ बैठक में क्या चर्चा हुई?
रिपोर्ट के अनुसार चयन समिति ने रोहित शर्मा और मुख्य कोच गौतम गंभीर से बातचीत कर युवा खिलाड़ियों को अवसर देने तथा 2027 विश्व कप के लिए नया सलामी संयोजन तैयार करने की योजना बताई। BCCI ने ऐसी किसी “Last ODI” बैठक की आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
3. क्या रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने वाले हैं?
अभी रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा नहीं की है। रिपोर्ट में केवल संभावना जताई गई है कि 19 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा वनडे उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है।
4. BCCI ने इस मामले पर क्या फैसला लिया?
BCCI ने सार्वजनिक रूप से कोई फैसला घोषित नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि सीनियर चयन समिति इंग्लैंड दौरे के बाद रोहित से आगे बढ़ना चाहती है और युवा सलामी बल्लेबाजों को मौका देना चाहती है।
5. इस फैसले का भारतीय क्रिकेट टीम पर क्या असर पड़ेगा?
रोहित के बाहर होने पर भारत को नया स्थायी सलामी बल्लेबाज तैयार करना होगा। यशस्वी जायसवाल को प्रमुख विकल्प माना जा रहा है। इससे टीम युवा होगी, लेकिन रोहित का अनुभव, बड़े मुकाबलों का प्रदर्शन और आक्रामक शुरुआत देने की क्षमता टीम को याद आ सकती है।

