Mumbai Water Stock : मुंबई में मानसून के बीच पानी को लेकर राहत की खबर है। शहर को पीने का पानी उपलब्ध कराने वाली सात प्रमुख झीलों में जल भंडार लगातार मजबूत बना हुआ है। सोमवार, 10 अगस्त 2026 की सुबह 6 बजे तक इन झीलों में कुल उपयोगी पानी 88.88% पहुंच गया। एक दिन पहले यह आंकड़ा 88.70% था। यानी 24 घंटे में जल भंडार में 0.18 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग (Hydraulic Engineer’s Department) की रिपोर्ट के मुताबिक, सातों जलाशयों में करीब 12,86,403 मिलियन लीटर पानी जमा है। इन झीलों की कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है।
मुंबई के लिए यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि शहर की पानी की जरूरत का बड़ा हिस्सा इन्हीं जलाशयों से पूरा होता है। मानसून के दौरान कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है।

मुंबई की 7 झीलों में किसका कितना पानी
मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था में सात प्रमुख जलाशय शामिल हैं। इनमें अपर वैतरणा (Upper Vaitarna), मिडिल वैतरणा (Middle Vaitarna), तानसा (Tansa), मोडक सागर (Modak Sagar), भातसा (Bhatsa), विहार (Vihar) और तुलसी (Tulsi) शामिल हैं।
10 अगस्त की सुबह उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विहार झील 100% भर चुकी थी। तुलसी भी लगभग पूरी तरह भरी हुई थी। मोडक सागर 99.99% और तानसा 99.02% क्षमता तक पहुंच चुका था। अपर वैतरणा में 80.14% और मिडिल वैतरणा में 91.18% पानी था, जबकि भातसा में जल भंडार 86.43% दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि ज्यादातर जलाशय अपनी अधिकतम उपयोगी क्षमता के बेहद करीब हैं। खास तौर पर विहार, तुलसी, मोडक सागर और तानसा में पानी का स्तर काफी मजबूत स्थिति में पहुंच गया है।

जुलाई में ही छलकने लगी थीं मुंबई की झीलें
इस मानसून में मुंबई के कई जलाशयों ने जुलाई में ही ओवरफ्लो करना शुरू कर दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, विहार और तुलसी झीलों से 7 जुलाई को पानी बहना शुरू हुआ था।
इसके बाद तानसा डैम 22 जुलाई और मोडक सागर 23 जुलाई को ओवरफ्लो हुआ। इसका मतलब है कि मानसून के दौरान इन जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश हुई और पानी की आवक तेजी से बढ़ी।
यह स्थिति मुंबई के लिए खास तौर पर राहत देने वाली है, क्योंकि मानसून के शुरुआती दौर में जलाशयों में पानी की कमी रहने पर बाद के महीनों में पानी कटौती का खतरा बढ़ सकता है। इस बार जुलाई में ही कई जलाशयों के भरने से जल भंडार की स्थिति मजबूत हुई है।
एक दिन में कितना बढ़ा मुंबई का पानी
सोमवार को मुंबई के सातों जलाशयों में कुल जल भंडार 88.88% रहा, जबकि रविवार को यह 88.70% था। यानी एक दिन में 0.18 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
कुल उपयोगी जल भंडार करीब 12.86 लाख मिलियन लीटर है। कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर होने के मुकाबले यह काफी ऊंचा स्तर है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून की बारिश जारी है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में पानी की आवक के आधार पर यह आंकड़ा और ऊपर जा सकता है।
मुंबई के लिए क्यों अहम है 88.88% जल भंडार
मुंबई जैसे बड़े महानगर के लिए जलाशयों में पर्याप्त पानी होना सीधे तौर पर शहर की रोजाना पानी की सप्लाई से जुड़ा है। जल भंडार मजबूत रहने पर प्रशासन को गर्मियों तक पानी उपलब्ध कराने की बेहतर स्थिति मिलती है।
हालांकि, किसी एक दिन का आंकड़ा पूरे साल की पानी की स्थिति तय नहीं करता। मानसून खत्म होने के बाद जलाशयों में कितना पानी बचता है, गर्मियों में खपत कितनी रहती है और अगले मानसून तक बारिश कैसी रहती है, इन सभी बातों का असर पानी की उपलब्धता पर पड़ता है।
फिलहाल 88.88% का स्तर यह संकेत देता है कि मुंबई के जलाशयों की स्थिति आरामदायक बनी हुई है और मानसून के दौरान पानी की आवक ने शहर के जल भंडार को मजबूत किया है।
आगे भी बारिश पर रहेगी नजर
मुंबई में मानसून अभी जारी है, इसलिए BMC जलाशयों के जलस्तर और कैचमेंट क्षेत्रों में बारिश पर लगातार नजर रखेगी। अगर आने वाले हफ्तों में अच्छी बारिश जारी रहती है, तो जल भंडार और बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, लगातार भारी बारिश होने पर जलाशयों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थितियों पर भी प्रशासन को नजर रखनी पड़ती है। इसलिए फिलहाल फोकस सिर्फ झीलों के भरने पर नहीं, बल्कि बारिश और जल प्रबंधन दोनों पर है।
मुंबई की सात झीलों से जुड़ी अहम बातें
मुंबई के लिए सात प्रमुख जलाशय शहर की पेयजल व्यवस्था का आधार हैं। इनमें भातसा सबसे महत्वपूर्ण बड़े जलाशयों में शामिल है, जबकि विहार और तुलसी शहर के पुराने जल स्रोतों में गिने जाते हैं। मानसून के दौरान इन जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में होने वाली बारिश सीधे तौर पर मुंबई के जल भंडार को प्रभावित करती है।
इसलिए BMC की ओर से इन सातों झीलों के जलस्तर का दैनिक आधार पर आंकलन किया जाता है। 10 अगस्त की स्थिति में कुल भंडार 88.88% पहुंचना शहर के लिए मानसून के लिहाज से मजबूत स्थिति को दिखाता है।
FAQ
1. मुंबई का वर्तमान पानी का स्टॉक कितना है?
10 अगस्त 2026 की सुबह 6 बजे तक मुंबई की सात प्रमुख झीलों में कुल उपयोगी जल भंडार 88.88% था। इनमें करीब 12,86,403 मिलियन लीटर पानी जमा था।
2. मुंबई के पानी के स्टॉक में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
एक दिन पहले जल भंडार 88.70% था। सोमवार को यह बढ़कर 88.88% हो गया। यानी एक दिन में 0.18 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।
3. मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलें कौन-सी हैं?
मुंबई की प्रमुख सात झीलें अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, तानसा, मोडक सागर, भातसा, विहार और तुलसी हैं।
4. मुंबई के जल भंडार में बढ़ोतरी क्यों हुई है?
मानसून के दौरान मुंबई और जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से इन जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। इसी वजह से कुल जल भंडार में सुधार हुआ है।
5. एक दिन में मुंबई की सात झीलों में कितना पानी बढ़ा?
कुल प्रतिशत के हिसाब से जल भंडार में 0.18 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। 10 अगस्त को कुल उपयोगी पानी करीब 12,86,403 मिलियन लीटर दर्ज किया गया।

