UGC NET Retest 2026 को लेकर हजारों उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जून 2026 में आयोजित UGC-NET के English, Commerce और Sociology के पेपर अब दोबारा कराए जाएंगे। National Testing Agency यानी NTA की जांच में इन प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद और प्रश्नों की पुनरावृत्ति जैसी कई गड़बड़ियां सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार और NTA पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि परीक्षा एजेंसी की गलती की कीमत छात्रों को क्यों चुकानी पड़ रही है, जबकि उम्मीदवारों ने महीनों तैयारी करने के साथ फीस, यात्रा और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में समय और पैसा खर्च किया था।
UGC NET Retest 2026 क्यों कराया जा रहा है?
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित की गई थी। इसके बाद English, Commerce और Sociology के प्रश्नपत्रों को लेकर उम्मीदवारों की शिकायतें सामने आईं।
शिकायतों की जांच के लिए NTA की ओर से गठित समिति ने प्रश्नपत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां पाईं। इनमें विद्वानों के नाम गलत लिखे जाने, किताबों के शीर्षकों में गड़बड़ी, प्रश्नों की भाषा में त्रुटियां, व्याकरण और अनुवाद संबंधी गलतियां, punctuation errors और गैर–मानक terminology शामिल थीं।
इसके अलावा कई प्रश्न पहले की परीक्षाओं में पूछे जा चुके थे।
NTA के मुताबिक गड़बड़ियां इतनी व्यापक थीं कि केवल गलत प्रश्नों को हटाकर या challenge process के जरिए समस्या का समाधान करना उचित नहीं होगा। इसलिए इन तीनों विषयों की fresh examination कराने का फैसला लिया गया।

किन विषयों की परीक्षा फिर होगी?
NTA के कार्यक्रम के अनुसार:
- English: 9 सितंबर 2026
- Commerce: 9 सितंबर 2026
- Sociology: 10 सितंबर 2026
महत्वपूर्ण बात यह है कि UGC NET Retest 2026 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से दोबारा examination fee नहीं ली जाएगी।
NTA ने यह भी कहा है कि बाकी 84 विषयों के परिणाम तय कार्यक्रम के अनुसार जारी किए जाएंगे और retest के कारण उपलब्ध सीटों का आवंटन कम नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी ने NTA पर क्यों साधा निशाना?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार और NTA पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन छात्रों ने महीनों और वर्षों तक परीक्षा की तैयारी की, फॉर्म भरा, फीस जमा की और दूर–दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की, उन्हें NTA की गलती के कारण दोबारा परीक्षा देने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि NTA ने गलती की, लेकिन उसकी सजा छात्र भुगत रहे हैं।
उन्होंने परीक्षा की गड़बड़ियों के साथ–साथ एक और गंभीर सवाल उठाया—क्या इन प्रश्नपत्रों में सिर्फ errors थे या परीक्षा से पहले इनके leak होने की भी जांच होनी चाहिए?
राहुल गांधी ने NTA के नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की भी मांग की और कहा कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
UGC-NET में आखिर क्या तय होता है?
UGC-NET देशभर में आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा है। जून 2026 की परीक्षा 87 विषयों में आयोजित की गई थी।
इस परीक्षा के जरिए उम्मीदवारों की पात्रता मुख्य रूप से Junior Research Fellowship (JRF), Assistant Professor और PhD admissions से जुड़ी होती है।
ऐसे में प्रश्नपत्र में factual या translation errors जैसी गड़बड़ियां उम्मीदवारों के प्रदर्शन और परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती हैं। यही वजह है कि NTA ने तीन विषयों के लिए पूरी परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया।
क्या सभी UGC-NET उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देनी होगी?
नहीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक दोबारा परीक्षा केवल English, Commerce और Sociology विषयों के उम्मीदवारों के लिए होगी।
बाकी 84 विषयों के परिणाम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी किए जाएंगे। Retest देने वाले उम्मीदवारों से अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
छात्रों की परेशानी पर फिर उठे सवाल
UGC NET Retest 2026 ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में question paper preparation और quality control को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
उम्मीदवारों के लिए परीक्षा सिर्फ एक दिन का टेस्ट नहीं होती। इसके पीछे महीनों की पढ़ाई, coaching, travel, fees और मानसिक तैयारी होती है। ऐसे में परीक्षा एजेंसी की गलती के कारण retest होने से उम्मीदवारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ना स्वाभाविक है।
हालांकि, NTA का तर्क है कि प्रश्नपत्रों में गड़बड़ियां इतनी व्यापक थीं कि केवल कुछ प्रश्न हटाकर परिणाम घोषित करना निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित नहीं करता। इसलिए fresh examination को बेहतर विकल्प माना गया।
निष्कर्ष
UGC NET Retest 2026 के तहत English और Commerce की परीक्षा 9 सितंबर तथा Sociology की परीक्षा 10 सितंबर को होगी। NTA ने स्पष्ट किया है कि retest के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
वहीं, राहुल गांधी ने इस फैसले के जरिए परीक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। अब सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए question paper तैयार करने और जांचने की प्रक्रिया को कितना मजबूत किया जाता है।
FAQs
- UGC NET Retest 2026 क्यों आयोजित किया जा रहा है?
English, Commerce और Sociology के प्रश्नपत्रों में factual, typographical, translation और repeated questions जैसी कई गड़बड़ियां मिलने के बाद NTA ने इन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। - NTA ने UGC-NET परीक्षा में क्या गलती की?
जांच में विद्वानों के नाम और किताबों के शीर्षकों में गलतियां, प्रश्नों की wording, grammar, translation और punctuation से जुड़ी त्रुटियां तथा पुराने प्रश्नों की पुनरावृत्ति सामने आई। - Rahul Gandhi ने UGC NET Retest 2026 को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि NTA की गलती की कीमत छात्रों को चुकानी पड़ रही है और परीक्षा एजेंसी तथा उसके नेतृत्व की जवाबदेही तय होनी चाहिए। - किन Subjects के लिए UGC NET Re-Exam होगा?
English और Commerce का retest 9 सितंबर 2026 को और Sociology का retest 10 सितंबर 2026 को होगा। - क्या UGC NET Retest के लिए छात्रों को दोबारा Fee देनी होगी?
नहीं। NTA के अनुसार retest में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से अतिरिक्त examination fee नहीं ली जाएगी।

